59 साल पुराना Lata Mangeshkar का देसी गाना सावन को बनाता है सुहाना, मीना कुमारी पर फिल्माया गया गीत आज भी है सदाबहार
Lata Mangeshkar की आवाज में गाया गया ये गीत 59 साल बाद भी सदाबहार बना हुआ है। ...और पढ़ें
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सावन को सुहाना बनाता है लता मंगेशकर का ये गाना
HighLights
सावन को सुहाना बनाता है लता मंगेशकर का ये गाना
59 साल बाद भी सदाबहार है गीत
मीना कुमारी पर फिल्माया गया था ये गीत
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। लता मंगेशकर ने अपने करियर में लगभग 30,000 गानों को आवाज दी है। रोमांटिक से लेकर दोस्ती तक और देशप्रेम तक के गाने उन्होंने गाए हैं। फिलहाल सावन का मौसम शुरू हो चुका है और ऐसे में बारिश की बूंदों के साथ अगर स्वर कोकिला की आवाज सुनने को मिल जाए तो फिर बात ही क्या।
60 साल बाद भी सदाबहार
आज हम लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) के एक ऐसे ही गाने की बात करने जा रहे हैं जो सावन से जुड़ा हुआ है और लगभग 60 साल पहले बना होने के बावजूद आज भी सदाबहार है।
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सावन का महीना, बारिश की बूंदें, झूले और सखियों का साथ, बस इतना ही काफी है मन को खुश करने के लिए। वहीं अगर लता मंगेशकर की आवाज में कोई सावन स्पेशल गाना मिल जाए तो यह माहौल को और भी खिला हुआ बना देता है।
आशा भोसले ने भी दिया साथ
आज हम जिस गाने की बात कर रहे हैं वह भी कुछ ऐसा ही है। इस गाने को मशहूर एक्ट्रेस मीना कुमारी (Meena Kumari) पर फिल्माया गया है। इसे 1967 में रिलीज हुई फिल्म बहू बेगम (Bahu Begum) के लिए गाया गया था। जिसके बोल हैं- पड़ गए झूले, सावन रुत आई रे। इसकी खास बात ये है कि लता मंगेशकर के साथ-साथ उनकी बहन और मशहूर सिंदर आशा भोसले ने भी इसमें आवाज दी है।
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'ट्रेजडी क्वीन' मीना कुमारी का बेफिक्र अंदाज
इस गाने के म्यूजिक डायरेक्टर रोशन थे और इसके लिरिक्स साहिर लुधियानवी ने लिखे हैं। इस गाने में मशहूर अभिनेत्री मीना कुमारी, जिन्हें 'ट्रेजेडी क्वीन' के नाम से जाना जाता है – स्क्रीन पर एक अनोखे, बेफिक्र मूड में नजर आती हैं।
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'बहू बेगम' के बारे में
'बहू बेगम' को डायरेक्टर एम. सादिक ने निर्देशित किया था, इसमें प्रदीप कुमार, मीना कुमारी और अशोक कुमार ने काम किया था। फिल्म का संगीत रोशन ने दिया था और गाने साहिर लुधियानवी ने लिखे थे। फिल्म लखनऊ के पुराने दौर पर आधारित एक मुस्लिम सोशल पीरियड ड्रामा है, जो बहू बेगम की हवेली से जुड़ी एक काल्पनिक कहानी पर बनी है।