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    FIFA World Cup 2026: फ्रांस के अटैक के सामने स्पेन का डिफेंस, एमबापे और यमाल में से कौन मारेगा बाजी?

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 09:27 AM (IST)

    फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में फ्रांस और स्पेन आमने-सामने होंगे। फ्रांस का मजबूत आक्रमण एमबापे के नेतृत्व में है, जबकि स्पेन का डिफेंस शानदार है, ...और पढ़ें

    एमबापे और यमाल में है टक्कर

    एमबापे और यमाल में है टक्कर

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    जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्लीः 48 टीमों के साथ शुरू हुए फीफा विश्व कप में अब फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड और अर्जेंटीना के रूप में चार टीमें ही बची हैं। इन चार में से दो ही फाइनल तक जाएंगी और इसका फैसला होगा दो बड़े सेमीफाइनल मुकाबलों से

    टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल डलास में स्पेन और फ्रांस के बीच होगा। स्पेन के युवा विंगर लामिने यमाल पहले ही दावा कर चुके हैं कि उनकी टीम फ्रांस पर भारी पड़ेगी और फ्रांस को उनसे बचकर रहना चाहिए, लेकिन किसी भी खेल में जीतने के लिए मैदान के अंदर श्रेष्ठता दिखानी पड़ती है और फ्रांस का अब तक का सफर श्रेष्ठता से भरा हुआ है।

    फ्रांस का एकतरफा खेल

    पूरे टूर्नामेंट में पैराग्वे के अलावा कोई भी टीम फ्रांस को परेशान नहीं कर पाई है। उन्होंने अपना हर मुकाबला बेहद आसानी से जीता है जबकि स्पेन के लिए ऐसा नहीं कह सकते, उनके सफर की शुरुआत ही केप वर्दे से ड्रॉ खेलकर हुई थी और नॉकआउट के आखिरी दो मैचों में भी वह बड़ी मेहनत करके जीते हैं। देखना दिलचस्प होगा कि स्पेन की टीम इस बड़े मैच में आखिरकार अपना टॉप गियर लगा पाएगी, या इस बार भी वो किसी तरह पार निकल जाएंगे।

    स्पेन को अपने टॉप गियर के साथ फ्रांस पर ब्रेक लगाने की तैयारी भी करनी होगी। फ्रांस की टीम इस विश्व कप में मनचाहे अंदाज में गोल कर रही है। किलियन एमबापे (आठ गोल, तीन असिस्ट), ओस्मान डेंबेले (पांच गोल, दो असिस्ट) और माइकल ओलीसे (पांच असिस्ट) की कलाकारी को थामना बहुत मुश्किल होने वाला है।

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    मजबूत है स्पेन का डिफेंस

    स्पेन के डिफेंस ने अभी तक इस विश्व कप में बहुत बेहतरीन खेल दिखाया है और छह मैचों में इन्होंने सिर्फ एक गोल खाया है। स्पेन और फ्रांस के अलावा पूरी दुनिया इस मुकाबले को चिंता मुक्त होकर देखेगी क्योंकि जीते कोई भी उन्हें कमाल की फुटबॉल देखने को मिलेगी ही, लेकिन इन देशों के प्रशंसक निश्चित तौर पर तनाव में होंगे कि यहां तक आने के बाद उनकी टीम से कोई बड़ी गलती ना हो जाए।

    फ्रांस की रणनीति

    फीफा विश्व कप 2026 में फ्रांस की रणनीति का केंद्र काइलियन एमबापे ही हैं। उनकी तेजी से आगे बढ़ने और मिले मौकों को सहजता से फिनिश करने की क्षमता से फ्रांस का बहुत फायदा हो रहा है। ये टीम अटैकिंग फुटबॉल खेलते हुए तेजी से काउंटर अटैक भी कर लेती है। ओस्मान डेंबेले और माइकल ओलीसे जैसे विंगर अपनी कलात्मकता और सटीक पासिंग/क्रॉसिंग से एमबापे का काम और आसान कर देते हैं। मनु कोने और एड्रियन राबियो के रूप में दो सेंट्रल मिडफील्डर अपना काम बखूबी कर रहे हैं।

    ये ना सिर्फ अपनी टीम को अटैक मदद करते हैं बल्कि सामने वाली टीम का अटैक तोड़ने में भी ये माहिर हैं। टीम अक्सर सामने वाली टीम को अपनी ओर आने देती है और फिर गेंद मिलते ही बुलेट की तेजी से काउंटर अटैक कर देते हैं।

