'माता-पिता का करें सम्मान', टीवी एक्टर Imran Khan ने फादर्स डे स्पेशल पर जेन-जी को दी खास सलाह
फादर्स डे अवसर को मद्देनजर रखते हुए टीवी कलाकार इमरान खान ने दैनिक जागरण को दिए इंटरव्यू में खुलकर बात की है। ...और पढ़ें

टीवी एक्टर इमरान खान (फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम)
HighLights
छोटे पर्दे के मशहूर कलाकार इमरान
जेन जी को एक्टर ने दी ये एडवाइस
पिता की इस बात को मानते हैं इमरान खान
एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई। छोटे पर्दे के मशहूर कलाकार के तौर पर अभिनेता इमरान खान को जाना जाता है। फादर्स डे के खास अवसर को मद्देनजर रखते हुए इमरान ने आज के समय में बच्चों को अनुसान सिखाने और माता-पिता सम्मान को लेकर चर्चा की है।
जेन जी जनरेशन को इमरान की सलाह
धारावाहिक जगधात्री में महेश देशमुख की भूमिका निभाने वाले अभिनेता इमरान खान कहते हैं- बतौर पिता मैं अपने बच्चों से सम्मान और अनुशासन की उम्मीद करता हूं। बच्चों को अपने माता-पिता को सम्मान देना ही चाहिए। यह मैं खासतौर पर आज की जेन जी पीढ़ी के लिए कहना चाहता हूं। हर माता-पिता अपने बच्चों को पालने के लिए बहुत मेहनत करते हैं।
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इसलिए माता-पिता को उल्टे जवाब देना और सम्मान न करना मुझे नहीं पसंद है। माता-पिता को भी अपने बच्चों को बचपन से ही ये चीजें सिखानी चाहिए। मैंने देखा है कि कुछ माता-पिता अपने बच्चों को बहुत लाड-प्यार देते हैं, लेकिन उन्हें लोगों का सम्मान करना और तमीज सिखाना भूल जाते हैं। बतौर पिता मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि बच्चों की शिक्षा में कोई कमी रह न जाए।
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अच्छी शिक्षा का कोई विकल्प नहीं है। बच्चे अपने पिता को भी बहुत सी चीजें सिखा देते हैं। मुझे याद है कि मैं एक बार अपनी बेटी के साथ कुछ खरीदने एक माल गया था। वहां बिल काउंटर पर मैं ज्यादा डिस्काउंट वाली एक भीड़भाड़ वाली लाइन में लग गया।
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यह देखकर मेरी बेटी मेरे पास आई और बोली कि क्या हम गरीब हैं। मैंने कहा नहीं। फिर उसने कहा कि मैंने देखा है कि हम जब भी कुछ शापिंग करने जाते हैं तो आप सबसे पहले ज्यादा डिस्काउंट वाले काउंटर पर ही जाते हैं। आप कभी डिस्काउंट को छोड़कर अपनी पसंद वाली चीजें क्यों नहीं खरीदते हैं।
आज भी मानते हैं पिता की सलाह
अपनी बात को आगे जारी रखते हुए इमरान ने कहा- उस पल मैंने उससे सीखा कि जिंदगी एक ही है, जो आपको पसंद हो, उसका अनुभव लेना चाहिए। हमेशा चीजों के साथ समझौता करके नहीं रहना चाहिए। मेरे पिता भारतीय नौसेना में थे। उन्होंने मुझे एक सुझाव दिया था कि अपने निर्णय स्वयं लो और उस घोड़े की सवारी कभी मत करना।