FIFA पर यूरोपियन फुटबॉल महासंघ का फूटा गुस्सा, खेल की आत्मा बेचने का लगाया आरोप
यूरोपियन फुटबॉल महासंघ (यूईएफए) ने फीफा की नई योजना 'फीफा फॉरवर्ड इंटरप्राइज' (एफएफई) पर कड़ी आपत्ति जताई है। यूईएफए ने फीफा पर फुटबॉल की आत्मा बेचने ...और पढ़ें

फीफा

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रॉयटर, नई दिल्ली। फीफा की नई योजना सामने आते ही बवाल मच गया है। यूरोपियन फुटबॉल महासंघ (यूईएफए) ने फीफा द्वारा बनाए जा रहे फीफा फॉरवर्ड इंटरप्राइज (एफएफई) की जानकारी सामने आते ही इस पर कड़ी आपत्ति जता दी है। दरअसल फीफा ने अपने कमर्शियल और इवेंट ऑपरेशन अलग करने के लिए एफएफई बनाने की जानकारी हाल ही में साझा की थी।
फीफा इस नई कंपनी के शेयर बेचकर 4.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर इकट्ठा करने चाहती है, इनका कहना है कि आने वाले पैसों से 211 सदस्य देशों को हिस्सा मिलेगा और वह ये पैसे अपने हिसाब से खर्च कर पाएंगे। लेकिन यूरोपियन फुटबॉल महासंघ का कहना है कि इससे किसी फायदा होगा ये साफ नहीं है इसलिए वह इस योजना के पक्ष में नहीं हैं।
फीफा बेचना चाहता है हिस्सेदारी
फीफा की योजना थी कि वह फुटबाल संचालन, प्रतियोगिताओं, मैच कैलेंडर और तमाम खेलों से जुड़े और नहीं जुड़े फैसलों का पूरा अधिकार अपने पास रखेंगे जबकि कमर्शियल और इवेंट ऑपरेशन वाली कंपनी में प्राइवेट संस्थाओं को छोटी-छोटी हिस्सेदारियां बेची जाएंगी।
फुटबॉल की आत्मा बिकाऊ नहीं है
यूरोपियन फुटबॉल महासंघ ने कड़ी आपत्ति जाहिर करते हुए एक बयान में कहा कि ये उस लाइन को पार करने की कोशिश है, जो नहीं होनी चाहिए। हम इसे बहुत गंभीरता से लेते हैं और बाकी देशों को भी ऐसा ही करना चाहिए। यही नहीं इसमें शामिल सारे पक्षों, लीग, क्लब, खिलाड़ी, प्रशंसक, सरकारों और जो भी लोग इस खेल के भविष्य की चिंता करते हैं सबको इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है।
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फुटबॉल का आत्मा बिकाऊ नहीं है, खासतौर से तब जब किसी को नहीं पता कि आर्थिक लाभ किसका होगा। हम में से कोई भी फुटबॉल का मालिक नहीं है, ये फीफा की संपत्ति नहीं है जिसे वो बेच सकें।
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