IPL टिकटों की कालाबाजारी में कई बड़ों का आ सकता है नाम, क्राइम ब्रांच को DDCA के कई अधिकारियों पर शक
आईपीएल टिकटों की कालाबाजारी मामले में क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पूछताछ से डीडीसीए के कई अधिकारियों की संलिप्तता के अहम ...और पढ़ें

जल्द कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। आईपीएल टिकटों और काॅम्प्लीमेंट्री पास की कालाबाजारी मामले में गिरफ्तार किए तीन आरोपितों से पूछताछ व उनके मोबाइल फोन की जांच में क्राइम ब्रांच को इस रैकेट से जुड़े कई अन्य लोगों के बारे में अहम सुराग मिले हैं, जिससे जल्द कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
क्राइम ब्रांच के हाथ लगे अहम सुराग
बीते आठ मई को क्राइम ब्रांच ने मुकीम (मुरादाबाद), गुफरान उर्फ साजिद (जामिया नगर) और मोहम्मद फैसल (सीलमपुर) नाम के तीन आरोपित को गिरफ्तार कर रैकेट में शामिल संभावित डीडीसीए के पदाधिकारियों व अन्य के बारे में पता लगाने के लिए उन्हें रिमांड पर लिया था। रिमांड पर उनसे गहन पूछताछ की गई। उनके मोबाइल फोन के काल डिटेल रिकार्ड व वाट्सएप काल के रिकार्ड निकालकर भी जांच की गई, जिससे क्राइम ब्रांच को कुछ सुराग मिले हैं।
डीडीसीए के पदाधिकारियों की होगी जांच
जांच से जुड़े पुलिस अधिकारी का मानना है कि आरोपितों को डीडीसीए के पदाधिकारियों से ही पास मिले थे। पूछताछ में आराेपितों ने किसी का नाम बताने से इंकार किया है लेकिन वाट्सएप डिटेल से पुलिस पता लगाने में जुटी हुई है। पुलिस इनके मोबाइल के डीसीआर और वाट्सएप डिटेल के आधार पर डीडीसीए के पदाधिकारियों व अन्य की संलिप्तता के बारे में पता लगा रही है।
पास की कालाबाजारी का खुलासा
साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस, पदाधिकारियाें व अन्य को नोटिस भेज पहले उनसे पूछताछ करेगी उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। जांच से पता चला है कि यह गिरोह देशभर में सक्रिय था और कई साल से क्रिकेट मैच और म्यूजिक कन्सर्ट आदि के टिकटों व पास की कालाबाजारी करने का धंधा कर रहा था। आरोपितों की योजना आगामी 23 मई को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले म्यूजिक कन्सर्ट में बड़े पैमाने पर टिकटों व पास की कालाबाजारी करने की थी।
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कई बरसों से आना-जाना हो रहा
जांच से पता चला है कि दिल्ली में होने वाले सभी मैचों में ये लोग स्टेडियम के बाहर खुद को डीडीसीए का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर मोटी रकम में काम्प्लीमेंट्री पास व टिकट बेच चुके थे। पूछताछ में आरोपितों ने कई हजार टिकट व पास बेचने की बात कुबूल की है। इनका स्टेडियम में कई बरसों से आना-जाना हो रहा था।
खुद को बताते मैनेजमेंट का अधिकृत
ये लोग स्टेडियम के अंदर से ऑनलाइन सट्टा चलाने वालों, हाई-प्रोफाइल जेबकतरों और अन्य आपराधिक तत्वों को भी प्रीमियम टिकट सप्लाई करते थे। खुद को क्रिकेट प्रशासन या इवेंट मैनेजमेंट का अधिकृत व्यक्ति बताकर आरोपित, लोगों का भरोसा जीतते थे।
अप्रैल 2025 में भी आईपीएल मैचों के दौरान स्टेडियम के आसपास से छिटपुट गिरफ्तारियां हुई थीं। पुलिस ने लोगों की शिकायतों पर स्टेडियम के विभिन्न गेटों से चार आरोपित को गिरफ्तार किया था। वे लोग 500 के टिकट को दो से तीन हजार में बेच रहे थे।
2023 में मध्य जिला पुलिस ने पांच लोगों को पकड़ा था, जिनमें तीन किशोर शामिल थे। यह गिरोह असली जैसे दिखने वाले फर्जी टिकट छापकर बेच रहा था। वे लोग 500 के टिकटों को एक से पांच हजार और वीआइपी पास 20 हजार में बेचते थे। सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों ने आम नागरिक बनकर आरोपितों को दबोचा था।
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