    ये चार करेंगे वार

    एमबापे, डेंबेले और ओलीस की तिकड़ी से स्पेन को बहुत समस्या होने वाली है। ये तीनों अकेले ही किसी भी टीम को हिलाने का दम रखते हैं और साथ आकर तो इन्होंने बवाल ही मचा रखा है। इस विश्व कप में फ्रांस ने अभी तक कुल 16 गोल किए हैं जिनमें से तेरह एमबापे और डेंबेले के खाते में गए हैं। इन गोलों में से दस को इन्हीं तीन ने असिस्ट भी किया है, ओलीसे के नाम अकेले ही इस टूर्नामेंट में पांच असिस्ट हैं यानी ये ना सिर्फ खुद गोल करते हैं बल्कि दूसरे खिलाड़ियों के लिए मौके भी बनाते हैं। स्पेन को इनसे बचकर रहना होगा।

    इस टूर्नामेंट में सब फ्रांस के अटैक की तारीफ कर रहे हैं लेकिन ये कोई नहीं देख रहा कि इस टीम ने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ दो गोल खाए हैं ऐसे में स्पेन को इनके गोलकीपर माइक मेंयोन को छकाने के रास्ते भी निकालने होंगे।

    फॉर्मेशन

    फ्रांस इस विश्व कप में 4-2-3-1 की फार्मेशन में खेल रही है।

    संभावित शुरुआती ग्यारहः माइक मेंयोन, दायोत उपामेकानो, विलियम सलीबा, लुकास डीन्ये, मनु कोने, एड्रियन राबियो, माइकल ओलीसे, ओस्मान डेंबेले, डिजायर डू, काइलियन एमबापे

    स्पेन की रणनीति

    स्पेन की टीम परंपरागत रूप से गेंद पर ज्यादा से ज्यादा कब्जा (पजेशन) वाली फुटबॉल खेलती है, लेकिन इस विश्व कप में इनके पास लामिने यमाल और निको विलियम्स जैसे विंगर भी हैं जो अपनी ड्रिबलिंग और गति से किसी भी टीम को परेशान कर सकते हैं। मैदान के बीच में चीजें संभालने के लिए स्पेन के पास रोड्री, पेड्री और फैबियन रुइज जैसे काबिल मिडफील्डर हैं। ये ना सिर्फ गेंद को दूसरी टीम से झपटने में माहिर हैं बल्कि गेंद पास आने के बाद सटीक और दूर तक के पास भी आसानी से कर लेते हैं।

    इस विश्व कप में अयमेरिक लपोर्त और पाउ कुबारसी की डिफेंसिव जोड़ी ने भी तगड़ा काम किया है। फुल बैक खेलने वाले मार्क कुकुरेया और पेड्रो पोर्रो भी अटैक और डिफेंस दोनों में काफी फुर्ती से अपनी टीम का सहयोग करते हैं।

    खतरनाक चौकड़ी

    इस विश्व कप में महज 136 मिनट खेलकर मिकेल मेरिनो अपनी टीम के सबसे खतरनाक खिलाड़ी बन चुके हैं। बीते दो नॉकआउट मैच में स्पेन इन्हीं के गोल से जीती। स्ट्राइकर मिकेल ओयारजबाल ने इस बार के विश्व कप में कुल चार गोल किए हैं और वह टीम के शीर्ष गोल स्कोरर हैं। फ्रांस के विरुद्ध भी टीम को इनसे उम्मीद रहेगी। इन दोनों के अलावा स्पेन की टीम की मजबूत कड़ियों में मिडफील्डर रोड्री भी शामिल हैं, ये टीम के अटैक और डिफेंस दोनों के बीच के सबसे अहम खिलाड़ी रहते हैं साथ ही टीम को उम्मीद होगी कि लामिने यमाल भी इस मैच में अच्छी फार्म दिखाएं।

    फॉर्मेशनः 4-2-3-1

    संभावित शुरुआती ग्यारहः उनाइ सिमोन, पेड्रो पोर्रो, पाउ कुबारसी, अयमेरिक लपोर्त, मार्क कुकुरेया, पेड्री, रोड्री, लामिने यमाल, दानी ओल्मो, एलेक्स बेना, मिकेल ओयारजबाल।

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