दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल काॅरिडोर के दोनों ओर होगा रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल डेवलपमेंट, तैयार हो रहा मास्टर प्लान
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के आसपास आवासीय और व्यावसायिक विकास के लिए योजना बना रहा है। इसका उद्देश्य परिवहन प्रणाली के साथ आवासीय परियोजनाओं को जोड़ना है। गाजियाबाद मोदीनगर और मेरठ जैसे स्थानीय निकायों की सहमति के बाद मास्टर प्लान को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस परियोजना से इन क्षेत्रों का विकास होगा।

राब्यू, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल काॅरिडोर पर आवासीय और वाणिज्यिक विकास के लिए क्षेत्रीय मास्टर प्लान तैयार कर रहा है।
एनसीआरटीसी के समूह महाप्रबंधक (योजना) रजत गोसाईं ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य आवासीय परियोजनाओं को परिवहन प्रणाली के साथ एकीकृत करना है ताकि निवासियों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।
द अशोक होटल में 17वें नरेडको राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान ''जीवन में सुगमता और यात्रा में सुगमता - शहरी गतिशीलता और जीवन की गुणवत्ता'' विषय पर एक पैनल चर्चा में गोसाईं ने कहा कि इन योजनाओं के लिए गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ सहित स्थानीय निकायों की सहमति आवश्यक होगी।
उन्होंने कहा, "संबंधित अधिकारियों से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद काॅरिडोर पर प्रस्तावित आवासीय और वाणिज्यिक कालोनियों के लिए मास्टर और क्षेत्रीय योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद हितधारकों के परामर्श से नगर नियोजन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।"
हालांकि गोसाईं ने मंजूरी के लिए कोई समय-सीमा नहीं बताई, लेकिन उन्होंने कहा कि काम प्रगति पर है और एक बार लागू हो जाने पर, यह परियोजना काॅरिडोर के आसपास के क्षेत्रों, विशेष रूप से गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ, को बदलने में मदद करेगी।
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