दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को मिली Z-कैटेगरी सुरक्षा, धमकियों के बाद पुलिस का फैसला
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता (Vijender Gupta) को दिल्ली पुलिस ने जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। उन्हें यह सुरक्षा कई धमकियों के बाद दी ...और पढ़ें

विजेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष, दिल्ली विधानसभा (फाइल फोटो)

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा को बार-बार बम से उड़ाने की धमकियां मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की सुरक्षा यूनिट से आखिरकार विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कर दी है। अब तक उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी, जिसके तहत घर से कहीं भी जाने पर विजेंद्र गुप्ता के साथ दो पुलिसकर्मी (पीएसओ) साथ चलते थे।
आवास पर 24 घंटे तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी
साथ ही उनके आवास पर 24 घंटे पांच पुलिसकर्मियों की तैनाती रहती थी। सुरक्षाकर्मियों की राउंड द क्लाक आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगती थी। जेड श्रेणी की सुरक्षा मिलने पर अब विधानसभा अध्यक्ष के साथ दो वाहनों में दस से अधिक सुरक्षाकर्मी चलेंगे। उनके घर पर भी दस से 12 पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी। सुरक्षा के उन्नत उपायों में विधानसभा अध्यक्ष की कार के आगे एक विशेष एस्कार्ट कार भी चलेगी।
दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सेंध
जानकारी के मुताबिक 23 मार्च को बजट सत्र शुरू होने के बाद से, विधानसभा, सचिवालय और स्पीकर के कार्यालय को उड़ाने की करीब सात धमकी भरे ईमेल विधानसभा अध्यक्ष के अधिकारिक मेल पर मिल चुके हैं। बीते छह अप्रैल की दोपहर करीब दो बजे सरबजीत सिंह नाम का व्यक्ति सियारा कार लेकर विधानसभा के वीआईपी गेट नंबर दो से अंदर प्रवेश कर गया था।
लोहे के बड़े गेट में टक्कर मारने के बाद सरबजीत, बूम बैरियर को तोड़ते हुए परिसर में घुस गया था। और पोर्च में खड़ी विधानसभा अध्यक्ष की कार के दरवाजे खुलवाकर पीछे की सीट पर गुलदस्ता व गेंदे के फूलों की माला रख दिया था। विधानसभा परिसर में घुसने व बाहर निकलने के दौरान गुट नंबर दो पर तैनात सीआरपीएफ के जवान ने जब रोकने की कोशिश की थी तब सरबजीत ने उनपर दो बार कार चढ़ाने की कोशिश की थी।
दो पुलिसकर्मी समेत सीआरपीएफ के जवान हुए थे सस्पेंड
सुरक्षा चूक का मामला सामने आने पर जांच के बाद सुरक्षा यूनिट में तैनात दो पुलिसकर्मी समेत सीआरपीएफ के जवान को निलंबित कर दिया गया था। दिल्ली पुलिस ने घटना के चंद घंटे बाद ही सरबजीत सिंह को रूप नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया था।
उसे पूछताछ के लिए आठ दिन की रिमांड भी लिया गया। लेकिन जांच में किसी तरह की साजिश का मामला सामने नहीं आया। सरबजीत को डाक्टरों ने मानसिक रोगी करार दे दिया। वहीं बार-बार विधानसभा को उड़ाने की धमकी भरा फर्जी ईमेल आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के परामर्श से विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई।
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