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    Evil Dead Burn Review: रोंगटे खड़े करने वाला खून खराबा और टूटते रिश्तों का दर्द, इस एक चीज ने बिगाड़ा Horror फिल्म का खेल

    By Smita SrivastavaEdited By: Ekta Gupta
    Updated: Fri, 10 Jul 2026 11:46 AM (IST)

    10 जुलाई को ईविल डेड बर्न (Evil Dead Burn) दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यहां पढ़ें फिल्म का रिव्यू- ...और पढ़ें

    ईविल डेड बर्न हॉरर फिल्म का रिव्यू

    ईविल डेड बर्न हॉरर फिल्म का रिव्यू

    HighLights

    1. ईविल डेड बर्न हॉरर फिल्म का रिव्यू

    2. 10 जुलाई को दुनियाभर में रिलीज हुई फिल्म

    3. 10 जुलाई को दुनियाभर में रिलीज हुई फिल्म


    स्मिता श्रीवास्तव, मुंबई। हॉरर फिल्‍म फ्रेंचाइजी ईविल डेड (Evil Dead) की शुरुआत साल 1981 में सैम राइमी ने की थी। यह सीरीज कई किरदारों की कहानी का अनुसरण करती है, जो प्राचीन तांत्रिक ग्रंथों से मुक्त हुई दुष्ट राक्षसी शक्तियों के विरुद्ध संघर्ष करते हैं। साल 2013 में निर्देशक फेडे अल्वारेज (Fede Álvarez) की फिल्म ईविल डेड के साथ इस फिल्म फ्रेंचाइजी को नए सिरे से पुनर्जीवित किया गया, जिसने सैम राइमी की मूल फिल्म को आधुनिक रूप तो दिया, लेकिन उसकी भयावहता और क्रूरता को बरकरार रखा।

    इसके बाद 2023 में ली क्रोनिन की ईविल डेड राइज आई। अब हॉरर फिल्‍म (Horror Film) इन्फेस्टेड फिल्म बना चुके फ्रांसीसी निर्देशक सेबेस्टियन वानिचेक ने इस फ्रेंचाइजी की ईविल डेड बर्न का निर्देशन किया है।

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    क्या है फिल्म की कहानी?

    फिल्म की शुरुआत ईविल डेड की परंपरा के अनुरूप एक बेहद डरावने और खून-खराबे से होती है। वहां से कहानी एलिस (Souheila Yacoub) का परिचय कराती है। एक भयानक दुर्घटना में एलिस (सोहैला याकूब) अपने पति विलियम (George Pullar ) को खो देती है। दरअसल, इस दुर्घटना में डेडाइट शामिल था, यानी उस पर दुष्ट राक्षसी शक्ति का कब्जा हो गया था। डेडाइट का उद्देश्य लोगों को मारना, उन्हें यातना देना और अक्सर उन्हें भी डेडाइट में बदल देना होता है।

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    विल का शोकाकुल परिवार उसे अच्‍छे पति और आदर्श बेटे के रूप में याद करता है, वहीं एलिस उसकी भयावह सच्चाई जानती है। बंद दरवाजों के पीछे विल हिंसक और अत्याचारी था, जिसने एलिस को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के ऐसे घाव दिए। अंतिम संस्कार के बाद एलिस, विल के पिता एडगर (एरोल शैंड), मां सुसान (टैंडी राइट), उसके भाई जोसेफ (हंटर डूहन), जोसेफ की प्रेमिका थाया (लुसियाने बुकानन) और परिवार की बुज़ुर्ग मुखिया पाली (माड डेवी) के साथ उनके शहर से दूर स्थित एक सुनसान जर्जर पुश्‍तैनी घर में जाती है।

