Cote d'Ivoire vs Norway: नार्वे के 'नेमार' और हालैंड के आगे पस्त हुआ आइवरी कोस्ट, 21 साल के नूसा ने रचा इतिहास
नार्वे और आइवरी कोस्ट के बीच फीफा विश्व कप के अंतिम-32 मुकाबले में, सभी एर्लिंग हालैंड को ढूंढ रहे थे, लेकिन 21 वर्षीय एंटोनियो नूसा ने शानदार गोल कर ...और पढ़ें

HighLights
अंतिम-32 के मुकाबले में आइवरी कोस्ट को 2-1 से पराजित कर नार्वे ने आगे का रास्ता तय किया
21 साल के नूसा बने किसी बड़े टूर्नामेंट में नार्वे के लिए गोल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी
नॉर्वे ने राउंड ऑफ 16 में बनाई जगह
डिजिटल डेस्क, जागरण दिल्ली। नार्वे बनाम आइवरी कोस्ट के बीच अंतिम-32 का मुकाबला... दुनिया भर की स्क्रीनों पर जमी आंखें एर्लिंग हालैंड को खोज रही थीं। मैच के पहले हाफ का हाइड्रेशन ब्रेक भी बीत गया, यानी पहला हाफ आधा खत्म हो चुका था। लोग अब स्क्रीन से इधर-उधर देखने लगे थे।
कुछ लोग तो टीवी-मोबाइल चलता छोड़कर काम-धंधे पर भी लग गए और फिर तभी 39वें मिनट में कमेंटेटर चीखे, वाह, क्या गोल है... कितना खूबसूरत है ये गोल।
कमेंट्री टीम की चीख सुनकर टीवी की ओर लोग भागे तो पाया कि नार्वे के लिए पहला गोल हालैंड ने नहीं किया। दुनिया किसी एंटोनियो नूसा के गुण गा रही थी।थोड़ी खोजबीन की तो पता चला कि एक दौर के नेमार की तरह बाल रंगाए 21 साल का ये लड़का नार्वे का नेमार ही बुलाया जाता है।
FIFA World 2026: नॉर्वे ने राउंड ऑफ 16 में बनाई जगह
खूबसूरत फुटबॉल खेलने के शौकीन नाइजीरियन पिता और नार्वेजियन मां की संतान नूसा बाकी विंग के खिलाड़ियों से अलग, मैदान के दोनों तरफ समान प्रभुत्व से खेल सकते हैं और जब आइवरी कोस्ट ने एर्लिंग हालैंड को गेंद से दूर कर दिया तब उन्होंने दूर से ही शाट मारकर नार्वे को बढ़त दिलाई।
नूसा का ये गोल इतना खूबसूरत था कि मैच देख रहे सारे लोगों को इसकी तारीफ करनी ही पड़ी। पहला हाफ 1-0 से नार्वे के पक्ष में रहा और इसकी हाईलाइट नूसा ही रहे।दूसरे हाफ में जब दोनों टीमें मैदान पर लौटीं तो आइवरी कोस्ट ने ज्यादा जोर लगाना शुरू कर दिया।
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हालैंड बने मैच के हीरो
पहले हाफ में कई शॉट लगा चुके आइवरी कोस्ट को पहली सफलता 74वें मिनट में मिली जब अमाद डियालो ने नार्वे के बॉक्स के बाहर से अकेले दम पर उसके कई डिफेंडरों को नचाते हुए लंबा रन लगाया और जबरदस्त शाट मार गेंद को गोल में पहुंचा दिया। मैच के 60वें मिनट में मैदान में आए डियालो ने इस गोल के लिए सामने पड़े नार्वे के हर खिलाड़ी को चकमा दिया।
हालांकि जैसे ही आइवरी कोस्ट को लगा कि वो इस मुकाबले को लंबा खींच सकते हैं, तभी उनसे मैच की सबसे बड़ी गलती हो गई। नार्वे के एक अटैक के दौरान आइवरी कोस्ट वाले एर्लिंग हालैंड के पीछे पड़ना भूल गए और हालैंड ऐसे मौकों पर चूकते नहीं हैं।
पैट्रिक बर्ग के खूबसूरत पास पर हालैंड ने हल्के से बस पैर लगाया और गेंद लुढ़कती हुई गोल में चली गई। पैर लगाने के बाद हालैंड को भी लगा कि गेंद गोल तक जाएगी या नहीं लेकिन गेंद तो शायद गोल पोस्ट की ओर जाने को आतुर थी।
86वें मिनट में आए इस गोल के कुछ देर बाद आइवरी कोस्ट को एक फ्री किक भी मिली लेकिन वो बराबरी का गोल नहीं कर पाए। डियालो के इस शाट को नार्वे के गोलकीपर ने रोककर ये तय कर लिया कि अब मैच आतिरिक्त समय में नहीं जाएगा।