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    दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश, निजी अस्पताल ईडब्ल्यूएस श्रेणी में जारी रखेगा 12 वर्षीय किशोर का इलाज

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 12:54 AM (IST)

    दिल्ली हाई कोर्ट ने एक निजी अस्पताल को 12 वर्षीय लड़के को ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत इलाज करने का आदेश दिया। लड़का घर से गिरने के बाद वेंटिलेटर बेड के लिए संघर्ष कर रहा था। अदालत ने अस्पताल को बच्चे को ईडब्ल्यूएस श्रेणी में मानने और भुगतान न लेने का निर्देश दिया। अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने ईडब्ल्यूएस मानदंडों को बढ़ाने की वकालत की जिस पर अदालत सुनवाई करेगी।

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    12 वर्षीय लड़के को ईडब्ल्यूएस श्रेणी में चिकित्सा उपचार दे निजी अस्पताल।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक निजी अस्पताल को 12 वर्षीय एक लड़के को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी के तहत चिकित्सा उपचार प्रदान करने का निर्देश दिया।

    एक समाचार रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लेकर मामले की सुनवाई कर रही अदालत ने नोट किया कि ऋषभ सिंह अपने घर की पहली मंजिल से फिसलकर गिर गया था और उसे वेंटिलेटर बेड की सख्त जरूरत है।

    न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह और न्यायमूर्ति मनमीत पीएस अरोड़ा की पीठ ने कहा कि लड़के के पिता एक दिहाड़ी मजदूर हैं और उन्हें किसी भी सरकारी अस्पताल में वेंटिलेटर बेड खोजने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

    नाबालिग को रोहिणी स्थित श्री अग्रसेन इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। बच्चे को सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित करने पर विचार कर रही अदालत ने पीड़ित के चाचा से फोन पर बात की।

    हालांकि बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति में कुछ सुधार होने की जानकारी मिलने पर अदालत ने स्पष्ट किया कि बच्चे को ईडब्ल्यूएस श्रेणी में माना जाएगा और अगली तारीख तक अस्पताल द्वारा किसी भी भुगतान की मांग नहीं की जाएगी।

    बच्चे को उचित चिकित्सा प्रदान करना जारी रखना होगा। इसके साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई दो सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी।

    अदालत ने नोट किया कि समाचार रिपोर्ट के अनुसार दुर्घटना के तुरंत बाद सफदरजंग अस्पताल में के डॉक्टरों ने सीटी स्कैन किया, प्राथमिक उपचार दिया और दवा देकर लड़के को छुट्टी दे दी।

    हालांकि, कुछ दिनों बाद, बच्चे को तेज सिरदर्द, नाक से खून आने और उल्टी की शिकायत होने लगी और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। बच्चे को अग्रसेन इंटरनेशनल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

    परिवार ने अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराने की कोशिश की, लेकिन दो बार मना करते हुए जीबी पंत या सफदरजंग जैसे अस्पतालों में जाने को कहा गया।

    स्कूलों में बढ़ाया जाए ईडब्ल्यूएस मानदंड

    अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) के कार्यान्वयन से संबंधित एक अन्य मामले में अदालत द्वारा न्यायमित्र नियुक्त किए गए अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने दलील दी कि अस्पतालों के मामले में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मानदंडों को बढ़ाया जाना चाहिए।

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    उन्होंने कहा कि अधिकांश निजी अस्पताल ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए उचित चिकित्सा सुविधा प्रदान नहीं करते हैं, जबकि ऐसा करना उनका बाध्यकारी दायित्व है। अदालत ने कहा कि वह इस पहलू पर दो सितंबर को दिल्ली सरकार सहित सभी पक्षों की सुनवाई करेगी।

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