RSS का दो दिवसीय आर्थिक चिंतन आज से शुरू, अमेरिकी टैरिफ के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था पर संघ करेगा मंथन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के बाद देश की अर्थव्यवस्था की चुनौतियों पर आरएसएस मंथन करेगा। पूसा इंस्टीट्यूट में मंगलवार से शुरू होने वाली बैठक में मोहन भागवत सहित संघ के शीर्ष पदाधिकारी और कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में कृषि बाजार उद्योग जैसे क्षेत्रों पर चर्चा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आत्मनिर्भरता की दिशा में यह बैठक महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के बाद उपजी परिस्थितियों में देश की अर्थव्यवस्था की चुनौतियों और संभावनाओं पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मंथन करेगा। इसके लिए मंगलवार से पूसा इंस्टीट्यूट में महत्वपूर्ण बैठक शुरू होगी।
जानकारी के मुताबिक, बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ संघ के शीर्ष पदाधिकारी, भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस), भारतीय किसान संघ (बीकेयू), स्वदेशी जागरण मंच, लघु उद्योग भारती जैसे लगभग आठ से दस संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
प्रमुख कारोबारी संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) को भी आमंत्रित किया गया है। हालांकि यह बैठक चार महीने पहले से निर्धारित थी, लेकिन अमेरिकी टैरिफ के कारण उत्पन्न परिस्थितियों में इसकी महत्ता बढ़ गई है।
संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार, यह आर्थिक चिंतन डेढ़-दो वर्ष में आयोजित होता है, जिसमें कृषि, बाजार, उद्योग और अन्य क्षेत्रों पर चर्चा होती है। मौजूदा हालात में अमेरिकी टैरिफ पर भी चर्चा की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि आत्मनिर्भरता की दिशा में यह बैठक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
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