दा विंची की पेंटिंग से प्रेरित था बैटमैन, शुरुआत में पहनता था लाल सूट; पढ़ें कैसे बना यह डार्क नाइट
बैटमैन, जो 1939 में डिटेक्टिव कॉमिक्स में पहली बार दिखा, शुरुआत में लाल सूट में था और दा विंची से प्रेरित था। बॉब केन ने पहला स्केच बनाया, लेकिन बिल फ ...और पढ़ें

बैटमैन का सफर: लाल सूट से डार्क नाइट तक की पूरी कहानी (Picture Credit- AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। शायद ही कोई ऐसा हो, जिसने कभी बैटमैन का नाम नहीं सुना हो। यह सुपरहीरों की दुनिया में एक ऐसा नाम है, जिसके पास न तो कोई जादुई ताकत है और न ही वह किसी दूसरे ग्रह से आया है। फिर भी वह पूरी दुनिया का सबसे चहेता 'डार्क हीरो' है।
आज का दिन इस किरदार के लिए बेहद खास है, क्योंकि साल 1939 में इसी दिन डिटेक्टिव कॉमिक्स (DC) के 27वें अंक में इस किरदार ने पहली बार कदम रखा था, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज जिस खौफनाक बैटमैन को हम देखते हैं, वह शुरुआत में ऐसा बिल्कुल नहीं था? आइए जानते हैं इस आइकॉनिक किरदार के बनने की पूरी कहानी।
दा विंची से खास कनेक्शन
सुपरमैन की जबरदस्त कामयाबी के बाद डीसी कॉमिक्स एक नए सुपरहीरो की तलाश कर रहा था और इसे खोजने का काम आर्टिस्ट बॉब केन को सौंपा गया। उन्होंने 1938 में बैटमैन का पहला स्केच बनाया, जो आज के डार्क नाइट से एकदम अलग था। इसमें बैटमैन लाल रंग के सूट, सुनहरे बाल और एक छोटे से मास्क में था, जो काफी हद तक सुपरमैन की कॉपी लगता था।
साथ ही इसका मशहूर चित्रकार लियोनार्डो दा विंची की तस्वीर से भी खास कनेक्शन था। दरअसल, इस सुपरहीरो के पंखों को दा विंची की 'उड़ने वाली मशीन' (फ्लाइंग मशीन) की पेंटिंग और पुरानी हॉलीवुड फिल्म 'द बैट व्हिस्पर्स' से प्रेरित होकर बनाया गया था।
ताउम्र गुमनामी में रहा असली क्रिएटर
बैटमैन को उसका असली 'डार्क' और रहस्यमयी अवतार देने का श्रेय असल में लेखक बिल फिंगर को जाता है। फिंगर ने ही उस अजीबोगरीब लाल सूट को हटाकर उसे ब्लैक-ग्रे लुक, चेहरे का नकाब (काउल) और नुकीले कान दिए थे। गोथम सिटी, बैटमोबाइल, बैटकेव और अरबपति ब्रूस वेन की पूरी कहानी बिल फिंगर के ही दिमाग की उपज थी।
बावजूद इसके एक सख्त लीगल कॉन्ट्रैक्ट की वजह से करीब 75 सालों तक दुनिया सिर्फ बॉब केन को ही इसका इकलौता क्रिएटर मानती रही। सालों तक गुमनामी के अंधेरे में रहने के बाद 1974 में घोर आर्थिक तंगी के बीच उनका निधन हो गया। दशकों बाद, आखिरकार साल 2015 में डीसी कॉमिक्स ने अपनी गलती सुधारी और बिल फिंगर को आधिकारिक तौर पर 'सह-निर्माता' (Co-creator) का सम्मान दिया।
पहले बेहद हिंसक था बैटमैन
अपने शुरुआती दौर में बैटमैन काफी हिंसक हुआ करता था। वह मुजरिमों का खात्मा करने के लिए बेझिझक बंदूक चलाता था। बाद में, कॉमिक्स पढ़ने वाले बच्चों पर पड़ रहे बुरे असर को देखते हुए 1940-41 के आसपास उसके हाथों से बंदूक छीन ली गई। तब जाकर बैटमैन का मशहूर 'नो-किल रूल' लागू हुआ और वह कानून का सम्मान करने वाला हीरो बन गया।
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