89 साल का हुआ बच्चों का फेवरेट डैफी डक, पोरकीज डक हंट में साइड कैरेक्टर के तौर पर हुआ था लॉन्च
डैफी डक, जिसे बच्चे खूब पसंद करते हैं, एक साइड कैरेक्टर के रूप में पोरकीज डक हंट में सबसे पहली बार नजर आया था। ...और पढ़ें

89 साल का हुआ आपका फेवरेट डैफी डक (Picture Courtesy: Instagram)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। एनीमेशन की रंगीन दुनिया में कई ऐसे किरदार आए जिन्होंने बच्चों और बड़ों, दोनों का दिल जीता। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया के सबसे चर्चित और थोड़े अतरंगी कार्टून किरदारों में से एक, डैफी डक की शुरुआत कैसे हुई थी?
डैफी डक सिर्फ एक कार्टून नहीं, बल्कि एनीमेशन के गोल्डन एरा की एक ऐसी खोज है जिसने पर्दे पर आने के साथ ही इतिहास रच दिया। आइए जानें कैसे हुआ था डैफी डक का जन्म?
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(Picture Courtesy: Instagram)
एक साधारण शुरुआत और असाधारण पहचान
डैफी डक का जन्म 17 अप्रैल 1937 को हुआ था। वह पहली बार पोरकीज डक हंट नाम के एक कार्टून में दुनिया के सामने आया। दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में डैफी इस शो का मुख्य हीरो नहीं था।
उस समय पोरकी पिग उस कार्टून का मेन कैरेक्टर था और डैफी को केवल एक साइड कैरेक्टर के रूप में पेश किया गया था। लेकिन डैफी के पास कुछ ऐसा था जिसने उसे भीड़ से अलग कर दिया। अपनी मशहूर लाइन "Don't let it worry ya skipper" के साथ जब उसने एंट्री की, तो लोग उसकी अजीबोगरीब हरकतों और अनोखे अंदाज के दीवाने हो गए।
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प्रतिस्पर्धा के दौर में डैफी का जन्म
1930 के दशक का वह समय एनीमेशन इंडस्ट्री के लिए बेहद मुश्किल था। एक तरफ वॉल्ट डिज्नी कंपनी के पास मिकी माउस जैसे बेहद लोकप्रिय और शांत स्वभाव वाले किरदार थे, तो दूसरी तरफ वॉर्नर ब्रदर्स अपने लूनी ट्यून्स के जरिए कुछ नया और अलग करने की कोशिश कर रहा था। इसी कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच डैफी डक का जन्म हुआ। डैफी ने वॉर्नर ब्रदर्स को वह पहचान दिलाई जिसकी उन्हें तलाश थी।
बदलता व्यक्तित्व और स्वभाव
शुरुआती दिनों में डैफी डक को एक बहुत ही एनर्जेटिक और थोड़े सनकी किरदार के रूप में दिखाया गया था। वह अपनी मस्ती में रहने वाला बत्तख था, लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, डैफी के व्यक्तित्व में बड़े बदलाव आए। वह धीरे-धीरे थोड़ा गुस्सैल, खुद को दूसरों से श्रेष्ठ समझने वाला और थोड़ा स्वार्थी दिखने लगा। उसके स्वभाव के इसी उतार-चढ़ाव ने उसे और भी ज्यादा वास्तविक और मजेदार बना दिया।
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(Picture Courtesy: Instagram)
आवाजों का जादूगर
डैफी डक को जिंदा करने के पीछे मेल ब्लांक का हाथ था, जो एक महान कलाकार थे। उन्हें मैन ऑफ 1000 वॉइसेज कहा जाता है। उन्होंने न केवल डैफी, बल्कि पोरकी पिग को भी अपनी आवाज दी। डैफी की बोलने की खास शैली और उसके तुतलाकर बोलने ने इस किरदार को घर-घर में मशहूर कर दिया। उनकी आवाज के बिना शायद डैफी आज वह मुकाम हासिल नहीं कर पाता जो उसके पास है।
बग्स बनी के साथ मुकाबला

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1940 के दशक तक आते-आते डैफी डक की लोकप्रियता आसमान छूने लगी थी। इसी दौरान पर्दे पर बग्स बनी की भी एंट्री हुई। दर्शकों के बीच बग्स बनी और डैफी डक की आपसी टक्कर और उनकी नोक-झोंक काफी लोकप्रिय रही।
डैफी की सफलता का ही नतीजा था कि आगे चलकर बग्स बनी जैसे अन्य किरदारों के लिए एनीमेशन की दुनिया में एक बड़ा रास्ता तैयार हुआ।
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