RR vs LSG: घर में घुसकर राजस्थान ने रौंदा, पंत की लखनऊ टीम के नाम दर्ज हुआ शर्मनाक रिकॉर्ड
Most Consecutive Defeats at Home Venue in IPL: एलएसजी को अपने घर में लगातार सातवें और मौजूदा सत्र में पांचवें मैच में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। ...और पढ़ें

IPL 2026: राजस्थान से मिली हार के बाद LSG के नाम जुड़ा शर्मनाक रिकॉर्ड
विकास मिश्र, जागरण लखनऊ। आईपीएल के मौजूदा सीजन में पहली बार लखनऊ सुपर जायंट्स की पेस बैटरी लय में नजर आई।
बुधवार को अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में हुए बेहद अहम मुकाबले में अनुभवी मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव और मोहसिन खान ने शानदार गेंदबाजी से राजस्थान रॉयल्स जैसी मजबूत टीम को 159 रन पर रोककर जिम्मेदारी पूरी की, लेकिन बल्लेबाजों ने एक बार फिर टीम की नाक कटा दी, जिससे एलएसजी को अपने घर में लगातार सातवें और वर्तमान सत्र में पांचवें मैच में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा।
160 रनों के जवाब में लखनऊ की टीम निर्धारित ओवर भी नहीं खेल सकी और 18 ओवर में 119 रनों पर सिमट गई। राजस्थान रॉयल्स ने संतुलित खेल का प्रदर्शन किया और बल्लेबाजी वाली पिच पर औसत लक्ष्य का सफलतापूर्वक बचाव किया। कप्तान ऋषभ पंत, उपकप्तान निकोलस पूरन और एडन मार्करम की शर्मनाक बल्लेबाजी की वजह से अब एलएसजी के लिए प्लेआफ की राह भी मुश्किल हो गई है।
पंत, पूरन और मार्करम ने डुबोई टीम की नैया
पिछले साल लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए मिचेल मार्श और एडन मार्करम ने नियमित ओपनर की जिम्मेदारी निभाई और कई मैचों में टीम को अच्छी शुरुआत भी दिलाई, लेकिन इस बार एलएसजी प्रबंधन शुरुआत से ही बल्लेबाजी क्रम में प्रयोग कर रहा है, जिसका उसे अच्छा परिणाम नहीं मिल पाया है। पिछले तीन मैचों से आयुष बडोनी मार्श के जोड़ीदार हैं, पर वह सिर्फ एक मैच में सफल रहे।
लखनऊ के गेंदबाजों ने जब राजस्थान रॉयल्स को 159 रनों पर रोका तो शायद उसके समर्थकों को यह भरोसा था कि टीम यह लक्ष्य आसानी से पा लेगी, लेकिन शीर्षक्रम से मध्यक्रम पूरी तरह विफल रहा। आलम यह रहा कि 11 रन के कुल स्कोर पर लखनऊ के तीन शीर्ष बल्लेबाज आयुष बडोनी (00), ऋषभ पंत (00) और एडन मार्करम (00) पवेलियन लौट गए। यहां से मेजबान टीम के लिए लक्ष्य तक पहुंचने की डगर कठिन होती गई।
निकोलस पूरन लगातार सातवें मैच में फिसड्डी साबित हुए और 22 रन बनाने में 25 गेंदों का सामना किया। इस दौरान उनके एक भी शाट में आत्मविश्वास नहीं नजर आया। पूरन सात मैचों में सिर्फ 73 रन बना पाए हैं, जबकि पंत ने इतने मैचों में 147 रन जोड़े हैं।
हिम्मत सिंह (15) और मुकुल चौधरी (07) से टीम को बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन ये दोनों भी कोई कमाल नहीं कर पाए। हालांकि, एक छोर पर जमे मिचेल मार्श (55) ने उम्मीदें जीवित रखी थी, पर उनके आउट होते ही स्टेडियम की दर्शक दीर्घा से कुर्सियां खाली होने लगीं।
मार्श ने अपनी जुझारू पारी में 41 गेंदों पर छह चौके व दो छक्के लगाए। पिछले मैचों की तरह इस मुकाबले में भी लखनऊ को बड़ी साझेदारी की कमी खली। राजस्थान के गेंदबाजों खासकर ज्योफ्रा आर्चर ने बेहतरीन गेंदबाजी की। उन्हें बर्जर और बृजेश शर्मा से पूरा समर्थन भी मिला। इन तीनों गेंदबाजों ने लखनऊ के बल्लेबाजों को क्रीज पर जमने नहीं दिया।
यशस्वी और सूर्यवंशी फेल, जडेजा ने जमाया रंग
