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    डूरंड कप में पहली बार गूंजेगा बागपत का नाम

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 01:02 PM (IST)

    बागपत एफसी एशिया के सबसे पुराने 135वें इंडियन आयल डूरंड कप में पहली बार हिस्सा ले रही है। यह छोटे शहरों में पनप रही फुटबॉल प्रतिभाओं और बदलते भारतीय फ ...और पढ़ें

    बागपत एफसी ने किया कमाल

    बागपत एफसी ने किया कमाल

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    जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश का बागपत जिला अब तक निशानेबाजी और पारंपरिक खेलों के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब यह भारतीय फुटबॉल के राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है।

    एशिया के सबसे पुराने और दुनिया के तीसरे सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट, 135वें इंडियन आयल डूरंड कप में बागपत एफसी पहली बार हिस्सा लेने जा रही है। यह केवल किसी क्लब का पदार्पण नहीं, बल्कि छोटे शहरों में पनप रही फुटबॉल प्रतिभाओं और बदलते भारतीय फुटबॉल परिदृश्य का प्रतीक है।

    बहुत बड़ा है टूर्नामेंट

    डूरंड कप का आयोजन 1888 में शुरू हुआ और यह एशिया का सबसे पुराना फुटबाल टूर्नामेंट है। इसका आयोजन डूरंड फुटबाल टूर्नामेंट सोसायटी द्वारा भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड, तीनों सेनाओं और मेजबान राज्यों की सरकारों के सहयोग से किया जाता है। इस प्रतियोगिता का भारतीय फुटबॉल में विशेष महत्व है क्योंकि यहां देश के शीर्ष क्लबों, सर्विसेज टीमों और कई अंतरराष्ट्रीय क्लबों को एक साथ खेलने का अवसर मिलता है।

    आई-लीग ने दिलाई पहचान

    कुछ वर्ष पहले तक बागपत एफसी का नाम राष्ट्रीय फुटबॉल में लगभग अनजान था। लेकिन 2025-26 आई लीग 3 सीजन में क्लब ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब जीता और आई-लीग 2 में पदोन्नति हासिल की। इसी सफलता ने उसे डूरंड कप में जगह दिलाई। भारतीय फुटबॉल में लंबे समय तक कोलकाता, गोवा, केरल और बड़े शहरों के क्लबों का दबदबा रहा है। ऐसे में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक छोटे जिले से किसी क्लब का इस स्तर तक पहुंचना सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

    इन क्लबों से होगी टक्कर

    अपने पहले डूरंड कप अभियान में बागपत एफसी को ग्रुप-बी में कोलकाता के मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब, इंडियन आर्मी फुटबॉल टीम और समलेश्वरी स्पोर्टिंग जैसी मजबूत टीमों से चुनौती मिलेगी। क्लब के मालिक अखिलेश कुमार सिंह का कहना है कि बागपत में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। डूरंड कप में पदार्पण क्लब के लिए गर्व का क्षण है, लेकिन अंतिम लक्ष्य बागपत को भारतीय फुटबॉल का एक मजबूत केंद्र बनाना है।

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    उत्तर प्रदेश सरकार ने भी क्लब की उपलब्धि की सराहना की है। प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने बागपत एफसी को शुभकामनाएं दीं और इसे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया। बागपत एफसी ने साबित कर दिया है कि भारतीय फुटबॉल का भविष्य अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं है।

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