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    दूसरे विश्वयुद्ध में बनीं जासूस, भुखमरी का हुईं शिकार; Oscar जीतने वाली दुनिया की सबसे सुंदर हीरोइन की दास्तां

    Updated: Mon, 11 May 2026 07:10 PM (IST)

    दुनिया की सबसे खूबसूरत अदाकारा जिन्होंने प्रताड़ना और भुखमरी देखी। वह द्वितीय विश्वयुद्ध (World War II) में एक जासूस भी थीं। ...और पढ़ें

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    हॉलीवुड की ब्यूटी क्वीन की दास्तां। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम

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    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। ऑड्री हेपबर्न (Audrey Hepburn) जिन्होंने सिनेमा में ऐसे किरदार निभाए जो वास्तव में उनके निजी व्यक्तित्व को भी उजागर करती थी। वह फिल्मों में जैसे मजबूत और आजाद ख्यालों की दिखती थीं, असल जिंदगी में भी वैसी ही थीं।

    ऑड्री हेपबर्न ने अभिनय की दुनिया में बेशुमार सफलता हासिल की। वह हॉलीवुड की तीसरी सबसे सफल फीमेल स्टार थीं। वह अपनी बेहतरीन अदाकारी के साथ-साथ फैशन सेंस के लिए भी जानी-जानी थीं। वह एकेडमी अवॉर्ड (Oscar), गोल्डन ग्लोब और बाफ्ता अवॉर्ड जीतने वाली पहली अभिनत्री थीं।

    यूं तो ऑड्री हेपबर्न की प्रोफेशनल लाइफ बहुत ही ग्लैमरस लगती है, लेकिन उनकी पर्सनल जिंदगी ग्लैमर से कोसों दूर रही। छोटी सी उम्र में उन्होंने माता-पिता का अलगाव, युद्ध और भुखमरी देखी। उनकी जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं।

    जासूस बनने से लेकर भुखमरी तक... पढ़िए हॉलीवुड की सबसे खूबसूरत और साहसी अभिनेत्री ऑड्री हेपबर्न की कहानी...

    पिता को जाना पड़ा था जेल

    4 मई 1929 को एक ब्रिटिश परिवार में जन्मीं ऑड्री कैथलीन हेपबर्न उर्फ ऑड्री हेपबर्न के पिता एक बैंकर थे, जबकि मां डच बैरोनस थीं। ऑड्री सिर्फ 4 साल की थीं, जब उनके माता-पिता अलग हो गए थे। फिर ब्रिटिश में फासिस्ट गतिविधियों में शामिल होने के चलते उनके पिता को जेल में डाल दिया गया था।

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    Audrey Hepburn Photos

    परिवार ने झेली यातना-देखी भुखमरी

    माता-पिता के तलाक के बाद ऑड्री मां के साथ नीदरलैंड में रहने गईं लेकिन यहां भी उन्हें सुकून न मिला। 1940 में नाजियों ने नीदरलैंड पर हमला कर दिया था। उन्होंने यातना-भुखमरी देखी और मुश्किलें झेलीं। उस वक्त वह 11 साल की थीं। इतना ही नहीं, उनके परिवार ने भी काफी कुछ झेला है। उनके चाचा को फांसी दे दी गई। सौतेले भाई को नाजी मजदूर शिविर में भेजा गया।

    द्वितीय विश्वयुद्ध में बनीं जासूस

    इतना कुछ झेलने के बाद ऑड्री की मां ने फैसला किया कि वह प्रतिरोध आंदोलन का समर्थन करेंगी। इस उथल-पुथल भरी जिंदगी के बीच ऑड्री ने अपने पैशन को फॉलो किया। उन्होंने डांस सीखा, स्टेज परफॉर्मेंस दीं और फिर उन पैसों को प्रतिरोध आंदोलन में लगाया। यही नहीं, कुछ उन्हें नाजियों के खिलाफ जासूस भी बताते हैं। वह 15 की उम्र में नाजियों से छुप-छुपकर ब्रिटिश पायलटों तक संदेश और खाना पहुंचाती थीं।

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    Hollywood Icon

    आसान नहीं था एक्ट्रेस का फिल्मी करियर

    जब द्वितीय विश्वयुद्ध खत्म हुआ तो वह लंदन आ गईं। ज्यादा पतली होने की वजह से बैले डांस में करियर बनाना मुश्किल हो गया था। इसलिए उन्होंने मॉडलिंग और फिल्मों में अपनी किस्मत आजमाई, छोटे-मोटे रोल किए। इसके बाद उन्होंने हॉलीवुड की ओर रुख किया और उन्हें करियर को मोड़ देने वाली पहली फिल्म Gigi मिली जिसकी सफलता के बाद हॉलीवुड के दरवाजे हमेशा-हमेशा के लिए ऑर्डी के खुल गए।

    Audrey Hepburn

    ऑस्कर जीतकर रचा था इतिहास

    ऑड्री ने ब्रेकफस्ट एट टिफनीज, रोम हॉलीडे, सबरीना, माय फेयर लेडी और फनी फेसेस समेत कई इंटरनेशनल फिल्मों में काम किया। रोमन हॉलीडे उनके करियर के लिए टर्निंग प्वॉइंट रही थी। इसी फिल्म के लिए एक्ट्रेस ने अपना पहला ऑस्कर जीता था। इसके बाद उनके पास अवॉर्ड्स की लिस्ट लंबी होती गई।

    साल 1993 में एक्ट्रेस का कैंसर से निधन हो गया था। आज भले ही ऑड्री हेपबर्न इस दुनिया में न हों, लेकिन उनकी छाप को कोई नहीं मिटा सकता है।

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