Bajrangi Bhaijaan से सेंसर बोर्ड हटाना चाहता था मौलवी वाला ये सीन, कबीर खान ने कहा- 'जिन लोगों को इस पर...'
बजरंगी भाईजान की रिलीज को 10 साल हो गए हैं। हाल ही में कबीर खान ने रिवील किया है कि जब उनकी फिल्म रिलीज होने वाली थी तो मौलवी (ओम पुरी) के जय श्रीराम वाले डायलॉग को कट करने के लिए कहा गया था। जानिए फिर कैसे CBFC ने बिना सीन काटे फिल्म को रिलीज करने दिया।

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। इस बात में कोई दोराय नहीं है कि बजरंगी भाईजान सिनेमा की बेहतरीन पेशकश है। एक भोले-भाले बजरंगी और बेजुबान मुन्नी की कहानी जिस तरह पर्दे पर उकेरी गई, उसने दर्शकों का दिल छू लिया। मगर क्या आपको पता है कि एक डायलॉग को सीबीएफसी हटाने वाली थी।
आज के दौर में धार्मिक या फिर सामाजिक मुद्दों की फिल्मों पर सेंसर बोर्ड की पैनी नजर होती है। बवाल से बचने के लिए वे विवादित डायलॉग्स या फिर सीन को हटा देते हैं। 2015 में रिलीज हुई बजरंगी भाईजान के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था।
सेंसर बोर्ड हटाना चाहता था ये सीन
दरअसल, बजरंगी भाईजान में ओम पुरी की भी अहम भूमिका थी। वह फिल्म में पाकिस्तानी मौलवी बने थे जो आखिर में जय श्रीराम डायलॉग बोलते हैं। कबीर खान ने एक हालिया डायलॉग में बताया कि उस वक्त सेंसर बोर्ड ने इस सीन को एडिट करने के लिए कहा था।
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Photo Credit - IMDb
स्क्रीन के साथ बातचीत में कबीर खान ने कहा, "मैंने बस अपने दिल की सुनी लेकिन आप सही कह रहे हैं, आजकल लोग किसी भी फिल्म को देखने से पहले उसका मूल्यांकन करते हैं। लेकिन उस समय किसी ने भी यह नहीं कहा कि फिल्म आपत्तिजनक है। हालांकि, एक लाइन थी जिसे सेंसर बोर्ड मुझसे कटवाना चाहता था, जब ओम पुरी सलमान को विदा करते हुए 'जय श्री राम' कहते हैं।"
सीन न हटाने के लिए सेंसर बोर्ड से लड़े थे कबीर खान
कबीर खान ने आगे कहा, "उन्हें लगा कि इससे लोग, खासकर मुस्लिम आबादी नाराज हो सकती है लेकिन मैंने इसके लिए संघर्ष किया। मुझे याद है कि मैंने यह फिल्म गेयटी गैलेक्सी में देखी थी, जो मुंबई के सबसे बेहतरीन सिंगल-स्क्रीन थिएटरों में से एक है। बांद्रा के मुस्लिम ब्लू-कॉलर मजदूरों से भरा थिएटर उस लाइन के आते ही तालियों से गूंज उठा। यह इस बात का स्पष्ट संकेत था कि जिन लोगों को इस पर संदेह था, वे गलत थे। आप देख सकते थे कि यह पल उनके दिलों में कितनी गहराई से उतर गया था।"
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