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    Brown Series Review: फीका है 'ब्राउन' की कहानी का रंग, Karisma के कंधे पर टिका सीरीज का बोझ

    Updated: Fri, 05 Jun 2026 04:57 PM (IST)

    Karisma Kapoor की साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर Brown जी5 पर रिलीज हो चुकी है। यहां पढ़ें टीवी सीरीज का रिव्यू- ...और पढ़ें

    ब्राउन टीवी सीरीज रिव्यू

    ब्राउन टीवी सीरीज रिव्यू

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    एकता गुप्ता, नई दिल्ली। आजकल ओटीटी पर क्राइम थ्रिलर जॉनर की कई सीरीज और फिल्में उपलब्ध हैं, जो देखने में एक जैसी लगती हैं। एक मर्डर होता है, पुलिस उसकी जांच करती है और उसके बीच बस किरदार और कुछ ट्विस्ट अलग लगते हैं। इसी कड़ी में करिश्मा कपूर की ब्राउन भी जुड़ गई है हालांकि कुछ अलग है तो बस इसकी रफ्तार।

    'सिटी ऑफ डेथ' पर आधारित करिश्मा कपूर की डार्क साइकोलॉजिकल थ्रिलर जी5 पर स्ट्रीम हो गई है। टीवी सीरीज में करिश्मा ने एक पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया है जो एक हाई प्रोफाइल लड़की के मर्डर की जांच और खुद की जिंदगी में चल रही उथल पुथल के बीच जूझ रही है। क्या बाकी क्राइम थ्रिलर से करिश्मा की इस सीरीज की कहानी अलग है आइए जानते हैं इस रिव्यू में-

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    क्या है फिल्म की कहानी?

    फिल्म की कहानी करिश्मा कपूर (Karisma Kapoor) के किरदार रीटा ब्राउन (Rita Brown) के ईर्दगिर्द घूमत है जिसे एक हाई प्रोफाइल यंग लड़की के मर्डर का केस सौंपा जाता है। हालांकि रीटा अपनी पर्सनल जिंदगी में हुई एक घटना से गुजरी हुई है जिसकी वजह से वह ज्यादातर डिप्रेशन और एडिक्शन से जूझ रही है।

    karisma kapoor (3)

    रीटा ब्राउन कोलकाता में डेस्क पर काम करने वाली एक अनुभवी लेकिन उदास पुलिस अफसर हैं। शराब की लत से जूझ रहीं ब्राउन अपनी मां (सोनी राजदान) के साथ रहती हैं और उन्हें अपने गुजर चुके पति (सिंगर शान) की यादें परेशान करती रहती हैं। इस केस में ब्राउन का साथ देने के लिए अर्जुन सिन्हा (सूर्या शर्मा) आते हैं, जो एक कार एक्सीडेंट में अपनी पत्नी और बेटी को खोने के सदमे से उबर रहे हैं। वे दोनों मिलकर कोलकाता की तंग और मुश्किल गलियों में नए सुराग ढूंढते हैं और संदिग्धों को पकड़ते हैं।

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    क्या रीटा हत्यारे को पकड़ने में कामयाब होती है या केस अनसुलझा रह जाता है? क्या रीटा इस केस को सुलझाने के साथ-साथ अपने अतीत को भी पीछे छोड़ते जाती है या फिर उसकी यादें उसे और भी ज्यादा परेशान करती है? इन सब सवालों के जवाब यह सीरीज देगी।

    ब्राउन सीरीज रिव्यू-

    एक जैसे पैटर्न पर चल रही क्राइम थ्रिलर (Crime Thriller) कहानियों के बीच अगर ब्राउन में कुछ अलग है तो वह है इसकी रफ्तार। जल्दी-जल्दी खत्म होने के बजाय सीरीज धीमी रफ्तार के साथ आगे बढ़ती है। हालांकि कुछ दूसरे वर्ग के दर्शकों के लिए यह इसकी कमजोरी भी हो सकती है। चूंकी कहानी में कुछ नयापन नहीं है यानी यह थोड़ी प्रीडिक्टेबल है। इसीलिए इतने लंबे एपिसोड के साथ इसे जबरदस्ती खींचना जायज नहीं लगता।

    karisma kapoor (2)

    एक्टिंग की बात करें तो करिश्मा ने पूरी सीरीज को अपने कंधों पर उठाया है कहना गलत नहीं होगा। वहीं उनके साथ सूर्या के किरदार में अर्जुन सिन्हा ने भी सपोर्टिंग रोल अच्छे से निभाया है। हालांकि जीशु सेनगुप्ता (Jisshu Sengupta) के किरदार को बहुत कम स्क्रीनटाइम मिला है। वहीं सोनी रजदान और हेलेन ने भी अच्छा काम किया है।

    सीरीज की सिनेमैटोग्राफी में दम है, कोलकाता की डार्क थीम कहानी में एक किरदार की तरह लगती है। वहीं बैकग्राउंड म्यूजिक भी डार्क थीम के लिए अच्छा काम करता है।

    karisma kapoor (5)

    ब्राउन इन्वेस्टिगेटिव थ्रिलर्स के उसी पुराने ढर्रे को दोहराती है जिसमें दर्शक कुछ नयापन नहीं ढूंढ पाते। वहीं इसकी धीमी रफ्तार

    देखें या नहीं?

    अगर आपको धीमी रफ्तार की मर्डर मिस्ट्री पसंद है और पर्दे पर करिश्मा का नया अवतार देखना चाहते हैं तो सीरीज देख सकते हैं। लेकिन अगर आपको तेज रफ्तार वाली थ्रिलर पसंद है तो यह थोड़ी निराश कर सकती है।

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