वैभव सूर्यवंशी को आखिर क्यों मिलना चाहिए T20I में डेब्यू? 3 प्रमुख कारण सबके सामने आए
आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह दी गई। ...और पढ़ें
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वैभव सूर्यवंशी
HighLights
शनिवार को खेला जाएगा दूसरा टी20
एमिरेट्स ओल्ड ट्रैफर्ड में होगा मैच
बारिश में धुल गया था पहला मुकाबला
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। इन दिनों हर एक क्रिकेट प्रेमी वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू की बाट जोह रहा है। आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले वैभव को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह दी गई। हालांकि, वह आयरलैंड दौरे पर डेब्यू कैप नहीं पा सके।
इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में भी वैभव का डेब्यू नहीं हुआ। अब शनिवार को होने वाले दूसरे टी20 से पहले कयास लगाए जा रहे हैं कि वैभव का इंटरनेशनल क्रिकेट में पदार्पण हो सकता है। आइए ऐसे 3 कारण जानते हैं, जिनके चलते वैभव सूयवंशी को दूसरे टी20 में मौका मिलना चाहिए।
Durham ➔ Manchester 📍#TeamIndia on the move for 2️⃣nd #ENGvIND T20I 🚌 pic.twitter.com/XDdIUrzycE
— BCCI (@BCCI) July 3, 2026
आईपीएल 2026 में तबाही
आईपीएल 2025 में वैभव सूर्यवंशी ने टीजर दिखाया था। 19वें सीजन में उन्होंने पूरी पिक्चर दिखाई। वह आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। ऑरेंज कैप जीतने वाले वैभव ने 16 मैच की 16 पारियों में 48.50 की औसत और 237.31 की स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 5 अर्धशतक लगाए। वैभव के इस प्रदर्शन को देखते हुए सेलेक्टर्स ने उन्हें भारतीय टीम में जगह दी।
संजू सैमसन का बल्ला खामोश
आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज से पहले सबसे बड़ा सवाल था कि वैभव को किसकी जगह मौका दिया जाए? हालांकि, अब इस सवाल का जवाब मिलता नजर आ रहा है। संजू ने पिछले 3 टी20 में 6 रन ही बनाए हैं। ऐसे में अभिषेक शर्मा के जोड़ीदार के रूप में वैभव को उतारा जा सकता है। वैभव को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है। ऐसे में उन्हें मौके देना भी जरूरी है।
फीयरलेस एप्रोच
फटाफट क्रिकेट में जिस एप्रोच की जरूरत होती है, वह वैभव के पास है। आईपीएल 2026 में वैभव का स्ट्राइक रेट 237.30 का रहा। उन्होंने 19वें सीजन में 72 छक्के जड़े। इन आंकड़ों से साफ है कि वह मैदान पर तहलका मचाने के लिए आते हैं। उनके सामने दुनिया का कोई भी गेंदबाज हो, वैभव को फर्क नहीं पड़ता है। वह अपने ही अंदाज में बल्लेबाजी करते हैं और गेंदबाज को दबाव में डाल देते हैं।