नरेला में बनेगा दिल्ली का सबसे बड़ा मल्टी स्पोर्ट्स स्टेडियम, कब तक होगा तैयार और क्या होंगी खासियतें?
डीडीए नरेला के सेक्टर-जी 3 और जी 4 में एक विशाल मल्टी स्पोर्ट्स इंटीग्रेटेड स्टेडियम बनाने की योजना बना रहा है। यह दिल्ली का सबसे बड़ा खेल परिसर होगा, ...और पढ़ें
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डीडीए नरेला के सेक्टर-जी 3 और जी 4 में एक विशाल मल्टी स्पोर्ट्स इंटीग्रेटेड स्टेडियम बनाने की योजना बना रहा है। इमेज एआई

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने नरेला के सेक्टर-जी 3 और जी 4 में एक ''मल्टी स्पोर्ट्स इंटीग्रेटेड स्टेडियम'' बनाने की योजना तैयार की है। यह स्टेडियम न केवल दिल्ली का सबसे बड़ा खेल परिसर होगा, बल्कि आधुनिक सुविधाओं में अंतरराष्ट्रीय भी मानकों को टक्कर देगा। डीडीए ने इसके निर्माण के लिए प्रस्ताव आमंत्रित कर लिए हैं।
स्टेडियम की मुख्य विशेषताएं
- विशाल क्षमता : इस नए क्रिकेट स्टेडियम की दर्शक क्षमता 80,000 होगी। यह दिल्ली के वर्तमान अरुण जेटली स्टेडियम (55,000 क्षमता) से कहीं अधिक बड़ा होगा।
- 75 एकड़ का परिसर : इस प्रोजेक्ट को 75 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा।
- विविध खेल सुविधाएं : यहां केवल क्रिकेट ही नहीं, बल्कि टेनिस, बैडमिंटन, स्क्वैश, टेबल टेनिस और स्विमिंग पूल जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं भी मिलेंगी।
- ओलंपिक मानक : यह पूरा काम्प्लेक्स ओलंपिक मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की जा सके।
खिलाड़ियों और पर्यटकों के लिए खास इंतजाम
- खेल सुविधाओं के अलावा, इस कॉम्प्लेक्स में व्यावसायिक गतिविधियों पर भी जोर दिया गया है:-
- हॉस्पिटैलिटी और रिटेल : परिसर में आलीशान होटल, रिटेल आउटलेट्स और कमर्शियल ऑफिस स्पेस विकसित किए जाएंगे।
- क्लब हॉउस : खिलाड़ियों और विजिटर्स के लिए एक अत्याधुनिक क्लब हॉउस होगा, जिसमें ठहरने के लिए लगभग 75 एग्जीक्यूटिव कमरे होंगे।
- पार्किंग : यहां पार्किंग की व्यापक व्यवस्था होगी, जिसमें प्रति 100 वर्ग मीटर के निर्माण पर दो कारों की जगह सुनिश्चित की जाएगी।
प्रोजेक्ट की समयसीमा और बिडिंग प्रक्रिया
डीडीए ने इस प्रोजेक्ट के लिए रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) जारी कर दिया है। प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य तारीखें और शर्तें इस प्रकार हैं:-
- कुल समयसीमा 36 महीने (3 साल)
- लाइसेंस अवधि 55 वर्ष
- प्री-बिड मीटिंग 23 मार्च
- साइट निरीक्षण 20 अप्रैल तक
- बिड जमा करने की अंतिम तिथि 24 मार्च
- टेक्निकल बिड 21 अप्रैल
- ई-नीलामी 12 मई
55 वर्षों के लिए दिया जाएगा लाइसेंस
इस जमीन को 55 वर्षों के लिए लाइसेंस के आधार पर दिया जाएगा। इसके लिए बिड सिक्योरिटी के रूप में 28 करोड़ रुपये रखे गए हैं और सालाना सुरक्षित राशि 36.12 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। इस स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स के बनने से न केवल स्थानीय युवाओं को खेल के बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि दिल्ली के इस इलाके के आर्थिक विकास को भी एक नई रफ्तार मिलेगी।
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