लॉर्ड्स के मैदान पर वडोदरा की बेटी यास्तिका भाटिया ने रचा इतिहास, फूले नहीं समा रहे माता-पिता और कोच
भारतीय महिला क्रिकेटर यास्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स में शतक जड़कर इतिहास रचा है। वह ऐसा करने वाली पहली विकेटकीपर-बल्लेबाज बनीं। उनके माता-पिता और कोच ने ...और पढ़ें
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यास्तिका भाटिया ने रचा इतिहास

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स्पोर्ट्स डेस्क, वडोदरा: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी यास्तिका भाटिया ने लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर नया इतिहास रच दिया है। गुजरात के वडोदरा की इस होनहार खिलाड़ी ने महिला टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। वह लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित मैदान पर शतक जड़ने वाली दुनिया की एकमात्र विकेटकीपर-बल्लेबाज बन गई हैं। यास्तिका ने अपनी शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए मात्र 158 गेंदों में 14 चौकों की मदद से 113 रनों की यादगार पारी खेली और नया वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। जागरण के साथे खास बातचीत मे यास्तिका भाटिया के माता-पिता ने क्या कहा वो जानते है।
वडोदरा में खुशी का माहौल: परिवार ने बांटी मिठाइयां
यास्तिका के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से वडोदरा में उनके परिवार और क्रिकेट प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनकी इस असाधारण सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए यास्तिका की माता ने बताया कि आज उन्हें अपनी बेटी पर बहुत गर्व है। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब उन्होंने शुरुआत में यास्तिका को क्रिकेट में डाला था, तब समाज के लोग उन्हें ताने मारते थे और ऐसा करने से मना करते थे। उन्होंने कहा कि अगर उस समय हमने लोगों की नकारात्मक बातें सुनी होतीं, तो आज जिंदगी भर का अफसोस रह जाता। उन्होंने संदेश दिया कि बेटियों को हमेशा मुक्त आकाश देना चाहिए और उन्हें अपने तरीके से आगे बढ़ने देना चाहिए।
शिक्षा और खेल दोनों में अव्वल
यास्तिका के पिता ने भावुक होकर बताया कि जब टीवी पर उनकी बेटी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए। उन्होंने हमेशा खेल के साथ-साथ शिक्षा को भी उतना ही महत्व दिया और यास्तिका को दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ाया। शुरुआत में कई चुनौतियां आईं, लेकिन परिवार ने कभी हार नहीं मानी। उन्हें इस बात का गर्व है कि उनकी एक बेटी डॉक्टर है और दूसरी बेटी क्रिकेट की दुनिया में देश का नाम रोशन कर रही है। उन्होंने इस सफलता में स्कूल, कॉलेज और दोस्तों के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया।
कोच ने बताया 'गेम चेंजर'
यास्तिका भाटिया के कोच ने उनकी इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि यह खिलाड़ी क्रिकेट खेलने के लिए ही बनी है। उन्होंने बताया कि यास्तिका की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उसने कभी भी कठिन परिस्थितियों में हार नहीं मानी। वह हमेशा कोच की सलाह मानती है और पिच पर संयम बनाए रखती है। कोच का मानना है कि लॉर्ड्स के मैदान पर बना यह वर्ल्ड रिकॉर्ड और यास्तिका की कड़ी मेहनत आने वाले समय में भारतीय महिला क्रिकेट के लिए 'गेम चेंजर' साबित होगी।