माइक से 25 फीट दूर खड़े होकर Lata Mangeshkar ने गाया था भूतिया गाना, 77 साल बाद भी कल्ट सॉन्ग सुन कांपती है रूह
लता मंगेशकर ने 77 साल पहले हॉरर फिल्म के लिए एक ऐसा गाना गाया था, जो आज के समय में कल्ट क्लासिक बन चुका है। इस गाने को रिकॉर्ड करने के पीछे की कहानी द ...और पढ़ें
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लता मंगेशकर का हॉरर गाना/ फोटो- Instagram
HighLights
लता मंगेशकर का ये गाना 77 साल बाद बन चुका है कल्ट क्लासिक
बिना टेक्निक के इस तरह गाने में डाला था हॉरर फील
वह गाना जिसने लता मंगेशकर को बनाया सुर सम्राज्ञी
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। स्वरकोकिला लता मंगेशकर ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार गाने दिए हैं। उनकी आवाज में गाने सुनते ही दर्शको धुन में खो जाते हैं। 36 से अधिक भाषाओं में गाने देने वालीं लता मंगेशकर ने वैसे तो अपने करियर में कई यादगार गाने गाए हैं, लेकिन 77 साल पहले उन्होंने एक ऐसा गीत गाया था, जिसे आज भी अकेले में सुनने में थोड़ा डर का एहसास होने लगेगा।
जिस गाने के बारे में हम आपको बता रहे हैं, उसके बाद ही लता मंगेशकर को 'सुर सम्राज्ञी' का टैग मिला था। कौन सा है वह कल्ट क्लासिक गाना और कैसे माइक से 25 फीट दूर खड़े होकर लता मंगेशकर ने उसे बनाया यादगार, नीचे पढ़ें पूरी डिटेल्स:
बिना साउंड ट्रैक के लता मंगेशकर ने ऐसे गाया था हॉरर गाना
लता मंगेशकर की आवाज में गाए हम जिस कल्ट क्लासिक सॉन्ग का जिक्र हम अपने इस लेख में कर रहे हैं, वह साल 1949 में रिलीज हुई हॉरर फिल्म 'महल' का है, जिसमें अशोक कुमार और मधुबाला ने मुख्य किरदार निभाया था। इस फिल्म का एवरग्रीन हिट सॉन्ग 'आएगा आने वाला आएगा' उस दौर में बहुत बड़ा हिट हुआ था। महल के गाने ने एक गाने ने लता मंगेशकर को बॉलीवुड में वह मुकाम दिया था, जिसकी कल्पना भी सिंगर ने नहीं की थी।
हालांकि, 'आएगा आने वाला आएगा' गाने में हॉरर फील लाने के लिए मेकर्स ने काफी जद्दोजहद की थी। उस समय पर तकनीकी उपकरण कम थे, जिसकी वजह से इस गाने को गाने के लिए लता मंगेशकर को कमाल अमरोही और खेमचंद प्रकाश ने खाली रूम में एकदम कोने में खड़ा किया था।
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भूतों का फील लाने के लिए बिना टेक्निक किया रिकॉर्ड
द वायर वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, मेकर्स चाहते थे कि जब यह गाना बजे तो ऐसा लगे कि कोई अदृश्य साया या भूत दूर से गाते हुए धीरे-धीरे पास आ रहा है। जिसके लिए लता मंगेशकर रिकॉर्डिंग स्टूडियो में खाली जगह पर थीं और उनसे माइक तकरीबन 25 फीट दूर था। रिकॉर्डिंग स्टूडियो के बीचों-बीच एक माइक्रोफोन रखा गया था। जब लता मंगेशकर ने गाने 'खामोश है जमाना, चुपचाप हैं सितारे...' गाना शुरू किया तो दूर से उनकी आवाज आ रही थी, जो बेहद धीमे थी।
वह माइक की तरफ धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थीं, जिससे यह लगे कि 'महल' में मौजूद साए कि आवाज 'हरि' के करीब आ रही है। इत्तेफाक से मुख्य मुखड़े 'आएगा आने वाला आएगा' लाइन आने तक वह माइक के बिल्कुल करीब पहुंच गई थी। मेकर्स ने जिस तरह से इस गाने की प्लानिंग की थी, ठीक सब चीजें उसी तरह से चली, जब 'महल' रिलीज हुई और यह गाना उस दौर में थिएटर्स में बजा तो लोगों को बेहद पसंद आया, लेकिन साथ ही काफी डर भी लगा।
Video Credit- narjis vintage movies
9 लाख के बजट में बनी 'महल' हुई थी सुपरहिट
लता मंगेशकर की आवाज में गाए इस गीत के बाद ही वह हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी सिंगर बनकर उभरीं। जहां लता मंगेशकर ने गाने को आवाज दी, तो वहीं दूसरी तरफ खेमचंद प्रकाश ने इसका म्यूजिक कंपोज किया। साल 1949 में रिलीज हुई 'महल' का बजट उस दौर में 9 लाख के आसपास था, लेकिन फिल्म की कमाई 1.45 करोड़ के आसपास हुई थी।