रेलवे स्टेशन पर भूखे सोए, पत्नी के गहने गिरवी रखकर बनाया Amitabh Bachchan को स्टार; आज भी कल्ट हैं इनकी फिल्में
Amitabh Bachchan को सुपरस्टार बनाने वाले उस फिल्ममेकर की कहानी बेहद दिलचस्प है। यह वही फिल्ममेकर हैं, जिन्होंने 'एंग्री यंग मैन' युग की शुरुआत की और क ...और पढ़ें

11 फिल्में फ्लॉप देने के बाद अमिताभ को सुपरस्टार बनाने वाले डायरेक्टर की कहानी (फोटो- एक्स)

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। एक दौर था जब हिंदी सिनेमा में अमिताभ बच्चन का स्टारडम फीका पड़ चुका था। बैक टू बैक अमिताभ बच्चन की फिल्में फ्लॉप हो रही थीं। फिर साल 1973 में एक ऐसी फिल्म आई, जिसने अमिताभ बच्चन के करियर को फिर से पटरी पर लाकर खड़ा कर दिया।
इसके बाद अमिताभ सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार बनकर उभरे। लेकिन अमिताभ की इस सफलता के पीछे एक डायरेक्टर का हाथ था और वो कौन सा डायरेक्टर था, चलिए आज आपको बताते हैं उन्हीं की कहानी...
कौन सा है वो डायरेक्टर?
दरअसल आज जिस डायरेक्टर की बात हम कर रहे हैं, वो कोई और नहीं बल्कि दिग्गज डायरेक्टर-प्रोड्यूसर प्रकाश मेहरा हैं। प्रकाश मेहरा वही फिल्ममेकर थे जिन्होंने हिंदी सिनेमा में 'एंग्री यंग मैन' युग की शुरुआत की। 'मसाला फिल्मों' के ट्रेंड को मुकाम पर पहुंचाने वाले फिल्ममेकर प्रकाश मेहरा की कहानी बिल्कुल फिल्मी है।
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ये प्रकाश मेहरा (Prakash Mehra) ही हैं, जिनकी वजह से अमिताभ बच्चन सुपरस्टार बने। प्रकाश मेहरा का जन्म 13 जुलाई 1939 को उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुआ था। बचपन में ही उनकी मां का निधन हो गया और पिता ने संसार त्याग कर संन्यास ले लिया और उन्हें अकेला छोड़ दिया, जिसके बाद उनका पालन-पोषण उनके नाना-नानी ने किया। प्रकाश मेहरा जब 13-14 साल के थे, तो वो अपने सपनों को पूरा करने के लिए मुंबई भाग आए थे।
मुंबई आने के बाद किया संघर्ष
प्रकाश मेहरा अपने घर से भाग तो आए लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उन्हें मुंबई आने के बाद खूब मेहनत करनी पड़ेगी। बड़े शहर में काम पाने के लिए और दो वक्त की रोटी के लिए उन्होंने सैलून में काम करना शुरू किया। इसके अलावा फ्लोर साफ करने और स्टेज पर पर्दे खींचने जैसे काम भी उन्होंने किए।
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फिर जैसे-तैसे वह सिनेमा में आये और सितारों को चाय-पानी परोसने जैसे छोटे-मोटे काम किये। सितारों को चाय परोसते-परोसते वह पहले प्रोडक्शन कंट्रोलर बने और फिर डायरेक्टर को असिस्ट करने लगे। बस यहीं से उनके सफर की शुरुआत हो गई।
पहली ही फिल्म बनाकर हुए हिट
प्रकाश मेहरा ने अपनी पहली फिल्म डायरेक्टर के रूप में साल 1968 में बनाई। उनकी इस फिल्म का नाम था हसीना मन जाएगी। फिल्म में शशि कपूर डबल रोल में थे। फिल्म 'हसीना मान जाएगी' (Haseena Maan Jayegi) से बतौर निर्देशक शुरुआत की, जो सफल रही। इसके बाद उन्होंने साल 1971 में 'मेला' जैसी फिल्में बनाईं।
हालांकि इस बीच उन्होंनें समाधि और आन बान जैसी फिल्में बनाईं। समाधि में उन्होंने धर्मेंद्र के साथ काम किया। फिल्म में धर्मेंद्र डबल रोल में थे। वहीं आन बान राजेंद्र कुमार और राखी नजर आए। हालांकि उनकी असली किस्मत साल 1973 में बदली।
अमिताभ को बना दिया सुपरस्टार
साल 1973 में प्रकाश मेहरा की फिल्म 'जंजीर' (Zanjeer Movie) रिलीज हुई। यह फिल्म प्रकाश मेहरा के करियर और भारतीय सिनेमा का टर्निंग पॉइंट थी। इस फिल्म के लिए उन्होंने पत्नी के गहने तक गिरवी रखे थे। देव आनंद, धर्मेंद्र और राजकुमार जैसे बड़े स्टार्स द्वारा ठुकराए जाने के बाद उन्होंने इस फिल्म के लिए किसी और पर नहीं फ्लॉप चल रहे अमिताभ बच्चन पर दांव लगाया।
फिल्म के लिए जब अमिताभ बच्चन को साइन किया गया था, तो उस वक्त अमिताभ करीब 11 लगातार फ्लॉप फिल्में दे चुके थे। अमिताभ बच्चन का करियर बिल्कुल ढलान पर था, लेकिन प्रकाश मेहरा की जंजीर ने सबकुछ बदल दिया। फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और यहीं से अमिताभ बच्चन 'एंग्री यंग मैन' बनकर उभरे। जंजीर के बाद मेहरा और अमिताभ बच्चन की जोड़ी ने एक के बाद एक कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं।
- हेरा फेरी (1976)
- मुकद्दर का सिकंदर (1978)
- लावारिस (1981)
- नमक हलाल (1982)
- शराबी (1984)
अमिताभ बच्चन को विजय का नाम किसी और ने नहीं बल्कि प्रकाश मेहरा ने ही दिया था। अमिताभ का ये स्क्रीन नाम इतना पॉपुलर हुआ कि बाद में करीब दूसरे निर्देशकों ने भी 19 से ज्यादा फिल्मों में इसे दोहराया।
प्रकाश मेहरा हॉलीवुड अभिनेता चार्ल्स ब्रोंसन के साथ मिलकर 'The God Connection' नाम की एक फिल्म बनाने की प्लानिंग कर रहे थे। फिल्म के लिए फंडिंग भी हुई थी, पर ये फिल्म बन नहीं पाई। साल 2009 में उनका निधन हो गया।