T20 World Cup में एक हार ने लिखी भारत के जीत की पटकथा, गंभीर-सूर्या के मास्टरस्ट्रोक ने बनाया तीसरी बार चैंपियन
भारत ने टी20 वर्ल्ड कप का टाइटल सफलतापूर्वक डिफेंड किया और तीसरा बार चैंपियन बना। टीम इंडिया गौतम गंभीर और सूर्यकुमार यादव के मास्टरस्ट्रोक से ऐसा करन ...और पढ़ें
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय टीम ने रविवार को न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब तीसरी बार अपने नाम किया। हालांकि, टीम इंडिया का चैंपियन बनना इतना आसान भी नहीं था। भारत की ये जीत किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। भारत को टूर्नामेंट के बीच एक ठोकर लगी और इसके बाद कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने ऐसा फैसला किया, जिसने टीम को चैंपियन बना दिया।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरूआत से ही भारत को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। हालांकि, पहले मैच में यूएसए के खिलाफ भारत की बल्लेबाजी फ्लॉप रही। यही नहीं आने वाले लगातार मैचों में टीम इंडिया के लिए बैटिंग सबसे बड़ी चिंता का विषय बन चुकी थी। भारत के लिए कोई एक खिलाड़ी अच्छा करता था और टीम जीत जाती थी। हालांकि, भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली हार ने हिलाकर रख दिया था।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार
भारतीय टीम ने ग्रुप स्टेज के अपने सभी मुकाबले जीत लिए थे और सुपर-8 के लिए क्वालीफाई कर लिया था। भारत की बल्लेबाजी एक यूनिट की तरह नहीं खेल रही थी। इसकी पोल, अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए मुकाबले में खुली। भारत को इस मैच में 76 रनों से हार का सामना करना पड़ा। ये हार सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम के लिए खरते की घंटी थी क्योंकि न सिर्फ हार बल्कि भारत का रन रेट भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ था। इसके बाद गंभीर और सूर्या ने मास्टरप्लान बनाया, जिसने मेन इन ब्लू की बल्लेबाजी की काया पलट कर रख दी।
गौतम गंभीर और सूर्यकुमार यादव का मास्टरप्लान
साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद सूर्या और गंभीर ने भारत की बल्लेबाजी में बदलाव करने का फैसला किया। टीम इंडिया के लिए अब तक ईशान किशन और अभिषेक शर्मा पारी की शुरूआत कर रहे थे। इससे विपक्षी टीमें ऑफ स्पिनर लगाकर भारत के सलामी बल्लेबाजों को परेशान करना शुरू कर दिया। डिफेंडिंग चैंपियन के लिए ये भारी पड़ रहा था क्योंकि टॉप ऑर्डर लगातार बिखर रहा था। ऐसे में कोच और कप्तान ने मिलकर ओपनिंग में एक दाएं हाथ के बल्लेबाज को लाने का फैसला किया।
ईशान, जो पारी की शुरूआत कर रहे थे, उन्हें तीसरे नंबर पर भेजा गया। इसी के साथ संजू सैमसन ने एंट्री मारी। उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ मौका मिला और 15 गेंदों पर 24 रन बनाए। ऐसा लगा कि शायद ये दांव भी भारत का फेल होगा लेकिन असली पिक्चर अभी बाकी थी। संजू ने वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो जैसे मैच में नाबाद 97 रन बनाए। सेमीफाइनल और फाइनल में 89-89 रनों की पारी खेली। उनकी शानदार शुरूआत की वजह से भारत की बल्लेबाजी एक यूनिट की तरह खेलने लगी।
भारत ने तीसरी बार जीता टी20 वर्ल्ड कप
गंभीर और सूर्या के मास्टरप्लान की वजह से ही भारत अपना टाइटल डिफेंड कर सका। टीम इंडिया ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराया और टी20 वर्ल्ड कप का खिताब तीसरी बार अपने नाम कर लिया।
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