सैदुलाजाब हादसा: घटना के तीसरे दिन भवन स्वामी गिरफ्तार, बिल्डर-ठेकेदार अब भी फरार
सैदुलाजाब गांव में इमारत ढहने के मामले में पुलिस ने 71 वर्षीय भवन मालिक करमवीर जेलदार को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, बिल्डर मनीष खत्री और ठेकेदार सि ...और पढ़ें
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सैदुलाजाब गांव में पांच मंजिला इमारत ढहने की जांच में जुटी पुलिस।
HighLights
सैदुलाजाब इमारत ढहने में भवन मालिक गिरफ्तार।
बिल्डर मनीष खत्री और ठेकेदार सिराज फरार।
पुलिस ने अवैध निर्माण पर पहले चेताया था।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। सैदुलाजाब गांव में पांच मंजिला इमारत ढहने की जांच में जुटी पुलिस ने घटना के 48 घंटे बाद इमारत के मालिक 71 वर्षीय करमवीर जेलदार को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि हादसे से जुड़े बिल्डर मनीष खत्री और ठेकेदार सिराज अब भी फरार हैं।
आरोपितों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम बंगाल भेजी गई है, जबकि दो अन्य टीमें उत्तराखंड और हरियाणा में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। हादसे के बाद से बिल्डर, मालिक और ठेकेदार फरार हो गए थे।
पुलिस अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही
अब भवन मालिक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। करमवीर जेलदार को पुलिस ने उसके एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया है, जहां वह हादसे के बाद से रुका हुआ था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि करमवीर हादसे के बाद मौके पर गया था और फिर उसके बाद वह फरार हो गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि पुलिस ने तीन महीने पहले दक्षिण दिल्ली नगर निगम को एक पत्र लिखकर क्षेत्र में चल रहे अवैध निर्माण कार्यों पर रोक लगाने की मांग की थी। सूत्रों का कहना है कि जिस इमारत में हादसा हुआ, उसका उल्लेख भी उस पत्र में किया गया था।
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पुलिस ने नगर निगम को अवैध निर्माण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के लिए आगाह किया था। मामले में एक शिकायतकर्ता भी सामने आया है, जिसने पहले दिल्ली पुलिस और नगर निगम दोनों को इलाके में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध निर्माण की लिखित शिकायत दी थी।
नियमों की अनदेखी कर बनाए जा रहे भवनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर बनाए जा रहे भवनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के बाद पुलिस ने नगर निगम को पत्र भेजकर उचित कदम उठाने का अनुरोध किया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि अवैध निर्माण के संबंध में पहले मिली शिकायतों और चेतावनी के बावजूद आवश्यक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
अधिकारियों के अनुसार, फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद हादसे की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी। जांच अभी जारी है। वहीं दूसरी ओर मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश के बाद सोमवार को दक्षिणी जिले के तहसीलदार घटनास्थल पर पहुंचे। लगभग आधे घंटे तक वहां रहे और जांच-पड़ताल की।
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