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    अफगान से आया 61 साल पुराना Cult Song, पत्नियों का दिल लुभाने के लिए आज भी गाते हैं पति; Manna Dey ने दी थी आवाज

    Updated: Mon, 11 May 2026 08:00 PM (IST)

    61 साल पहले एक कल्ट गीत बना जो आज भी बहुत पॉपुलर है। यह गीत वास्तव में अफगान से आया था लेकिन इसका बॉलीवुड वर्जन खूब मशहूर हुआ। ...और पढ़ें

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    मन्ना डे का गीत आज भी बना हुआ है अमर। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम

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    संक्षेप में पढ़ें

    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। म्यूजिक इंडस्ट्री के सुनहरे दौर में किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, मुकेश का दबदबा हुआ करता था, उस वक्त मन्ना डे (Manna Dey) आए। क्लासिकल म्यूजिक में मजबूत पकड़ थी। वह उन गायकों में से थे जिनकी गायिकी में वर्सेटिलिटी थी।

    मन्ना डे की आवाज में चुलबुलापन, रोमांस और दर्द... सब कुछ महसूस किया जा सकता था। उन्होंने कई कल्ट गाने गाए जिसने उनकी आवाज हमेशा-हमेशा के लिए अमर कर दिया। ठीक 61 साल पहले उन्होंने एक कव्वाली गाया, जो आज भी बहुत मशहूर है।

    अफगान से आया कल्ट गीत

    61 साल बाद भी पति, अपनी पत्नियों के लिए यह कव्वाली गाकर अपने प्यार का इजहार करते हैं। यह भले ही मिडिल-एज बेस्ड कपल सॉन्ग था, लेकिन यह हर एज के लोगों के बीच मशहूर हो गया। यह वास्तव में अफगान से आया था।

    6 दशक बाद भी कल्ट है गीत

    जिस गीत या कव्वाली की हम बात कर रहे हैं, वो है 'ऐ मेरे जोहरा जबीं' (Ae Mere Zohra Jabeen)। यह गीत 1965 में आई फिल्म 'वक्त' का था। यश चोपड़ा निर्देशित फिल्म का म्यूजिक रवि ने डायरेक्ट किया था। जिस वक्त में मोहम्मद रफी (Mohammed Rafi) का राज था, उस वक्त इस कव्वाली के लिए मन्ना डे को चुना गया।

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    इसलिए मन्ना डे को किया गया था साइन

    गणेस अनंतरमन की किताब बॉलीवुड मेलोडीज के मुताबिक, मन्ना डे ने इस गीत के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा था कि यह गीत उनका सबसे फेवरेट था। यह एक अफगान गाने पर बेस्ड था जिसे कंपोजर रवि ने कव्वाली के रूप में प्रेजेंट किया था।

     

    मिडिल-एज्ड मैन पर बेस्ड इस गीत के लिए संयम और मधुरता की जरूरत थी जो मन्ना डे की आवाज में भर-भरकर थी। मन्ना डे ने कहा था कि शायद इसी वजह से रफी को छोड़ उन्हें इस गीत के लिए चुना गया था। इस कव्वाली के बोल साहिर लुधियानवी ने लिखे थे और कंपोजीशन रवि का था। 

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