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    क्या है Direct और Indirect Tax, बजट में टैक्स का खेल और महंगाई से इनका क्या है कनेक्शन?

    Updated: Wed, 28 Jan 2026 09:00 PM (IST)

    यह लेख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों को विस्तार से समझाता है, जो हर साल बजट से पहले चर्चा का विषय बनते हैं। इसमें बताया गया है कि ये कर सरकार की आय, मह ...और पढ़ें

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    क्या है Direct और Indirect Tax बजट में टैक्स का खेल और महंगाई से इनका क्या है रिश्ता (फाइल फोटो)

    स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हर साल बजट से पहले लोगों के मन में एक ही सवाल घूमता है टैक्स बढ़ेगा या घटेगा?अक्सर चर्चा सिर्फ इनकम टैक्स तक सीमित रहती है, लेकिन सच्चाई यह है कि रोजमर्रा की चीजों को महंगा या सस्ता करने में Indirect Tax की भी बड़ी भूमिका होती है।

    बजट से पहले यह समझना जरूरी है कि Direct Tax और Indirect Tax क्या होते हैं, ये सरकार की कमाई से कैसे जुड़े हैं और महंगाई व बाजार पर इनका क्या असर पड़ता है।

    डायरेक्ट टैक्स क्या होता है?

    डायरेक्ट टैक्स वह टैक्स होता है जो व्यक्ति या कंपनी अपनी कमाई से सीधे सरकार को देती है। इसका बोझ किसी और पर नहीं डाला जा सकता। यानी जिसने कमाया है, वही टैक्स चुकाएगा। भारत में डायरेक्ट टैक्ससे जुड़े नियम और टैक्स वसूली का काम CBDT (सेंट्रलबोर्डऑफडायरेक्टटैक्सेस) करता है।

    डायरेक्ट टैक्स का मकसद यह होता है कि जो ज्यादा कमाए, वह ज्यादा टैक्स दे और कम कमाने वालों पर कम बोझ पड़े, ताकि आर्थिक संतुलन बना रहे।

    डायरेक्ट टैक्स किन चीजों पर लगता है?

    • इनकम टैक्स: सैलरी, बिजनेस या किराए से हुई कमाई पर
    • कॉर्पोरेट टैक्स: कंपनियों के मुनाफे पर
    • कैपिटल गैन टैक्स: शेयर, जमीन या सोना बेचकर हुए फायदे पर
    • एसटीटी: शेयर बाजार में खरीद-फरोख्त पर
    • कुछ मामलों में MAT और AMT जैसे टैक्स भी लागू होते हैं

    इनडायरेक्ट टैक्स क्या होता है?

    इनडायरेक्ट टैक्स वह टैक्स होता है जो हमारी कमाई पर सीधे नहीं, बल्कि सामान और सेवाओं की कीमत में जुड़ा होता है। जब हम कोई चीज खरीदते हैं, तो दुकानदार सरकार की तरफ से टैक्स वसूलता है. हमें टैक्स अलग से दिखता नहीं, लेकिन हम उसे चुकाते जरूर हैं। आज भारत में इनडायरेक्ट टैक्सका सबसे बड़ा उदाहरण GST (Goods and Services Tax) है।

    इनडायरेक्ट टैक्स कहां-कहां लगता है?

    • लगभग हर सामान और सेवा पर GST
    • विदेश से आने वाले सामान पर Custom Duty
    • पेट्रोल, डीजल, तंबाकू और कोयले पर सेस
    • ये सभी टैक्स चीजों की कीमत में शामिल होते हैं

    टैक्स का महंगाई और बाजार से कनेक्शन

    सरकार की टैक्स कमाई का बड़ा हिस्सा इनडायरेक्ट टैक्ससे आता है। बजट में अगर GST या Custom Duty बदली जाती है, तो इसका असर सीधा बाजार और कीमतों पर दिखता है।

    • मोबाइल पार्ट्स पर टैक्स घटे तो मोबाइल सस्ते हो सकते हैं
    • सिगरेट या कोल्ड ड्रिंक पर टैक्स बढ़े तो कीमत बढ़ जाती है
    • इसका असर महंगाई के आंकड़ों और शेयर बाजार दोनों पर पड़ता है

    इनडायरेक्ट टैक्स क्यों बनता है बहस का मुद्दा?

    विशेषज्ञ मानते हैं कि इनडायरेक्ट टैक्सअमीर और गरीब दोनों पर बराबर लगता है, इसलिए इसका असर गरीब लोगों पर ज्यादा पड़ सकता है। इसी वजह से हर बजट में यह बहस होती है कि जरूरी चीजों पर टैक्स कम होना चाहिए, लग्जरी चीजों पर टैक्स ज्यादा लगाया जाए और घरेलू उद्योगों को बचाने के लिए Custom Duty बढ़ाई जाए या घटाई जाए

    बजट से क्या उम्मीद?

    बजटमें डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स से जुड़े फैसले सरकार की कमाई, महंगाई, बाजार की चाल और आम लोगों की जेबसभी पर असर डालेंगे।

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