217 साल पहले हुआ था स्टीमबोट का आविष्कार; 4 दिन का सफर महज 32 घंटों में पूरा कर रचा था इतिहास
11 फरवरी 1809 को अमेरिकी आविष्कारक रॉबर्ट फुल्टन ने भाप से चलने वाली नाव का पेटेंट कराया, जिसने जल परिवहन में क्रांति ला दी। इससे पहले, नावों को चप्पू ...और पढ़ें

कब बना था दुनिया का पहला स्टीमबोट? (Picture Courtesy: museum.state.il.us)

समय कम है?
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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। इतिहास के पन्नों में 11 फरवरी का दिन एक ऐसी क्रांति के नाम दर्ज है, जिसने जल परिवहन की परिभाषा ही बदल दी। आज से ठीक 217 साल पहले, यानी 11 फरवरी 1809 को अमेरिकी आविष्कारक रॉबर्ट फुल्टन ने भाप से चलने वाली नाव यानी स्टीमबोट का पेटेंट कराया था।
यह वह दौर था जब नदियों के रास्ते व्यापार और यात्रा करना बेहद चुनौती भरा माना जाता था। ऐसे में रॉबर्ट फुल्टन का यह आविष्कार किसी क्रांति से कम नहीं था।
पुरानी बाधाएं और फुल्टन का विचार
फुल्टन के आविष्कार से पहले, नावों को चप्पुओं की मदद से चलाया जाता था। यह प्रक्रिया न केवल बेहद धीमी थी, बल्कि नाविकों के लिए बहुत थकान भरी भी होती थी। रॉबर्ट फुल्टन ने इस समस्या का समाधान भाप के इंजन और पैडल व्हील के सही कॉम्बिनेशन में खोजा। उनका लक्ष्य यात्रा को तेज, सस्ता और नियमित बनाना था, ताकि लोग समय पर अपनी मंजिल तक पहुंच सकें।
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(Picture Courtesy: museum.state.il.us)
क्लेमॉन्ट की पहली ऐतिहासिक यात्रा
17 अगस्त 1807 को रॉबर्ट फुल्टन की नाव क्लेमॉन्ट ने हडसन नदी पर अपना पहला सफर शुरू किया। न्यूयॉर्क से अल्बनी तक के 240 किलोमीटर के इस सफर को क्लेमॉन्ट ने महज 32 घंटे में पूरा कर लिया। आपको जानकर हैरानी होगी कि उस समय की पारंपरिक नावों को इसी दूरी को तय करने में लगभग 4 दिन लग जाते थे। वापसी में यह नाव और भी तेज चली और केवल 30 घंटे में सफर पूरा किया।
जब लोगों ने समझा मूर्ख
शुरुआत में लोग स्टीमबोट को लेकर काफी डरे हुए थे। नाव से निकलता काला धुआं, इंजन का शोर और उड़ती चिंगारियां देखकर लोग रॉबर्ट फुल्टन को मूर्ख तक कहने लगे थे। लेकिन जब इस नाव में 60 यात्री सवार हुए और सफर सफल हुआ, तो लोगों का नजरिया बदल गया। पहली बार लोगों को पानी पर एक भरोसेमंद और नियमित यात्री सेवा का अनुभव हुआ।
व्यापार और तरक्की को मिली नई गति
स्टीमबोट के सफल होने से न्यूयॉर्क और अल्बनी जैसे शहरों के बीच रोजाना सेवा शुरू हो गई। इस नाव में 24 हॉर्सपावर का इंजन और दो बड़े पैडल व्हील लगे थे, जिसने माल ढुलाई को बेहद आसान बना दिया। इस एक आविष्कार ने न केवल नदियों पर व्यापार को फैलाया, बल्कि अमेरिका के पश्चिमी इलाकों तक आर्थिक विकास की राह खोल दी। फुल्टन ने समय के साथ अपनी नाव को और ज्यादा सुरक्षित बनाया, जिससे भविष्य में जल परिवहन के नए दरवाजे खुले।
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