क्या आप जानते हैं 'AMBULANCE' का फुल फॉर्म? इमरजेंसी में गलती से बचने के लिए जान लें इसके 5 प्रकार
क्या आप जानते हैं एम्बुलेंस एक पूरा शब्द नहीं, बल्कि शॉर्ट फॉर्म है? जी हां, ज्यादातर लोगों इस बारे में नहीं जानते, लेकिन एम्बुलेंस एक शॉर्ट फॉर्म है ...और पढ़ें

कितने प्रकार के होते हैं एम्बुलेंस? (Picture Courtesy: Freepik)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब भी किसी की तबीयत अचानक बिगड़ती है या कोई गंभीर हादसा हो जाता है, तो सबसे पहले जिस शब्द का ध्यान आता है, वह है- एम्बुलेंस। यह सिर्फ एक गाड़ी नहीं, बल्कि जिंदगी और मौत के बीच की सबसे अहम कड़ी होती है। इसलिए सड़कों पर एम्बुलेंस को जाने का रास्ता पहले दिया जाता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं एम्बुलेंस एक शॉर्ट फॉर्म है, इस गाड़ी का पूरा नाम कुछ और ही है। अगर आपको यह जानकर अचंभा हो रहा है, तो यकीन मानिए कई लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होती। इतना ही नहीं, हर एम्बुलेंस भी एक जैसी नहीं होती।
अलग-अलग स्थितियों के लिए अलग-अलग तरह की एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है, ताकि किसी इमरजेंसी में आप गलत फैसला न ले लें। आइए जानें एम्बुलेंस का फुल फॉर्म क्या है और यह कितने प्रकार की होती है।
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(Picture Courtesy: Freepik)
एम्बुलेंस का फुल फॉर्म क्या होता है?
एम्बुलेंस लैटिन के शब्द Ambulare से आया है, जिसका मतलब होता है चलना। हालांकि, मेडिकल फील्ड में इसका फुल फॉर्म ‘Automobile for Medical Care in Urgent Life-Threatening Situations and Non-Emergency Transportation’ इस्तेमाल किया जाता है।
यानि, यह एक ऐसा वाहन जिसका इस्तेमाल आपातकालीन और गैर-आपातकालीन दोनों तरह की मेडिकल सेवाओं के लिए किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य मरीज को जल्दी और सुरक्षित तरीके से अस्पताल तक पहुंचाना और रास्ते में जरूरी इलाज देना होता है।
एम्बुलेंस कितने प्रकार की होती है?
आज के समय में मरीज की हालत और जरूरत के हिसाब से कई तरह की एम्बुलेंस उपलब्ध हैं, जिनकी सुविधाएं और किराया दोनों ही काफी अलग है।
बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस [Basic Life Support (BLS)]
यह सबसे सामान्य और बेसिक एम्बुलेंस होती है। इसमें ऑक्सीजन सिलेंडर, फर्स्ट-एड किट, स्ट्रेचर और बेसिक मेडिकल उपकरण मौजूद होते हैं। यह उन मरीजों के लिए होती है जिनकी हालत बहुत ज्यादा गंभीर नहीं है यानी जान को तुरंत खतरा नहीं होता।
इसका किराया लगभग ₹1000 से ₹3000 तक हो सकता है, लेकिन यह निर्भर करता है कि आप कहां रहते हैं।
एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस [Advanced Life Support (ALS)]
यह एम्बुलेंस ज्यादा गंभीर मरीजों के लिए होती है। इसमें वेंटिलेटर, मॉनिटर, डिफिब्रिलेटर और ट्रेंड पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद होता है। हार्ट अटैक, गंभीर एक्सीडेंट या सांस की दिक्कत जैसे मामलों में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
इसका किराया लगभग ₹5000 से ₹10000 तक जा सकता है, लेकिन यह भी जगह पर निर्भर करता है।

(Picture Courtesy: Freepik)
मोबाइल आईसीयू [Mobile ICU (MICU)]
इसे चलता-फिरता ICU भी कहा जा सकता है। इसमें ICU जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं होती हैं, जैसे वेंटिलेटर, कार्डियक मॉनिटर, इमरजेंसी दवाइयां और एक्सपर्ट मेडिकल स्टाफ। गंभीर मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाने में इसका इस्तेमाल होता है।
इसका किराया दूसरे एम्बुलेंस की तुलना में ज्यादा होता है, क्योंकि इसमें सुविधाएं भी ज्यादा होती हैं और यह लगभग ₹15000 से ₹25000 तक जा सकता है।

(Picture Courtesy: Unsplash)
एयर एम्बुलेंस (Air Ambulance)
जब मरीज को बहुत दूर या जल्दी किसी बड़े अस्पताल ले जाना जरूरी होता है, तब एयर एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया जाता है। यह हेलिकॉप्टर या छोटे विमान के जरिए मरीज को ट्रांसपोर्ट करती है। यह सबसे महंगी लेकिन सबसे तेज सुविधा होती है।

(Picture Courtesy: Unsplash)
नॉन इमरजेंसी पेशेंट ट्रांसपोर्ट एम्बुलेंस (Non-Emergency Patient Transport Ambulance)
इस तरह की एम्बुलेंस उन मरीजों के लिए होती है जिन्हें डायलिसिस, चेकअप या डिस्चार्ज के बाद घर ले जाना होता है। इसमें इमरजेंसी उपकरण नहीं होते, लेकिन मरीज की सुरक्षा और आराम का पूरा ध्यान रखा जाता है।
एम्बुलेंस को बुलाते वक्त किन बातों का ध्यान रखें?
जब भी आप एम्बुलेंस के लिए कॉल करें (भारत में 102 या 108), तो ये जानकारियां जरूर और सही तरीके से दें-
- मरीज की स्थिति (क्या वह होश में है? क्या उसे सांस लेने में दिक्कत है?)
- सटीक लोकेशन और लैंडमार्क, ताकि एम्बुलेंस आसानी से पहुंच सके
- आपका कॉन्टेक्ट नंबर, ताकि जरूरत पड़ने पर एम्बुलेंस आपसे संपर्क कर सके
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