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    पश्चिमी दिल्ली के उद्योग नगर औद्योगिक क्षेत्र में 45 करोड़ से होगा कायाकल्प, बुनियादी ढांचा सुधरेगा

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 05:43 AM (IST)

    पश्चिमी दिल्ली के उद्योग नगर औद्योगिक क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए 45 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सड़कों, नालों और सीवे ...और पढ़ें

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    उद्योग नगर औद्योगिक क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़े बजट को मंजूरी दे दी है। (एआई से निर्मित ग्राफिक्स)

    HighLights

    1. उद्योग नगर के लिए 45 करोड़ रुपये का बजट मंजूर।

    2. सड़कें, नालियां और सीवेज कनेक्टिविटी होगी मजबूत।

    3. मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा करेंगे विकास कार्यों की निगरानी।

    जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। पीरागढ़ी स्थित उद्योग नगर औद्योगिक क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह आधुनिक और सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार ने बड़े बजट को मंजूरी दे दी है। औद्योगिक क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे प्रदेश सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को घोषणा की कि उद्योग नगर में लगभग 45 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा और इनकी प्रगति की निगरानी मंत्री स्वयं करेंगे।

    मंत्री ने बताया कि इस बड़े बजट का इस्तेमाल औद्योगिक क्षेत्र की सबसे बड़ी दिक्कतों को दूर करने में किया जाएगा। क्षेत्र के भीतर आंतरिक सड़कों और जलनिकासी के लिए नालों के निर्माण कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे। डीएसआइआइडीसी द्वारा प्रस्तावित सड़कों की मरम्मत के कार्य भी शीघ्र प्रारंभ होंगे, जिससे क्षेत्र में भारी वाहनों और ट्रैफिक की आवाजाही आसान होगी। वर्षा जल निकासी (वाटर ड्रेनेज) और सीवेज कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी कार्यों को सबसे पहले पूरा किया जाएगा ताकि मानसून या आम दिनों में जलभराव की स्थिति न बने।

    आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी

    मंत्री ने फैक्ट्री मालिकों, कामगारों और औद्योगिक क्षेत्र सोसायटी के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि दिल्ली की आर्थिक प्रगति में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण भी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

    सरकार औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय संतुलन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उद्योगों के सुचारु संचालन के साथ-साथ श्रमिकों और उद्यमियों को एक सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर कारोबारी माहौल उपलब्ध कराना ही सरकार का मुख्य उद्देश्य है।

    वैध बोरवेल पर कार्रवाई नहीं

    ट्यूबवेल और बोरवेल से जुड़ी चिंताओं को दूर करते हुए उन्होंने साफ किया कि वैध कनेक्शनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप केवल प्रदूषण फैलाने वाली चिन्हित इकाइयों पर ही एक्शन लिया जा रहा है।

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    इस सूची की भी समीक्षा होगी और बोरवेल के दीर्घकालिक समाधान के लिए दिल्ली सरकार एक व्यापक नीति तैयार कर रही है। सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जे पर चिंता जताते हुए मंत्री ने अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।

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