ऑटो रिक्शा से लेकर गली-चौराहों में हर जगह बजता था कविता कृष्णामूर्ति का 33 साल पुराना गाना, आज भी है कल्ट क्लासिक
33 साल पहले संजय दत्त की एक फिल्म आई थी जिसका एक गाना काफी पॉपुलर हुआ था। यही से उनकी बैड ब्वॉय छवि लोगों के बीच खूब पॉपुलर हुई थी। ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। बॉलीवुड में आए दिन कई गानें रिलीज होते हैं लेकिन इनमें से कुछ ही ऐसे होते हैं जो हमारे दिल में जगह बना पाते हैं। वहीं कुछ ऐसे होते हैं जो अपने साथ-साथ एक्टर को भी पॉपुलर कर देते हैं।
आज हम आपको 33 साल पहले रिलीज हुई एक ऐसी ही फिल्म के गाने के बारे में बताएंगे जिसने अपने साथ-साथ उस एक्टर को भी बुलंदियों पर पहुंचाया और उसकी पहचान भी बन गया।
आनंद बक्शी ने लिखे थे बोल
हम बात कर रहे हैं साल 1993 में आई फिल्म खलनायक (Khalnayak) की। इस मूवी में माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) और संजय दत्त (Sanjay Dutt) लीड रोल में नजर आए थे। फिल्म का गाना नायक नहीं खलनायक हूं मैं काफी ज्यादा पॉपुलर हुआ था। इस गाने को अपनी आवाज दी थी कविता कृष्णमूर्ति (Kavita Krishnamurthy) और विनोद राठौड़ (Vinod Rathod) ने और लिरिक्स लिखे थे आनंद बक्शी ने।
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खलनायक एक एक्शन थ्रिलर फिल्म थी जिसमें संजय दत्त ने ग्रे शेड कैरेक्टर निभाया था। इस गाने के बाद से संजय दत्त को वहीं बैड ब्वॉय वाली छवि के तौर पर देखा जाने लगा था। वहीं विनोद राठौड़ की आवाज ने जो कड़कपन इसमें जोड़ा था उसने गाने को और भी दमदार बना दिया। फिल्म का निर्देशन सुभाष घई ने किया था और वहीं इसके निर्माता भी थ
गाली चलाते हुए सुनना पसंद करते थे लोग
इस गाने ने बॉलीवुड में एंटी-हीरो की छवि के चलन को बेहद लोकप्रिय बना दिया था। कहा जाता है कि गली-चौराहे और ऑटो रिक्शा ड्राइवर्स गाड़ी चलाते समय इसे खूब सुना करते थे। उनके लिए ये सॉन्ग एक तरीके का एंथम बन गया था।
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उस जमाने में इसकी चमक ऐसी थी कि जब ये गाना सिनेमाघरों में बजता था, तो लोग स्क्रीन पर पैस फेंकते और उनके लिए जमकर तालिया बजाते थे। आज भी अगर इस गाने को कहीं सुनते हैं तो संजय दत्त की वो विलेन वाली छवि अपने आप आंखों के सामने आ जाती है।