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    फीफा विश्व कप के बहिष्कार पर अड़ा यूरोप, समर्थन में आए सैकड़ों फुटबॉल संघ

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 02:10 PM (IST)

    फीफा अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो की निजी निवेश योजना के खिलाफ यूरोपीय देशों ने फीफा आयोजनों के बहिष्कार की घोषणा की है। यूईएफए, कानकाकाफ और एएफसी जैसे प् ...और पढ़ें

    संकट में फंसे इंफेंटिनो

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    एपी जिनेवा। फीफा अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो की बहुचर्चित योजना के विरुद्ध विद्रोह बढ़ता जा रहा है, यूरोपियन देशों ने स्पष्ट तौर पर फीफा के आयोजनों के बहिष्कार का ऐलान किया है। यूरोपियन फुटबॉल को चलाने वाली संस्था यूईएफए ने अविलंब बुलाई गई ऑनलाइन मीटिंग के बाद ये ऐलान किया। यूईएफए द्वारा फीफा की फुटबॉल विश्व कप जैसे आयोजनों में निजी हिस्सेदारी लाने की योजना के विरोध को चौतरफा समर्थन भी मिल रहा है।

    कैरेबियन और उत्तरी अमेरिका फुटबॉल महासंघ (कानकाकाफ), एशियन फुटबॉल महासंघ (एएफसी) जैसे महासंघों ने स्पष्टता के साथ फीफा की योजना नकार दी है। इस बीच, इसके विरोध में फीफा के वरिष्ठ सलाहकार कार्लोस कार्डेइरो ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने विश्व कप के लिए ‘व्हाइट हाउस टास्क फोर्स’ में फुटबॉल संस्था का प्रतिनिधित्व किया था।

    बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं

    यूइएफए ने मीटिंग के बाद एक बयान में कहा कि यूईएफए और इससे जुड़े राष्ट्रीय संघ फीफा के किसी भी आयोजन का हिस्सा नहीं बनेंगे। कुछ चीजें बिक्री के लिए बहुत ज्यादा महत्वपू्र्ण हैं। फीफा विश्व कप फुटबॉल का है और हमेशा ही रहेगा। जब तक यूरोप के पास आवाज है, ये कभी भी बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं होगा।

    बताते चलें कि फीफा का अगला टूर्नामेंट 5 सितंबर से होने वाला महिलाओं का अंडर-20 विश्व कप है जिसका आयोजन यूरोपियन देश पोलैंड को करना है। कानकाकाफ ने इस बारे में अपने आधिकारिक बयान में कहा कि हमारे साथ जुड़े फुटबॉल संघों ने इस प्रस्ताव में उचित प्रक्रिया की कमी, जबरन तय की गई बहुत कम समय-सीमा और संबंधित फीफा गवर्निंग बॉडीज द्वारा किसी भी समीक्षा या मंज़ूरी के अभाव को लेकर गहरी चिंता जताई है। साथ ही इन्होंने इतिहास के सबसे ज्यादा मुनाफे वाले विश्व कप के बाद बाहरी निवेश की जरूरत पर भी सवाल उठाए हैं।

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    एएफसी ने दिया समर्थन

    वहीं एएफसी ने इस मसले पर यूइएफए और कोनकाकाफ के समर्थन में खड़े होने का ऐलान करते हुए कहा कि फुटबॉल को ऐसी हालत में लाना ही नहीं चाहिए था। हालांकि एएफसी ने अपने बयान में इंफेंटिनो का नाम नहीं लिया लेकिन उन्होंने फीफा की जमकर आलोचना की और कहा कि फीफा के निर्णय लेने की प्रक्रिया में गंभीर कमियां हैं और अब इन पर विचार होना ही चाहिए। फीफा के कुल 211 सदस्य देशों में से 143 इन महासंघों के अंडर आते हैं, ऐसे में फीफा के लिए इनके बिना आगे बढ़ना संभव नहीं होगा।

    क्या है योजना?

    फीफा के मौजूदा अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो ने इसी हफ्ते एक योजना का खुलासा किया। फीफा विश्व कप और क्लब विश्व कप जैसे आयोजनों के लिए फीफा फॉरवर्ड इंटरप्राइज नाम की संस्था बनाने की इस योजना के तहत वह इन आयोजनों को कराने का अधिकार निजी क्षेत्र को सौंपना चाहते हैं।

    फीफा इसके जरिए 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर (19,10,75,70,00,000 भारतीय रुपये) की सब्सिडरी बनाना चाहती है। इसके 20 प्रतिशत हिस्से को निजी क्षेत्र को बेचने का प्लान है। इस योजना को ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर के भाई जोशुआ कुशनर की निवेश फर्म थ्राइव कैपिटल्स का समर्थन प्राप्त है।

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