69 साल पहले आई वो कल्ट मूवी, 60 लाख के बजट में कमाए थे करोड़ों; कालजयी फिल्म का आज तक नहीं टूटा रिकॉर्ड!
1957 में आई फिल्म 'मदर इंडिया' ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा था, जिसका रिकॉर्ड आज भी कायम है। ...और पढ़ें

वो फिल्म जिसने बनाया रिकॉर्ड

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। आज भले ही फिल्मों की सफलता उनके बॉक्स ऑफिस के नंबर्स को लेकर आंकी जाती हो, लेकिन एक वक्त ऐसा था जब हर फिल्म को हिट का तमगा नहीं दिया जाता था। तब सालों में कोई एक ऐसी फिल्म आती थी जो कल्ट बने और ब्लॉकबस्टर बने। वो साल 1957 का था, जब हिंदी सिनेमा में एक ऐसी फिल्म आई, जिसने कमाई के झंडे गाढ़ दिए और इस फिल्म का रिकॉर्ड तो आज भी कायम है।
कौन सी है वो फिल्म?
दरअसल आज जिस फिल्म की हम बात कर रहे हैं, असल में यह फिल्म आज से करीब 69 साल पहले यानि 1957 में आई थी और इस फिल्म का नाम था 'मदर इंडिया'। जी हां, वही फिल्म जिसने एक्ट्रेस नरगिस के करियर को खूब ऊंचाईयां दीं। यह फिल्म भारतीय सिनेमा को नई उपलब्धियां दिलाकर गई।
फिल्म में एक मां की कहानी को दिखाया गया। फिल्म में नरगिस दत्त लीड रोल में नजर आईं थीं, तो वहीं इसके अलावा फिल्म में उनके साथ राजकुमा, राजेंद्र कुमार और सुनील दत्त भी थे। फिल्म में राजेंद्र कुमार औरप सुनीत दत्त ने नरगिस के बेटों का किरदार निभाया था जबकि राजकुमार ने नरगिस के पति का किरदार निभाया था।
दिलचस्प थी फिल्म की कहानी
मदर इंडिया भारतीय सिनेमा के इतिहास की वह फिल्म थी, जिसका रिकॉर्ड आज भी कायम है। वहीं फिल्म की कहानी भी अलग थी। दरअसल मूवी की कहानी एक गरीब किसान पर आधारित थी। कैसे एक जालिम लाला उनकी जिंदगी को नर्क बनाता है। फिल्म की कहानी इसी के इर्द-गिर्द घूमती है।
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गरीब परिवार पर कर्ज और लाला का जुल्म सहता ये परिवार कैसे अपना लालन-पालन करता है और कैसे एक मां अपने बच्चों की खातिर अपनी जान की बाजी लगा देती है। गरीबी और शोषण दर्दभरी कहानी को इस फिल्म के लिए निर्देशक महबूब खान ने दिखाने की कोशिश की थी।
बॉक्स ऑफिस पर बंपर हिट रही फिल्म
फिल्म मदर इंडिया जब आई तो किसी को नहीं पता था कि यह फिल्म इंटरनेशनल लेवल पर जाकर इतिहास रच देगी। डायरेक्टर महबूब खान की इस फिल्म की झोली में कई बड़े अवॉर्ड्स भी आए तो वहीं भारतीय सिनेमा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और ज्यादा पहचान मिली।
सिनेमा का ये वही दौर था जब अलग-अलग कहानियां लेकर फिल्ममेकर्स आ रहे थे। वहीं साल 1957 की यह फिल्म सबसे बड़ी और कमाऊ फिल्म बनकर उभरी थी। कोईमोई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मदर इंडिया का बजट करीब 60 लाख का बजट था और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 4.5 करोड़ का कारोबार किया था। उस साल की यह हाइएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म रही थी।
इस फिल्म के सेट पर ही आग लगी थी जिसमें नरगिस दत्त की जान बचाने के लिए सुनीत दत्त ने अपनी जान की बाजी लगा दी थी और फिर यहीं से नरगिस और सुनील के बीच नजदीकियां शुरू हो गईं थीं। आज भी यह फिल्म कल्ट फिल्म कही जाती है और इस फिल्म का मुकाबला आजतक कोई नहीं तोड़ पाया है।