T20 World Cup: भाई से भी बढ़कर सूर्यकुमार यादव को हराने के लिए खेलेगा USA का खिलाड़ी, बुमराह-अक्षर के राज भी हैं पता
शुभम रंजने आगामी टी20 वर्ल्ड कप में अमेरिका क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। रंजने अमेरिका में बसने से पहले मुंबई क्रिकेट टीम का हिस्सा थे और भा ...और पढ़ें

शुभम रंजने और सूर्यकुमार यादव
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत और यूएसए के बीच 7 फरवरी को टी20 वर्ल्ड कप 2026 का मुकाबला खेला जाएगा। इस दिन दो पक्के यार एक-दूसरे के खिलाफ उतरेंगे। जी हां, भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और अमेरिकी ऑलराउंडर शुभम रंजने खास यार हैं। इन दोनों के बीच रोमांचक जंग देखने को मिलेगी।
बता दें कि शुभम रंजने पहली बार टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेंगे। वह यूएसए का प्रतिनिधित्व करेंगे। शुभम अमेरिका में बसने से पहले मुंबई के लिए क्रिकेट खेलते थे और उन्होंने बताया कि सूर्यकुमार यादव उनके खास दोस्त व बड़े भाई के समान हैं।
सूर्या के बारे में रंजने ने क्या कहा
रंजने ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, 'सूर्या मेरे पक्के यार हैं। वो मेरे भाई की तरह हैं। हमने क्रिकेट के मैदान के बाहर काफी समय बिताया। साथ घूमने की हमारी कई यादें हैं। हम लंबी ड्राइव पर जाते थे और खूब मजे करते थे। तो यहां बात सिर्फ क्रिकेट की नहीं। वो मेरे बड़े भाई की तरह हैं और प्रेरणादायी हैं।'
रंजने के बारे में
बता दें कि शुभम रंजने 2022 में अमेरिका में बसने गए। 31 साल के शुभम बड़े-बड़े शॉट लगाने के लिए जाने जाते हैं और वो मध्यम गति के गेंदबाज भी हैं। शुभम के दादाजी वसंत रंजने ने 1958 से 1964 के बीच भारत के लिए सात टेस्ट खेले। वहीं, उनके पिता सुभाष रंजने ने भारत ए का प्रतिनिधित्व किया और महाराष्ट्र के पूर्व तेज गेंदबाज हैं।
शुभम रंजने ने 15 फर्स्ट क्लास मैचों में 12 विकेट चटकाए और 595 रन बनाए। इसमें एक बार पारी में पांच विकेट लेना शामिल है।
होम कमिंग का सुख
रंजने ने कहा, 'मुंबई वापस आने पर हमेशा महसूस होता है कि घर लौट आया हूं। मैंने अपनी पूरी जिंदगी का क्रिकेट यहां खेला है, जिसमें मैदान क्रिकेट शामिल है। तो इस समय यह सोचकर मेरे रोंगटे खड़े हो गए हैं।' रंजने ने भारत ए के खिलाफ डीवाय पाटिल स्टेडियम पर अभ्यास मैच में 17 गेंदों में 28 रन बनाए और एक विकेट लिया।
31 साल के रंजने ने कहा, 'जब हम वानखेड़े स्टेडियम पर खेलेंगे तो मेरे रोंगटने खड़े हो जाएंगे। वानखेड़े स्टेडियम की मेरी अपनी काफी यादें हैं और इस बार बड़े मंच पर यहां मैच खेलूंगा।'
वानखेड़े की सबसे प्यारी याद
रंजने ने वानखेड़े स्टेडियम की अपनी सबसे प्यारी याद का जिक्र किया। उन्होंने कहा, '2018 में बंगाल के खिलाफ सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का मैच था। यह नॉकआउट में जगह पाने के लिए हमारे लिए करो या मरो मैच था। हमें आखिरी गेंद पर चार रन की दरकार थी। मैंने रिवर्स स्कूप शॉट खेलकर टीम को जीत दिलाई थी। मैंने उस मैच में तीन विकेट भी चटकाए थे। यह मेरी वानखेड़े स्टेडियम की सबसे प्यारी याद है। मुंबई प्रीमियर लीग में वानखेड़े स्टेडियम की भी अच्छी यादें हैं।'
बुमराह के खिलाफ खेलने पर ध्यान
शुभम रंजने और जसप्रीत बुमराह एक ही अंडर-19 बैच के हैं। दोनों ने अंडर-19 स्तर पर एक-दूसरे के खिलाफ खेला है। अमेरिकी ऑलराउंडर ने कहा, 'मैं और जसप्रीत एक ही बैच के थे। हमने अंडर-19 में एक-दूसरे के खिलाफ खेला है। बुमराह ने गुजरात जबकि मैंने महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया। वो, अक्षर पटेल और मैं एनसीए शिविर में साथ रहते थे। उनके खिलाफ शनिवार को मैच खेलना रोमांचक होगा।'
शुभम रंजन भारतीय क्रिकेट को अच्छी तरह समझते हैं और देखना दिलचस्प होगा कि वो यूएसए को जीत दिलाने में कामयाब हो पाते हैं या नहीं। भारतीय टीम खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है और उसे हराना अमेरिका के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं होगा।
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