आशिकों के दिलों में आज भी बसता है 50 साल पुराना ये गाना, जब Kishore Kumar का खराब गाना सुन स्टूडियो छोड़ भाग गए थे डायरेक्टर
राजेश खन्ना की जिद पर फिल्म 'महबूबा' का गाना 'मेरे नैना सावन भादव' किशोर कुमार ने गाया, जबकि निर्देशक रफी साहब से गवाना चाहते थे। ...और पढ़ें
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HighLights
राजेश खन्ना ने किशोर कुमार से गाना गाने की जिद की
निर्देशक शक्ति सामंत चाहते थे रफी साहब यह गाना गाएं
किशोर कुमार ने एक टेक में गाने को अमर बना दिया
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सिनेमा का कोई भी गाना बस यूं ही नहीं लिख दिया जाता। इसके पीछे एक कहानी जरूर छुपी होती है। आज हम जिस गाने के बारे में आपको बताने वाले हैं वो राजेश खन्ना पर फिल्माया गया है।
राजेश खन्ना ने क्यों की थी जिद
हम बात कर रहे हैं साल 1976 में आई फिल्म 'महबूबा' (Mehbooba) की। इस फिल्म का गाना 'मेरे नैना सावन भादव' (Mere Naina Sawan Bhado) काफी पॉपुलर हुआ था। हर एक रोमांटिक आशिक अपना प्रेम जाहिर करने के लिए कई बार इसे गाता नजर आता है। आज की पूरी बात इसी पर आधारित है।
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आर डी बर्मन ने एक कंपोजीशन तैयार की थी जोकि कमाल की थी। इस फिल्म के प्रोड्यूसर डायरेक्टर शक्ति सामंत के मन में क्लियर था कि ये कंपोजीशन रफी साहब के लिए है। आनंद बक्शी जिन्होंने इस गाने को लिखा था उन्होंने भी इस पर हामी भरी। लेकिन फिल्म के हीरो राजेश खन्ना उर्फ काका एक बात पर अड़ गए। उनका मन था कि ये गाना किशोर कुमार उनके लिए गाएं।
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रात के 2 बजे पहुंचे किशोर कुमार के घर
राजेश खन्ना को समझाया गया कि उनके लिए रफी साहब ने कई हिट गाने गाए हैं तो ये गाना भी उन्हें गाने दें। लेकिन वो नहीं मानें और रात के 2 बजे अपनी बात लेकर किशोर कुमार के घर पहुंचे और कहा कि ये गाना आपको गाना है दादा। किशोर कुमार को जब ये बात पता लगी कि ये गाना पहले रफी साहब गाने वाले थे तो उन्होंने इसे तैयार करने के लिए एक महीने का समय मांगा। राजेश खन्ना ने कहा कि अगर किशोर दा ये गाना नहीं गाएंगे तो वो शक्ति सामंत की पिक्चर छोड़ देंगे।
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किशोर कुमार ने गाया गंदा गाना
राजेश खन्ना वापस आए और शक्ति जी को बोला कि किशोर कुमार ही ये गाना गाएंगे। किशोर कुमार ने एक महीने बाद जब आनंद बख्शी और शक्ति सामंत की मौजूदगी में ये गाना गाया तो वो बहुत ही खराब था। नाराज होकर शक्ति सामंत स्टूडियो छोड़कर चले गए और रफी साहब से गाने की डेट्स लेने को कहा। 15-20 मिनट के बाद किशोर दा ने पूछा कि शक्ति दा चले गए तो आनंद बख्शी ने कहा हां। इसके बाद किशोर कुमार ने ये गाना एक ही टेक में गाया और ऐसा गाया कि ये हमेशा हमेशा के लिए अमर बन गया।