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    Gullak 5 Review: फैमिली ड्रामा में Deepika Padukone का मुद्दा, रोजमर्रा के किस्सों से फिर खनखनाई 'गुल्लक'

    By Dipesh PandeyEdited By: Ekta Gupta
    Updated: Fri, 05 Jun 2026 01:00 PM (IST)

    OTT के सबसे चर्चित फैमीली ड्रामा Gullak का 5वां सीजन आखिरकार रिलीज हो चुकी है। रिव्यू में पढ़ें कैसी है सीरीज- ...और पढ़ें

    गुल्लक सीजन 5 रिव्यू

    गुल्लक सीजन 5 रिव्यू

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    दीपेश पांडे, मुंबई। तुम मम्मी थोड़ी हो, जो बिना पेमेंट मजदूरी करोगे... और बॉस के चरणों में सूरज से ज्यादा विटामिन डी होता है.. जैसे डायलॉग बताते हैं कि 'गुल्लक' के पांचवें सीजन में एक आम आदमी के मन में आने वाली बातों को कितनी सहजता और मनोरंजक तरीके से दिखाया गया है।

    डिजिटल प्लेटफार्म पर ऐसी बहुत गिनी-चुनी कहानियां हैं, जिन्हें परिवार के साथ बैठकर बेझिझक देखा जा सकता है। साल 2019 में प्रदर्शित वेब सीरीज गुल्लक भी उन्हीं में है। जिसके पिछले चार सीजन खूब पसंद किया। एक आम मध्यवर्गीय वेतनभोगी परिवार की कहानी को पांचवें सीजन में भी उसी लय में आगे बढ़ाया गया है।

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    बाकी सीजन से कितना अलग है पांचवां सीजन?

    हालांकि, पिछले चारों सीजन को पांच-पांच एपिसोड में खत्म किया गया था, जबकि पांचवा सीजन सात एपिसोड का है। पिछले चार सीजन की तरह इस सीजन भी मिश्रा परिवार का घर मिश्रा निवास कहानी में पात्र की तरह है।

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    क्या है इस बार कहानी ?

    कहानी की शुरुआत घर की रंगाई पुताई से होती है। संतोष मिश्रा (जमील खान) घर को फिर से चमकाने की कोशिश में लगे हैं, लेकिन रंग ऐसा कि हर किसी को यकीन दिलाना पड़ रहा है कि उन्होंने घई की रंगाई कराई है। उनका बड़ा बेटा आनंद यानी अन्नू (अनंत जोशी) नौकरी, परिवार और दिल के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में लगा है। हर गृहणी की तरह शांति मिश्रा (गीतांजलि कुलकर्णी) भी घर और बच्चों की देखभाल करने की में लगी रहती है और मौका पड़ने में यह भी बताने में पीछे नहीं हटती कि भले की सुझाव सब के हो, लेकिन निर्णय उनका होगा।

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    नए-नए कालेज जाने वाले हर बच्चे की तरह अमन मिश्रा भी कमाई के लिए नए रास्ते पकड़ने की कोशिश कर रहा है। मिश्रा परिवार की पड़ोसन बिट्टू की मम्मी (सुनीता राजवर) को आज के दौर की इंटरनेट मीडिया पर वीडियो बनाने और वायरल होने का भूत सवार है। इस बार भी वह अपने पड़ोसियों को तंग करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ती हैं।

    गुल्लक 5 का रिव्यू-

    इस बार कहानी में पिंकी मामा (गोपाल दत्त) की नई एंट्री है। पिछले चार सीजन में अन्नू की भूमिका निभाने वाले अभिनेता वैभव राज गुप्ता की जगह इस बार अनंत जोशी ने यह भूमिका निभाई है। हालांकि, अनंत ने ऐसा कहीं महसूस नहीं होने दिया कि वह गुल्लक की टीम में नए हैं। लहजा हो या बोलचाल की शैली या भाई-भाई की बीच मीठी नोंक-झोक वह स्वाभाविक अन्नू लगे हैं।

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    जमील खान, गीतांजलि कुलकर्णी और हर्ष मायर (Harsh Mayar) तीनों अपनी-अपनी भूमिका में रम चुके हैं, उन्होंने अपने पात्रों को अच्छी तरह से पकड़ कर रखा है। पिछले सीजन में डाक्टर प्रीति की भूमिका में हेली शाह की एंट्री हुई थी, इस बार उनके हिस्से में भी अच्छा काम आया है, जिसे उन्होंने ईमानदारी से निभाया है। पिछले सीजन में शिकायत थी कि बिट्टू की मम्मी के पात्र का समुचित उपयोग नहीं हो पाया था। इस बार निर्देशकों ने बिट्टू की मम्मी के किरदार को अच्छे और महत्वपूर्ण विषयों के साथ जगह दी है।

    पारिवारिक ड्रामा, नोंक झोंक, नए घर का सपना, बॉस की चमचागिरी, किसी के लिए दिल का पहली बार धड़कना, सच्चे नारीवाद, पिता के सामने बेटे का अपने दिल की बातें न कह पाना, इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के लिए फैलाई जा रही झूठी अफवाहों, जैसे विषय भी लेखक विदित त्रिपाठी ने पटकथा में अच्छी तरह से पिरोया है।

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    दीपिका पादुकोण से जुड़े मुद्दे को भी उठाया गया

    अभिनेत्री दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) और निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा से शुरु हुए हीरो हीरोइन की आठ घंटे की शिफ्ट के विषय को भी कहानी से मनोरंजक तरीके से जोड़ा गया है। सबसे अच्छी बात यह है कि देखते समय दर्शक इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ पाएंगे। निर्देशन में श्रेयांश और अभय की पकड़ कहीं ढीली होती नहीं दिखती। करीब आधे घंटे के पांच एपिसोड यह गुल्लक के पिछले चार सीजन की विशेषता रहे हैं।

    हालांकि इस बार, निर्देशकों ने कहानी थोड़ी लंबी की है, जिससे पांच की जगह सात एपिसोड हैं और आखिरी एपिसोड करीब 46 मिनट का है। यहां थोड़े चुस्त संपादन के साथ कहानी थोड़ी छोटी तथा और दमदार बनाई जा सकती थी। हालांकि, फिर भी यह कहानी कहीं भी बोर नहीं करती है। अरबिंद नियोग का धीमा बैकग्राउंड म्यूजिक कहानी और उसकी पृष्ठभूमि पर जंचता है।

    कुल मिलाकर शो के निर्देशक, लेखक और कलाकारों की टीम एक बार फिर से आम आदमी के रोजमर्रा के संघर्ष और उसके किस्सों के सिक्के से गुल्लक में इस बार भी वही खनक रखने में सफल रहे हैं।

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