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    स्कूलों में प्रार्थना बना 69 साल पुराना गीत, Lata Mangeshkar ने अमर किया था राजस्थान के गीतकार का गाना

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 09:39 AM (IST)

    गायिका लता मंगेशकर लता मंगेशकर ने 69 साल पहले एक ऐसा गाना गाया था, जो आज स्कूली प्रार्थना बन चुका है। ...और पढ़ें

    स्कूली प्रार्थना बना ये गीत (फोटो क्रेडिट- स्क्रीन शॉट)

    स्कूली प्रार्थना बना ये गीत (फोटो क्रेडिट- स्क्रीन शॉट)

    HighLights

    1. लता मंगेशकर ने गाया था ये गीत

    2. राजस्थान के गीतकार ने लिखा था गाना

    3. 69 साल पहले आई फिल्म से रखता है नाता

    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सिनेमा जगत में संगीत का इतिहास इतना गहरा है कि इसमें कई शानदार गीतों के राज दफन हैं। इस आधार पर आज हम आपको पुराने जमाने के उस लोकप्रिय गाने के बारे में बताने जा रहे हैं, जो स्कूलों में प्रार्थना बन चुका है। स्कूली बच्चे आज भी इस गीत को एक प्रार्थना के तौर पर गाते है।

    लेकिन ये गाना 69 साल पहले आई एक कल्ट फिल्म से नाता रखता है, जिसको राजस्थान की मिट्टी से जन्मे एक दिग्गज गीतकार ने लिखा था और इसे सुरों की कोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने अपनी आवाज दी थी।

    स्कूल की प्रार्थना बना ये पुराना गीत

    सुबह की प्रार्थना के तौर पर देश के हजारों स्कूलों में आज भी प्रेयर मीट में विद्यार्थी इसी गीत से दिन की शुरुआत करते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि यह जिस गाने के बारे में इस लेख में बात हो रही है, उसे किसी स्कूल की प्रार्थना सभा के तौर पर तैयार नहीं किया गया था, बल्कि 1957 में रिलीज हुई फिल्म दो आंखें बारह हाथ के लिए लिखा गया था।

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    Ae Malik Tere Bande Hum song (2)

    राजस्थान के बीकानेर में जन्म गीतकार भरत व्यास (Bharat Vyas) ने इसके बोल लिखे थे, जो इस प्रकार थे- ऐ मालिक तेरे बंदे हम... (Ae Malik Tere Bande Hum)। जी हां इस गीत को आज के समय में स्कूल की प्रार्थना के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। कई विद्यालयों में भरत व्यास के इस 69 साल पुराने गाने की गूंज सुनने को मिल जाती है।

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    Ae Malik Tere Bande Hum song (1)

    फेसबुक पेज वीडियो क्लिप में इस मामले की आधिकारिक जानकारी दी जाती है। इस गाने को मशहूर गायिका लता मंगेशकर और गायक मन्ना डे ने अपनी-अपनी जादुई आवाज में गाया था और संगीतकार वसंत देसाई ने इसकी धुनों को बनाया था। इस तरह से ऐ मालिक तेरे बंदे हम... गाना बनकर तैयार हुआ था।

    फिल्म दो आंखें बारह हाथ (Do Ankhen Baarah Hath) का ये गीत केवल एक फिल्मी गीत नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं, संस्कारों और बचपन की यादों से नाता रखता है। गीतकार भरत व्यास का इस कालजयी गाने का मतलब समाज में मानवता, करुणा, सत्य, ईमानदारी और सही मार्ग पर चलने से है। इस तरह से ऐ मालिक तेरे बंद हम... एक यादगार गीत के तौर पर जाना जाता है।

    वी.शांताराम की दो आंखें बारह हाथ

    हिंदी सिनेमा लीजेंडरी निर्देशक वी शांताराम ने फिल्म दो आंखें बारह हाथ में मुख्य भूमिका निभाई थी। इसके अलावा मूवी में संध्या संतराम और वी.एन व्यास जैसे कई कलाकार भी शामिल रहे। एक एक्टर के तौर पर दो आंखें बारह हाथ को शांताराम के करियर के कल्ट मूवी के तौर पर याद किया जाता है। इतना ही नहीं ऐ मालिक तेरे बंदे हम... गाने ने फिल्म की लोकप्रियता में अहम योगदान दिया है।

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