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    हत्या, लूट और रेप के आरोपी भी घुस गए थे CJP के प्रोटेस्ट में; 989 क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले शातिरों की हुई पहचान

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 02:00 AM (IST)

    दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए हिंसक प्रदर्शनों में 989 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोग शामिल थे। अब दिल ...और पढ़ें

    सीजेपी के प्रदर्शन के समय प्रदर्शनकारी और सुरक्षा में पुलिस के जवान आमने-सामने। फाइल फोटो

    सीजेपी के प्रदर्शन के समय प्रदर्शनकारी और सुरक्षा में पुलिस के जवान आमने-सामने। फाइल फोटो

    HighLights

    1. जंतर-मंतर प्रदर्शन में 989 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोग शामिल।

    2. AI फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से हुई अपराधियों की पहचान।

    3. दिल्ली पुलिस अब आदतन अपराधियों की धरपकड़ की तैयारी में।

    राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। नीट पेपर लीक के विरोध और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर और उसके आसपास की सड़कों पर एक हफ्ते तक चले हिंसक प्रदर्शन के पीछे का सच दिल्ली पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है।

    काॅकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले चले आंदोलन के दौरान पिछले दिनों रुक-रुककर किए गए पथराव और हिंसा में दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के 240 अधिकारी और जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

    जांच में सामने आया है कि भीड़ में शामिल 2,873 प्रदर्शनकारियों में 989 लोगों का पुराना गंभीर और जघन्य आपराधिक इतिहास रहा है। वे केवल छिटपुट अपराध करने वाले लोग नहीं, बल्कि इनमें से कई आदतन और हिस्ट्रीशीटर अपराधी हैं।

    2,873 प्रदर्शनकारियों में 989 लोग क्रिमिनल रिकॉर्ड के

    उपद्रवियों के पथराव और हिंसा के पैटर्न को देखते हुए पुलिस को आशंका थी कि इस आंदोलन की आड़ में बाहरी अपराधी और असामाजिक तत्व घुस चुके हैं। इस साजिश का पर्दाफाश करने के लिए दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल और आसपास की सड़कों पर एआई बेस्ड फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) कैमरे लगा दिए थे।

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    इन कैमरों की मदद से पहचाने गए संदिग्धों के रिकाॅर्ड की जब पुलिस डाटाबेस से जांच की गई, तो पाया गया कि भीड़ में शामिल 2,873 प्रदर्शनकारियों में 989 लोगों का पुराना गंभीर और जघन्य आपराधिक इतिहास रहा है। वे केवल छिटपुट अपराध करने वाले लोग नहीं, बल्कि इनमें से कई आदतन और हिस्ट्रीशीटर अपराधी हैं।

    दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, आंकड़ों से साफ जाहिर होता है कि जंतर-मंतर पर हुए हिंसक प्रदर्शनों में सामान्य छात्र या प्रदर्शनकारी ही शामिल नहीं थे, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत आदतन और जघन्य अपराधियों की भीड़ जुटाई गई थी। एफआरएस तकनीक के जरिए इन सभी के चेहरों की पहचान की गई है। पुलिस अब चिन्हित अपराधियों की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर छापेमारी की तैयारी कर रही है।

    जघन्य अपराधों में शामिल उपद्रवियों का ब्योरा

    हत्या के मामले में शामिल 101
    हत्या के प्रयास के मामले में शामिल 62
    डकैती व लूट के मामले में शामिल 284
    दुष्कर्म के मामले में शामिल 61
    पाेक्सो के मामले में शामिल 06
    महिलाओं से छेड़छाड़ के मामले में शामिल 25
    आर्म्स एक्ट के मामले में शामिल 229
    छीना-झपटी के मामले में शामिल 135
    एनडीपीएस/मादक पदार्थ मामले में शामिल 67
    अपहरण के मामले में शामिल 19

    शातिर और आदतन अपराधियों का जमावड़ा

    जांच आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद असामाजिक तत्वों में से बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जो बार-बार और लगातार कई वारदातों को अंजाम देने में शामिल हैं...

    • इनमें हत्या के मामलों में शामिल 101 अपराधियों में से 42 अपराधी दो या उससे अधिक मामलों में और 12 अपराधी 10 या उससे अधिक आपराधिक मामलों में संलिप्त पाए गए।
    • हत्या के प्रयास के मामले में शामिल 62 अपराधियों में से 25 अपराधी दो या उससे अधिक मामलों में शामिल पाए गए।
    • डकैती/लूट के मामले में शामिल 284 अपराधियों में से 155 अपराधी दो या अधिक और 31 अपराधी 10 या उससे अधिक मामलों में शामिल पाए गए।
    • दुष्कर्म व छेड़छाड़ के मामले में शामिल 61 आरोपितों में से आठ व महिलाओं से छेड़छाड़ के मामले में शामिल 25 में से छह आरोपित आदतन अपराधी पाए गए।
    • मादक पदार्थ के मामले में शामिल 67 आरोपितों में से नौ आरोपित बार-बार अपराध दोहराने वाले पाए गए।

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