Supergirl Movie Review: शानदार हैं विजुअल्स पर फीकी निकली कहानी, अपने नेक इरादों से भटकी 'सुपरगर्ल'
कई सुपरहीरोज फिल्मों के बाद डीसी सुपरगर्ल की कहानी पर्दे पर लेकर आया है, जिसके लिए फैंस भी काफी एक्साइटेड थे। हालांकि, यह मूवी फैंस की उम्मीदों पर खरी ...और पढ़ें

सुपरगर्ल मूवी रिव्यू/ फोटो- Jagran Graphics

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प्रियंका सिंह, मुंबई। पिछले साल रिलीज हुई डीसी यूनिवर्स की फिल्म सुपरमैन में सुपरगर्ल का जिक्र हुआ था, जिसे सुपरमैन की कजिन (बहन) के तौर पर दिखाया गया था। अब सुपरगर्ल पर पूरी फिल्म बनी है, जो इस यूनिवर्स की दूसरी फिल्म है। यह किरदार कॉमिक बुक मिनीसीरीज सुपरगर्ल: वुमन ऑफ टुमारो से लिया गया है। सुपरमैन में जब इस पात्र को लाया गया था, तो एक उत्सुकता जगी थी, लेकिन पर्दे पर फिल्म का वो जादू नहीं चला, जो सुपरमैन का है।
क्या है 'सुपरगर्ल' की कहानी?
कहानी है सुपरगर्ल उर्फ कारा (मिली अल्काक) की, जो अपने ग्रह क्रिप्टान से अपने कुत्ते क्रिप्टो के साथ धरती पर अपने कजिन भाई सुपरमैन (डेविड कोरेनस्वेट) के पास आई थी, क्योंकि उसके ग्रह पर क्रिप्टोनाइट खनिज के रेडिएशन से लोगों की जान जा रही थी। अब वह भी सुपरगर्ल है और अपना 23वां जन्मदिन मनाने के लिए अलग-अलग ग्रह पर जाकर पार्टी कर रही है। एक पड़ाव पर सुपरगर्ल की मुलाकात रूथी (ईव रिडली) से होती है, जिसके पूरे परिवार की हत्या येलो हिल्स के ब्रिगैंड गिरोह के सरगना क्रेम (मतियाज सुनार्थ) ने कर दी है।
रूथी अपने बदले के लिए सुपरगर्ल से मदद मांगती है। शुरुआत वह उसकी मदद करने से इनकार कर देती है। लेकिन इसी बीच क्रेम सुपरगर्ल के अंतरिक्ष यान पर कब्जा कर लेता है। उन्हें रोकने की कोशिश करने पर वह क्रिप्टो पर जहरीला तीर चला देता है। क्रिप्टो को बचाने का एंटीडोट यानी विषनाशक क्रेम के ही पास है। फिर सुपरगर्ल क्रेम को पकड़ने के लिए निकलती है, इस सफर में रूथी भी उसकी साथी बनती है।
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कॉमिक तरह फिल्म में प्रभावशाली नहीं बन पाई 'सुपरगर्ल'
ऐना नोग्वेरा की लिखी इस कहानी को बनाने का इरादा नेक है कि वह सुपरहीरोज की इस दुनिया में एक महिला सुपरहीरो को ले आईं, लेकिन वह इसे दमदार कहानी बनाने में चूकती हैं। कैप्टन मार्वल, स्कार्लेट विच जैसी सुपरवुमन का जलवा पहले से ही है, उसमें सुपरगर्ल फीकी लगती, जबकि कॉमिक बुक में वह बेहद प्रभावशाली है। फिल्म में एक संवाद है कि सुपरमैन के नाम में अगर मैन है, तो उसके नाम में सुपरवुमन की बजाय सुपरगर्ल क्यों हैं। इसका कोई जवाब नहीं मिलता है।
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कई बार लगता है कि एक युवा लड़की के अनुसार ऐना फिल्म में कई ऐसी चीजें दिखा सकती थीं, जो उस उम्र की लड़कियों को प्रभावित करे, न की नशे के हाल में लोगों से गुस्से में बात कपते हुए वह सुपरगर्ल को देखें।

खैर, इस बीच कई ऐसे स्टंट सीन हैं, जो अच्छे डिजाइन किए गए हैं। लेकिन सुपरहीरो वाली फिल्में केवल स्टंट और अच्छे विजुअल इफेक्ट पर नहीं, बल्कि भावनाओं और नेक उद्देश्य पर चलती हैं। वह नेक उद्देश्य इसमें हैं, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए मध्यांतर तक का इंतजार है। उसके बाद फिल्म रफ्तार पकड़ती है। सुपरगर्ल की कॉस्ट्यूम में कारा का पात्र क्लाइमेक्स के फाइट सीन में आती है, जिसकी जरुरत फिल्म में कई जगहों पर महसूस होती है।
कारा को धरती पर क्यों अच्छा नहीं लगता, वह कैसे वहां कुछ दिनों तक रहती है, इसको लेकर कहानी में कुछ नहीं है। दरअसल, पूरी कहानी कारा के अपने सुपरडॉग क्रिप्टो की जान बचाने को लेकर है, जो उसे सुपरहीरोज के बड़े बड़े उद्देश्यों के बीच बेहद हल्का बनाती है। हालांकि, इन सबके बीच रॉब हार्डी की सिनेमैटोग्राफी फिल्म को देखने योग्य बनाती है।
मिल्की अल्काक को मजबूत दिखाने की जरूरत थी
अभिनय की बात करें, तो सुपरगर्ल के रोल में मिली अल्काक जंचती जरूर हैं, लेकिन उन्हें और स्ट्रान्ग दिखाने की जरुरत थी। रूथी के रोल में ईव रिडली का काम दमदार है। सुपरमैन डेविड कोरेनस्वेट छोटी सी भूमिका में हैं, लेकिन जब-जब स्क्रीन पर आते हैं, तालियां बजती हैं। क्रूर क्रेम के रोल में मतियाज सुनार्थ याद रह जाते हैं।