इसके पहले एलएसजी ने टास जीतकर पहले फील्डिंग चुनी। बाएं हाथ के बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (22) और वैभव सूर्यवंशी (08) ने अपने चिर-परिचित अंदाज में शुरुआत की। राजस्थान ने 2.4 ओवर में 32 रन जोड़े लिए थे, लेकिन मोहम्मद शमी ने अपने दूसरे और मैच के तीसरे ओवर की पांचवीं और आखिरी गेंद पर लगातार विकेट लेकर लखनऊ की जोरदार वापसी कराई।
उन्होंने पहले खतरनाक साबित हो रहे यशस्वी और फिर नए बल्लेबाज ध्रुव जुरेल को विकेट के पीछे कैच आउट कराकर राजस्थान को तगड़ा झटका दिया। लगातार दो सफलता मिलने के बाद उत्साहित ऋषभ पंत ने गेंदबाजी में बदलाव करते हुए बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहसिन खान मोर्चे पर लगाया।
मोहसिन ने कप्तान को निराश नहीं किया और अपने पहले ओवर की आखिरी गेंद पर स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को दिग्वेश राठी के हाथों कैच कराकर लखनऊ को तीसरा विकेट दिलाया। राठी ने मेडआन में करीब 19 मीटर उल्टा दौड़कर कठिन कैच लपका।
राजस्थान रॉयल्स की टीम नौ ओवर में 62 रनों पर चार विकेट गंवाकर मुश्किल में थी। कप्तान रियान पराग (20) और हेटमायर (22) भी जल्दी पवेलियन लौटे। इसके बाद पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे आलराउंडर रवींद्र जडेजा ने न सिर्फ 43 रनों की नाबाद पारी खेली, बल्कि टीम के लिए संकट मोचक भी साबित हुए। शुरू के 20 रन के व्यक्तिगत स्कोर में जडेजा के बल्ले से एक भी बाउंड्री नहीं निकली थी, लेकिन उन्हें अपनी बल्लेबाजी पर भरोसा था।
जडेजा ने सीजन का पहला मैच खेल रहे स्पीड स्टार मयंक यादव को निशाना बनाया और उनके दो ओवर में 32 रन जोड़े। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने मैच के आखिरी ओवर में 20 रन बनाकर राजस्थान का स्कोर 150 रन के पार पहुंचाया। मयंक ने चार ओवर में 56 रन लुटाए।
शीर्ष तीन बल्लेबाजों का इस सीजन में प्रदर्शन
| खिलाड़ी | मैच | रन | सर्वश्रेष्ठ स्कोर | औसत |
| निकोलस पूरन | 7 | 73 | 19 | 8.50 |
| ऋषभ पंत | 7 | 147 | 68 | 21.57 |
| एडम मार्करम | 7 | 162 | 45 | 27 |
IPL में अपने घरेलू मैदान पर लगातार सबसे अधिक हार
9- दिल्ली कैपिटल्स, दिल्ली में (2013-15)
8-डेक्कन चार्जर्स, हैदराबाद में (2008-11)
7-डेक्कन चार्जर्स, हैदराबाद में (2011-12)
7-पुणे वारियर्स इंडिया, पुणे में (2012-13)
7 -लखनऊ सुपर जायंट्स, लखनऊ में (2025-26)
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प्रिंस यादव और मोहसिन खान ने शानदार गेंदबाजी से राजस्थान रॉयल्स जैसी मजबूत टीम को 159 रन पर रोककर जिम्मेदारी पूरी की, लेकिन बल्लेबाजों ने एक बार फिर टीम की नाक कटा दी, जिससे एलएसजी को अपने घर में लगातार सातवें और वर्तमान सत्र में पांचवें मैच में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा।
160 रनों के जवाब में लखनऊ की टीम निर्धारित ओवर भी नहीं खेल सकी और 18 ओवर में 119 रनों पर सिमट गई। राजस्थान रॉयल्स ने संतुलित खेल का प्रदर्शन किया और बल्लेबाजी वाली पिच पर औसत लक्ष्य का सफलतापूर्वक बचाव किया। कप्तान ऋषभ पंत, उपकप्तान निकोलस पूरन और एडन मार्करम की शर्मनाक बल्लेबाजी की वजह से अब एलएसजी के लिए प्लेआफ की राह भी मुश्किल हो गई है।
पंत, पूरन और मार्करम ने डुबोई टीम की नैया
पिछले साल लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए मिचेल मार्श और एडन मार्करम ने नियमित ओपनर की जिम्मेदारी निभाई और कई मैचों में टीम को अच्छी शुरुआत भी दिलाई, लेकिन इस बार एलएसजी प्रबंधन शुरुआत से ही बल्लेबाजी क्रम में प्रयोग कर रहा है, जिसका उसे अच्छा परिणाम नहीं मिल पाया है। पिछले तीन मैचों से आयुष बडोनी मार्श के जोड़ीदार हैं, पर वह सिर्फ एक मैच में सफल रहे।