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    वहां पुराने गिले-शिकवे और कड़वाहटें जल्द ही सामने आने लगती हैं। ज्‍यादा समय नहीं बीतता कि एक प्राचीन दुष्ट शक्ति जाग उठती है। इस दौरान पता चलता है कि विल और जोसेफ उस शोधकर्ता के नाती हैं, जिसने डेडाइट्स को मार सकने वाली एकमात्र जादुई कटार खोजी थी। जब जोसेफ उसे ढूंढ़ निकालता है, तो आसपास मौजूद डेडाइट्स उसकी मौजूदगी को महसूस कर लेते हैं। वह विल का इस्तेमाल करते हुए पूरे परिवार तक पहुंच जाते हैं। इसके बाद वे उस कटार को नष्ट होने से बचाने वाले हर व्यक्ति की आत्मा पर कब्जा करने निकल पड़ते हैं। जिसके बाद परिवार के सदस्य एक-एक करके क्रूर और रक्तपिपासु डेडाइट्स में बदलने लगते हैं। इसमें कौन बचेगा यह देखना दिलचस्‍प होगा।

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    ईविल डेड बर्न रिव्यू (Evil Dead Burn Review)

    निर्देशक सेबेस्टियन वानिचेक (Sebastien Vanicek) और उनके सहलेखक फ्लोरेंट बर्नार्ड की ईविड डेड बर्न में खून-खराबा और डरावनी हिंसा के साथ परिवार का दर्द, घरेलू हिंसा, दुर्व्यवहार और पीढ़ियों से चले आ रहे मानसिक घावों जैसे गंभीर विषयों को भी छुआ गया है। यहां डर सिर्फ राक्षसों से नहीं, बल्कि टूटते रिश्तों, अपराधबोध और पारिवारिक तनाव से भी पैदा होता है। निर्देशक ने दिखाया है कि जब इंसान पहले से मानसिक और भावनात्मक रूप से कमजोर होता है, तब बुराई उस पर सबसे आसानी से हावी होती है।

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    हालांकि इसे जितनी गहराई से दिखाने की जरूरत थी उतना दिखाया नहीं है। ईविल डेड बर्न में खून-खराबा और अंग-भंग इतने ज्‍यादा हैं कि कई दर्शकों के लिए इन्हें देखना असहज हो सकता है। इसमें असली जैसे दिखने वाले कटे-फटे शरीर, खून के फव्वारे और मारकाट के दृश्‍य बेहद वीभत्स हैं। हर नया दृश्य पिछले दृश्य से भी ज्‍यादा डरावना और चौंकाने वाला बनने की कोशिश करता है।

    सबसे पहले एडगर राक्षसी शक्ति के कब्जे में आता है, जिसके बाद कार के भीतर घटने वाला ऐसा दृश्य सामने आता है, जो रोंगटे खड़े कर देता है। इसमें कार की सीट बेल्ट, एयरबैग, सनरूफ आदि कैसे घातक हथियार में बदल जाते हैं यही इस दृश्य की कल्पनाशीलता और रचनात्मकता को दर्शाता है। फिल्म में ऐसे कई और शानदार दृश्य भी हैं। बीच-बीच में आने वाले हल्‍के फुल्‍के हास्य के छोटे-छोटे पल दर्शकों को थोड़ी राहत देते हैं, लेकिन इसके तुरंत बाद फिल्म उन्हें फिर से डरावने माहौल में धकेल देती है।

    खास बात यह है कि लेखकों ने डेडाइट बने हर किरदार को अलग-अलग स्वभाव और अलग तरह की क्रूरता दी है। हालांकि कई बार ऐसा लगता है कि कहानी डरावने और चौंकाने वाले दृश्यों पर मेहनत करती है, लेकिन उसके भावनात्मक पक्ष को उतनी मजबूती नहीं दे पाती।

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    एक्टिंग

    अभिनय की बात करें तो सोहैला याकूब का अभिनय प्रभावशाली है। वहीं हंटर डूहन, लुसियाने बुकानन और अन्य कलाकारों ने भी भावनात्मक और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं प्रभावशाली ढंग से निभाई हैं।

    अगले साल आने वाली इस फ्रेंचाइज की अगली फिल्म ईविल डेड: राथ को देखते हुए यह स्‍पष्‍ट है कि यह फ्रेंचाइज अभी भी पूरी ऊर्जा और रचनात्मकता के साथ आगे बढ़ रही है।

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