होटल के एक मामूली कर्मचारी ने बनाया था लग्जरी ब्रांड Gucci, पढ़ें फर्श से अर्श तक का सफर
आज का शीर्ष लक्जरी ब्रांड गुची, गुच्चियों गुची (Guccio Gucci) की दूरदर्शिता का परिणाम है। गरीबी से जूझते हुए, उन्होंने लंदन के एक होटल में पोर्टर के र ...और पढ़ें
-1774864802823_m.webp)
एक वेटर की सोच से बना दुनिया का सबसे बड़ा लग्जरी ब्रांड (Picture Credit- Instagram)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। 'गुची'...यह नाम सुनते ही जेहन में महंगे बैग, शानदार लाइफस्टाइल और अमीरी की चमक नजर आती है। आज यह दुनिया का टॉप लग्जरी फैशन ब्रांड बन चुका है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर रईसों की पहली पसंद बन चुके इस ब्रांड की शुरुआत कैसे और कब हुई?
आपको जानकर हैरानी होगी कि इसकी नींव एक ऐसे शख्स ने रखी थी, जिसने अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा बेहद गरीबी में बिताया था। आइए आज आपको बताते हैं गुची के बनने की कहानी-
कहानी गुच्चियो गुची की
26 मार्च, 1881 को इटली के फ्लोरेंस शहर में जन्मे गुच्चियों गुची (Guccio Gucci) की कहानी सिर्फ एक सफल बिजनेस की नहीं, बल्कि संघर्ष और अनोखे जुनून की एक शानदार मिसाल है। उन्होंने बचपन से ही भारी आर्थिक तंगी झेली थी और इसी वजह से एक बेहतर जिंदगी की तलाश में वह अपना घर छोड़कर लंदन चले गए।
-1774864276626.jpg)
(Picture Credit- Instagram)
एक होटल से मिली प्रेरणा
यहां उन्होंने 1899 में एक मशहूर होटल में पोर्टर (समान उठाने वाला) के तौर पर नौकरी की। यही वह जगह थी, जिसने उनकी सोच को पूरी तरह बदल कर रख दिया। इस आलीशान होटल में दुनियाभर के अमीर लोग, राजघराने के सदस्य और बड़े-बड़े व्यापारी आते थे।
होटल में आने वाले रईसों के रहन-सहन और उनके शाही अंदाज को देखकर ही गुच्चियो के मन में एक ऐसे प्रीमियम ब्रांड को शुरू करने का ख्याल आया, जो इस एलीट क्लास की असली पहचान बन सके।
जमापूंजी से शुरू किया गुची
मन में यही सोच लिए और कई साल का अनुभव बटोरने के बाद वे अपने शहर फ्लोरेंस लौट आए। यहां उन्होंने साल 1921 में अपनी कमाई से 'गुची' ब्रांड की शुरुआत की। उन्होंने शुरुआत बेहतरीन से लेदर बैग, सूटकेस और घुड़सवारी के काम आने वाले महंगे सामानों से की। उनके इस ब्रांड का एक ही उसूल था- क्वालिटी और कारीगरी से कोई समझौता नहीं करना है।
-1774864286636.jpg)
(Picture Credit- Gucci)
उनका यही उसूल धीरे-धीरे अमीर लोगों के बीच स्टेटस सिंबल बना गया, लेकिन फिर दौर आया सेकंड वर्ल्ड वॉर का, जिसकी वजह से इटली में कच्चे माल और चमड़े की भारी कमी हो गई। ऐसे में उनके ब्रांड के लिए यह चुनौती से भरा समय साबित हुआ, लेकिन इस दौरान भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपना दिमाग चलाया।
लेदर की कमी से भी नहीं रुका काम
लेदर की कमी के चलते उन्होंने मजबूत कैनवास और बांस की मदद से बैग बनाना शुरू किया। यहीं से शुरुआत हुई उनके मशहूर बैम्बू बैग की, जो आज भी फैशन की दुनिया में काफी पसंद किया जाता है।
-1774864339972.jpg)
(Picture Credit- Instagram)
फैशन की दुनिया में अपना अलग नाम बनाने वाले गुच्चियो ने 2 जनवरी, 1953 में दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके जाने के बाद भले ही परिवार में विवाद हुए, लेकिन गुची आज भी लगातार बुलंदियां छू रहा है। एक मामूली होटल वर्कर से फैशन जगत में इतनी बड़ी पहचान बनाने वाले गुच्चियो गुची की यह कहानी हमें सिखाती है कि अगर आपकी सही सोच और मेहनत में दम है, तो हालात चाहे जैसे भी हों, आप पूरी दुनिया का ट्रेंड बदल सकते हैं।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।