Delhi News: गर्मी की छुट्टियों में बच्चे करेंगे बागवानी, जिम्मेदार नागरिक बनाने की तैयारी
दिल्ली के स्कूलों ने गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को अच्छी आदतें सिखाने और बेहतर नागरिक बनाने के लिए एक योजना बनाई है। इसके तहत बच्चों को बागवानी घरेलू कामकाज पशु-पक्षियों की देखभाल जैसे कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। स्कूलों का उद्देश्य है कि बच्चे छुट्टियों में मौज-मस्ती के साथ-साथ कुछ नया सीखें और जिम्मेदार बनें।

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। गर्मी की छुट्टियों में बच्चे पौधों की देखभाल, पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी रखने जैसे कार्यों के साथ घरेलू कामकाज में भी मदद करेंगे। छुट्टियों के दौरान बच्चों में अच्छी आदतें विकसित करने और उन्हें बेहतर नागरिक बनाने के लिए दिल्ली के कई स्कूलों ने ये योजना बनाई है।
इसके तहत ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान उन्हें होमवर्क में ऐसे ही कुछ प्रोजेक्ट दिए गए हैं। मौज-मस्ती के साथ ही बच्चे छुट्टियों में कुछ बेहतर सीखें यही मकसद है। दिल्ली-एनसीआर के ज्यादातर स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। लेकिन ये छुट्टियां केवल मस्ती और मनोरंजन तक ही सीमित नहीं रहेंगी।
कई स्कूलों ने छुट्टियों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खास पहल की है। इसके तहत बच्चों को रचनात्मक और दैनिक जीवन से जुड़े कार्यों में भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस पहल के जरिए बच्चों को व्यावहारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
बागवानी और घरेलू काम सीखेंगे
पहल के तहत विद्यार्थियों को दिए गए होमवर्क में बागवानी, घर के छोटे-मोटे कामों में हाथ बंटाना, मां की रसोई में मदद करना, दादा-दादी की सेवा करना, पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी रखना और सामाजिक कार्यों से जुड़ने जैसे प्रोजेक्ट शामिल किए गए हैं।
बच्चों को इन कार्यों की सूची बनानी है और हर दिन किए गए कार्यों का संक्षिप्त विवरण भी देना है। छुट्टियों को शैक्षणिक विकास के साथ ही नैतिक, सामाजिक और व्यावहारिक दृष्टि से भी उपयोगी बनाया जाए यही कोशिश है।
होमवर्क में ऐसे प्रोजेक्ट शामिल किए हैं जिनसे बच्चे जिम्मेदार बनें। छुट्टियों में बच्चे कुछ बेहतर सीखें यही कोशिश है। बागवानी, घरेलू काम, सेवा ऐसे काम हैं जिनसे बच्चों में सामाजिकता, सेवा और सहयोग जैसे गुणों का विकास होता है। बच्चे इन कार्यों के साथ उनका रिकार्ड भी दर्ज करेंगे। छुट्टियां खत्म होने का बाद उन्हें इसके आधार पर पुरस्कृत किए जाने की भी योजना है।
डॉ. सुजीत एरिक मसीह, प्रिंसिपल, एपीजे स्कूल
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।