लता दीदी से छीना, Asha Bhosle की आवाज ने बनाया कल्ट; 54 साल पहले आर डी बर्मन की जिद से बना वो हिट गाना
54 साल पहले कैसे आशा भोसले की आवाज में एक हिट गाना बना, जबकि उस गाने को पहले लता मंगेशकर गाने वाली थीं। आर.डी. बर्मन की जिद ने कैसे लता दीदी से वो गान ...और पढ़ें

54 साल पहले आया आशा भोसले का वो कल्ट गाना

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 70 के दशक में कई गाने ऐसे बने जो हमेशा के लिए कल्ट हो गए। एक ऐसा ही गाना बना, जो हर किसी के दिल में बस गया। ये गाना वक्त से आगे का था और इस गाने पर जमकर विवाद भी हुआ। हालांकि इस गाने को पहले लता मंगेशकर और ऊषा उत्थुप गाने वाली थीं, लेकिन बाद में इस कल्ट गाने को आशा भोसले ने आवाज दी। क्या है ये पूरा किस्सा आइए आपको बताते हैं...
आशा भोसले ने दी गाने को आवाज
दरअसल जिस गाने की हम बात कर रहे हैं वो गाना कोई और नहीं बल्कि साल 1971 में आई फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' (Hare Krishna Hare Ram) का गाना "दम मारो दम" (Dum Maaro Dum Song) है। ये गाना आज भी कल्ट क्लासिक माना जाता है, लेकिन इसके पीछे संगीतकार आर.डी. बर्मन (RD Burman) और सिंगर आशा भोसले का जो किस्सा है, वह बॉलीवुड के सबसे दिलचस्प वाकयों में से एक है।
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हाल ही में जीनत अमान ने आशा भोसले को याद करते हुए एक पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने बताया कि कैसे पंचम दा ने लता और ऊषा उत्थुप को हटाकर यह गाना आशा भोसले से गवाया था।
जीनत अमान ने शेयर किया पोस्ट
दरअसल गाने का एक क्लिप जीनत अमान (Zeenat Aman) ने शेयर किया है। इस क्लिप को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि,
काश मैं फिर से वैसी ही 19 साल की हो पाती। हे भगवान, क्या ये इन बीते सालों का असर है। दम मारो दम की यादें मेरे दिमाग में धुंधली हैं, लेकिन बेहद खूबसूरत हैं। मैंने इस गाने की शूटिंग की कहानी पहले भी सुनाई है, इसलिए आज की यह यादें खास तौर पर आशा जी के नाम हैं। जैसा कि मैंने अपनी पिछली पोस्ट में भी कहा था, उन्होंने मुझे मेरी सफलता का सबसे बेहतरीन संगीत तोहफे में दिया और उसकी शुरुआत इसी गाने से हुई थी! इसके आगे जीनत अमान ने बताया कि कैसे इस गाने को पहले डुएट यानि दो लोग गाने वाले थे लेकिन पंचम दा के फैसले ने सब बदल दिया और फिर गाने को आशा भोसले ने आवाज दी।
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जीनत ने कहा कि, दिलचस्प बात यह है कि 'दम मारो दम' को असल में एक 'ड्युएट' (दो लोगों का गाना) के रूप में तैयार किया गया था, जिसे आशा जी की बड़ी बहन लता जी (Lata Mangeshkar) और ऊषा उत्थुप गाने वाली थीं। लेकिन आर.डी. बर्मन के मन में कुछ और ही चल रहा था। उन्हें लगा कि इस गाने के लिए उस नशीली और गहरी आवाज़ की ज़रूरत है, जो सिर्फ आशा जी के पास थी।" जीनत अमान ने आगे बताया कि सिर्फ गाना ही नहीं, बल्कि उनका वह हिप्पी लुक और नशे में झूमते हुए गाने का अंदाज़ इतना मशहूर हुआ कि उसने कई पीढ़ियों के युवाओं को अपना दीवाना बना लिया।

बैन हुआ था गाना
आपको बता दें कि आशा भोसले (Asha Bhosle) की आवाज में इस गाने ने तहलका मचा दिया था। जीनत अमान के हिप्पी स्टाइल ने उस वक्त में खूब सुर्खियां बटोरीं, आलम यह था कि इस गाने को बैन करना पड़ा था। गाने पर चिलम-गांजा फूंकने और नशा करने की आदत को बढ़ावा देने का आरोप लगा।
लोगों ने ये भी आरोप लगाए कि गाने में ग्लैमर का तड़का लगाकर संस्कृति को खराब करने की कोशिश की गई। विवाद इतना बढ़ा कि बाद में रेडियो पर इस गाने पर प्रतिबंध लग गया और दूरदर्शन ने फिल्म के टीवी पर प्रसारण के दौरान इसे हटा दिया। यहां तक कि फिल्म जब टीवी पर आई तब भी फिल्म से इस गाने को हटा दिया गया था।

इस फिल्म में देव आनंद और जीनत अमान लीड रोल में नजर आए थे। इस गाने को जीनत पर ही फिल्माया गया था और गाने का संगीत आर.डी बर्मन ने तैयार किया और गाने को लिखा था आनंद बक्शी ने, और आज सालों बाद भी यह गाना कल्ट गानों की लिस्ट में बना हुआ है।
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