Sunny Deol-Ajay Devgn की राह पर शालीन भनोट, 'इंस्पेक्टर अविनाश' के बाद अब निर्देशन में रखा कदम
सनी देओल और अजय देवगन जैसे सितारों की राह पर चलते हुए अभिनेता शालीन भनोट ने वेब सीरीज 'सेवन एंड ए हाफ डेट्स' के साथ निर्देशन में कदम रखा है। ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
दीपेश पांडे, मुंबई। सिनेमा जगत में सनी देओल (Sunny Deol), अजय देवगन, अरबाज खान और महेश मांजरेकर समेत कई सितारे अभिनय के साथ-साथ निर्देशन भी करते हैं। टीवी से अभिनय सफर की शुरुआत करने वाले अभिनेता शालीन भनोट (Shalin Bhanot) भी अब उसी राह पर चल पड़े हैं। वेब सीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश' से डिजिटल प्लेटफार्म पर कदम रखने के बाद यूट्यूब पर हालिया प्रदर्शित वेब सीरीज 'सेवन एंड ए हाफ डेट्स' से उन्होंने अपने मित्र और अभिनेता सुयश राय के साथ निर्देशन में कदम रखा।
निर्देशन की गहराई समझ रहे शालीन
जब एक्टिंग का काम सही चल रहा था, फिर निर्देशन में उतरने को लेकर शालीन कहते हैं, ‘बतौर कलाकार सेट पर शूटिंग करते समय धीरे-धीरे आपको निर्देशन की भी मूलभूत चीजें समझ में आने लगती हैं। वो इस पर भी निर्भर करता है कि आप उस प्रक्रिया में स्वयं कितना शामिल रहते हैं, सेट के लोगों से कितनी बातें करते हैं, चीजों को कितने ध्यान से देखते हैं और सिनेमा के बारे में कितना पढ़ते हैं? क्रिएटिविटी तो हर कलाकार के अंदर होती ही है, फिर धीरे-धीरे निर्देशक के साथ काम करते हुए यह भी समझ में आने लगता है कि कहां कौन सा शाट लग रहा है और कैसे शूट किया जाना है?
-1781965229987.jpg)
यह भी पढ़ें- 2026 में दूसरी बार दूल्हा बनेंगे Shalin Bhanot?, बिग बॉस में लड़ाया था टीना दत्ता संग इश्क!
कैसे बढ़ी दिलचस्पी?
शालीन ने आगे कहा- 'मैंने तो कभी निर्देशक बनने के बारे में नहीं सोचा था। समय के साथ दिलचस्पी अपने आप बढ़ती गई। इस शो की कहानी लिखी, फिर एक दिन प्रोडक्शन से मुझे फोन आया और मैं निर्देशन की तरफ आगे बढ़ गया। हमें अपनी कहानी, कलाकारों और इसके संगीत पर बहुत विश्वास था। जब इतनी सारी अच्छी चीजें एक साथ मिल जाती हैं तो हमारा डर वैसे भी खत्म हो जाता है।’
क्या है शालीन भनोट का नियम?
निर्देशक बनने के बाद बतौर अभिनेता अपनी प्राथमिकताओं पर शालीन कहते हैं, ‘मेरी जिंदगी का बहुत साधारण सा नियम है कि जब कैमरे के सामने रहूंगा, तो निर्देशक और लेखक को जो भी चाहिए वो सब करूंगा। जब मैं बतौर कलाकार सेट पर होता हूं, तो मैं कैमरा, मेकअप कुछ भी नहीं देखता हूं। मेरा काम बस एक्टिंग करना होता है,बाकी लोग अपना काम करेंगे। वैसे ही जब मैं बतौर निर्देशक कैमरे के पीछे हूं तब अपने कलाकारों से यही उम्मीद करता हूं। कलाकार को निर्देशक पर भरोसा होना चाहिए। मैंने बहुत से ऐसे कलाकारों को देखा है, जो सेट पर निर्देशक होने के बाद भी खुद निर्देशन करने लग जाते हैं। वो नहीं करना चाहिए।’