लखनऊ के गेंदबाजों ने जब राजस्थान रॉयल्स को 159 रनों पर रोका तो शायद उसके समर्थकों को यह भरोसा था कि टीम यह लक्ष्य आसानी से पा लेगी, लेकिन शीर्षक्रम से मध्यक्रम पूरी तरह विफल रहा। आलम यह रहा कि 11 रन के कुल स्कोर पर लखनऊ के तीन शीर्ष बल्लेबाज आयुष बडोनी (00), ऋषभ पंत (00) और एडन मार्करम (00) पवेलियन लौट गए। यहां से मेजबान टीम के लिए लक्ष्य तक पहुंचने की डगर कठिन होती गई।
निकोलस पूरन लगातार सातवें मैच में फिसड्डी साबित हुए और 22 रन बनाने में 25 गेंदों का सामना किया। इस दौरान उनके एक भी शाट में आत्मविश्वास नहीं नजर आया। पूरन सात मैचों में सिर्फ 73 रन बना पाए हैं, जबकि पंत ने इतने मैचों में 147 रन जोड़े हैं।
हिम्मत सिंह (15) और मुकुल चौधरी (07) से टीम को बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन ये दोनों भी कोई कमाल नहीं कर पाए। हालांकि, एक छोर पर जमे मिचेल मार्श (55) ने उम्मीदें जीवित रखी थी, पर उनके आउट होते ही स्टेडियम की दर्शक दीर्घा से कुर्सियां खाली होने लगीं।
मार्श ने अपनी जुझारू पारी में 41 गेंदों पर छह चौके व दो छक्के लगाए। पिछले मैचों की तरह इस मुकाबले में भी लखनऊ को बड़ी साझेदारी की कमी खली। राजस्थान के गेंदबाजों खासकर ज्योफ्रा आर्चर ने बेहतरीन गेंदबाजी की। उन्हें बर्जर और बृजेश शर्मा से पूरा समर्थन भी मिला। इन तीनों गेंदबाजों ने लखनऊ के बल्लेबाजों को क्रीज पर जमने नहीं दिया।
यशस्वी और सूर्यवंशी फेल, जडेजा ने जमाया रंग
इसके पहले एलएसजी ने टास जीतकर पहले फील्डिंग चुनी। बाएं हाथ के बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (22) और वैभव सूर्यवंशी (08) ने अपने चिर-परिचित अंदाज में शुरुआत की। राजस्थान ने 2.4 ओवर में 32 रन जोड़े लिए थे, लेकिन मोहम्मद शमी ने अपने दूसरे और मैच के तीसरे ओवर की पांचवीं और आखिरी गेंद पर लगातार विकेट लेकर लखनऊ की जोरदार वापसी कराई।
उन्होंने पहले खतरनाक साबित हो रहे यशस्वी और फिर नए बल्लेबाज ध्रुव जुरेल को विकेट के पीछे कैच आउट कराकर राजस्थान को तगड़ा झटका दिया। लगातार दो सफलता मिलने के बाद उत्साहित ऋषभ पंत ने गेंदबाजी में बदलाव करते हुए बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहसिन खान मोर्चे पर लगाया।
मोहसिन ने कप्तान को निराश नहीं किया और अपने पहले ओवर की आखिरी गेंद पर स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को दिग्वेश राठी के हाथों कैच कराकर लखनऊ को तीसरा विकेट दिलाया। राठी ने मेडआन में करीब 19 मीटर उल्टा दौड़कर कठिन कैच लपका।
राजस्थान रॉयल्स की टीम नौ ओवर में 62 रनों पर चार विकेट गंवाकर मुश्किल में थी। कप्तान रियान पराग (20) और हेटमायर (22) भी जल्दी पवेलियन लौटे। इसके बाद पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे आलराउंडर रवींद्र जडेजा ने न सिर्फ 43 रनों की नाबाद पारी खेली, बल्कि टीम के लिए संकट मोचक भी साबित हुए। शुरू के 20 रन के व्यक्तिगत स्कोर में जडेजा के बल्ले से एक भी बाउंड्री नहीं निकली थी, लेकिन उन्हें अपनी बल्लेबाजी पर भरोसा था।
जडेजा ने सीजन का पहला मैच खेल रहे स्पीड स्टार मयंक यादव को निशाना बनाया और उनके दो ओवर में 32 रन जोड़े। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने मैच के आखिरी ओवर में 20 रन बनाकर राजस्थान का स्कोर 150 रन के पार पहुंचाया। मयंक ने चार ओवर में 56 रन लुटाए।
शीर्ष तीन बल्लेबाजों का इस सीजन में प्रदर्शन
| खिलाड़ी | मैच | रन | सर्वश्रेष्ठ स्कोर | औसत |
| निकोलस पूरन | 7 | 73 | 19 | 8.50 |
| ऋषभ पंत | 7 | 147 | 68 | 21.57 |
ं
एडम मार्करम
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