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    एक धुन पर बने 11 ब्लॉकबस्टर गाने, कल्ट गीतों को Lata-Asha ने दी आवाज; 75 साल पुरानी 'जादूई धुन' के अजूबे की कहानी

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 08:03 PM (IST)

    सोचिए, एक धुन पर कितने गाने बनाए जा सकते हैं, लेकिन 75 साल पहले हिंदी सिनेमा में आई एक ऐसी धुन, जिस पर करीब 11 गाने बने हैं और इन गानों को ज्यादातर लत ...और पढ़ें

    75 साल पुरानी एक धुन पर बने 11 गाने

    75 साल पुरानी एक धुन पर बने 11 गाने

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर कुछ गीत ऐसे होते हैं, जो हमेशा हमारे जेहन में बसे रह जाते हैं। कुछ गाने हिंदी सिनेमा में ऐसे ही बने जिनकी धुनें हमारे दिल में बसी रह गईं। लेकिन अगर हम आपसे कहें कि एक गाना ऐसा बना, जिसकी धुन पर बॉलीवुड में करीब 10-11 गाने बने, तो क्या आप इस पर यकीन करेंगे।

    जी हां, अब भले ही इसका जिक्र ज्यादा ना किया गया हो, लेकिन ये सभी गाने कहीं ना कहीं एक दूसरे से मेल जरूर खाते हैं और बड़ी बात यह है कि ये गाने आज भी कल्ट हैं और इन गानों को लता मंगेशकर से लेकर कई अलग-अलग सिंगरों ने आवाज दी थी। आइए जानते हैं...

    कौन सा है वो गाना?

    दरअसल आज जिस गाने की हम बात कर रहे हैं, असल में वह गाना साल 1951 में आई फिल्म नौजवान का है और गाने का नाम है ठंडी हवाएं, लहराके आएं (Thandi Hawayein Lehrake Aaye)। इस गाने को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी। वहीं गाने का संगीत S.D Burman ने तैयार किया था। इस गाने को लिखा साहिर लुधियानवी ने था।

    प्रेमनाथ (Premnath), नलिनी जयवंत (Nalini Jaywant), और यशोधरा काटजू (Yashodhara Katju) जैसे सितारे नजर आए थे। इस गाने में नलिनी जयवंत की खूबसूरती के खूब चर्चे हुए थे। इसी गाने पर हिंदी सिनेमा में कई और गाने बने, जिनकी धुन हुबहू इसी से मिलती जुलती थी।

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    एक ही धुन पर बने 10 गाने

    नौजवान के बाद एक और गाना ऐसा ही सुनाई दिया साल 1954 में आई फिल्म चांदनी चौक में। फिल्म का निर्देशन बी.आर. चोपड़ा ने किया था और फिल्म में मीना कुमारी और शेखर ने लीड रोल प्ले किया था। फिल्म का गाना तेरा दिल कहां है (TERA DIL KAHAAN HAI) बिल्कुल वैसा ही सुनाई पड़ता है।

    इस गाने को आशा भोसले ने अपनी आवाज दी थी। इसके बाद कुछ इसी धुन पर बना एक और गाना हमें सुनाई दिया साल 1964 में आई फिल्म आप की परछाई में। इस फिल्म में धर्मेंद्र और सुप्रिया चौधरी नजर आए थे। फिल्म का गाना 'यही है तमन्ना' (Yahi Hai Tamanna Tere Dar Ke Samane) की धुन बिल्कुल वैसे ही थी, जैसे नौजवान के गाने की थी।

    ज्यादातर गानों को लता मंगेशकर ने दी आवाज

    इसी धुन पर एक और गाना आया साल 1966 में ममता फिल्म का गाना 'रहे ना रहे हम, महका करेंगे' (RAHEIN NA RAHEIN HUM)। इस गाने को भी लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar Songs) ने ही आवाज की थी। यह गाना इन सबसे बड़ा हिट रहा और आज भी सुपरहिट है।

    संगीतकार रोशन ने खुद यह माना था कि यह गाना सीधे तौर पर 'ठंडी हवाएं' की धुन से प्रेरित था। इसके बाद साल 1976 में आई फिल्म 'बंडलबाज' (Bundal Baaz) का गाना 'नगमा हमारा' (Nagma Hamara) भी काफी हद उसी धुन से मिलता-जुलता था। इस गाने को भी लता मंगेशकर ही आवाज दी थी और लता दीदी के साथ गाना मोहम्मद रफी ने भी गाया था।

    ज्यादातर गाने रहे हिट

    साल 1981 में आई फिल्म नरम गरम में फिर से वही धुन सुनाई दी। फिल्म का गाना हमें रास्तों की जरूरत नहीं है बिल्कुल उसी धुन से प्रेरित होकर बना। गाने को आशा भोसले (Asha Bhosle) ने अपनी आवाज से सजाया। इसे लिखा गुलजार ने और इसका संगीत तैयार किया R.D. Burman ने।

    इसके बाद साल 1983 में आई फिल्म 'अगर तुम ना होते' (Agar Tum Na Hote) का गाना तो आपने जरूर ही सुना होगा। फिल्म का गाना 'हमें और जीने की चाहत ना होती' (Humein Aur Jeene Ki Chahat Na Hoti) मानो आज भी हर दिल पर राज करता है और इस गाने की धुन भी उसी से इंस्पायर्ड है। इस गाने को लता मंगेशकर ने ही गाया और रेखा (Rekha) पर फिल्माया गया ये गीत सुपरहिट रहा।

    साल 1985 में फिर से इसी धुन का जादू चला। फिल्म 'सागर' का गाना 'सागर किनारे ये दिल पुकारे' (Sagar Kinare Ye) भला किसे याद नहीं है। इस गाने को भी लता मंगेशकर ने किशोर कुमार के साथ गाया था। यह गाना सुपरहिट हुआ। गाने में ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया नजर आए। गाने का संगीत R.D.Burman ने तैयार किया था।

    साल 1992 में आई फिल्म 'नरगिस' का गाना दोनों के दिल हैं (Dono Ke Dil Hain) भी कुछ उसी धुन से प्रेरित होकर बना। इस गाने को भी लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने गाया। गाना गजल के अंदाज में आया और गाने में लता दीदी के साथ जगजीत सिंह (Jagjit Singh) की आवाज भी सुनाई दी।

    इसके बाद साल 1993 में आई फिल्म 'प्यार का तराना' का गाना 'कहा था जो तुमने' (Kaha Tha Jo Tumne Kyun Maine Maana) भी उसी धुन से बना। गाने को लता मंगेशकर ने गाया। देव आनंद के डायरेक्शन वाली इस फिल्म के गीत को अनीता अयूब पर फिल्माया गया था।

    इसके अलावा साल 1972 में आई फिल्म 'पिया का घर' (Piya Ka Ghar) का गाना 'ये जीवन है इस जीवन का' (Ye Jeewan Hai is Jeewan ka) गाना सुनेंगे तो आपको कहीं ना कहीं ये धुन भी वैसी ही लगेगी। इस गाने को भी लता मंगेशकर ने ही आवाज दी और उन्होंने गाना किशोर कुमार (Kishore Kumar) के साथ गाया था। ये सारे हिट रहे और इन गानों के जरिए हमें एक नई चीज सिनेमा में सुनाई दी।

    Credit: kahanisuno_swatise (Instagram)

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