मैदान में जादूगर लेकिन पेनल्टी पर चूक जाते हैं लियोनल मेसी
मेसी मैदान पर जादूगर हैं, लेकिन पेनल्टी किक पर उनका प्रदर्शन कमजोर रहा है। मौजूदा विश्व कप में भी उन्होंने दो पेनल्टी मिस की हैं। वर्ल्ड कप में 8 में ...और पढ़ें
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पेनल्टी पर चूक रहे हैं मेसी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली: अर्जेंटीना के लियोन मेसी क्या हैं, किसी को बताने की जरूरत नहीं है। फुटबॉल के मैदान पर उनकी जादूगरी से सभी लोग परिचित हैं, लेकिन कम ही लोगों ने मेसी की एक बड़ी कमजोरी पर ध्यान दिया होगा।
वैसे तो संपूर्ण दिखने वाले मेसी की कमजोरी है पेनल्टी किक पर स्कोर करना। मौजूदा विश्व कप में वह दो पेनल्टी मिस कर चुके हैं, हालांकि इसके बाद उन्होंने अपने खेल से इसकी भरपाई कर दी, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो अर्जेंटीना क्या करेगा?
किसी में नहीं है हिम्मत
सवाल मुश्किल है और जवाब शायद किसी के पास नहीं। अर्जेंटीना का ड्रेसिंग रूम मेसी से पेनल्टी ना लेने को भी नहीं कह सकता, ये कुछ ऐसा होगा कि टीम इंडिया में धोनी के रहते हुए कोई और विकेटकीपिंग की बात कर दे, मतलब संभव ही नहीं है और ये चीज अर्जेंटीना के हेड कोच लियोन स्कालोनी भी बोल ही चुके हैं। उन्होंने क्वार्टरफाइनल मुकाबले से पहले स्पष्ट कहा कि टीम में पेनल्टी लेने के लिए बहुत से विकल्प हैं लेकिन अगर मेसी चाहेंगे तो वही पेनल्टी लेंगे।
आप्टा के आंकड़े बताते हैं कि मेसी विश्व कप के इतिहास में मिली आठ पेनल्टी में से सिर्फ चार को गोल में बदल पाए हैं। हर तरह से गोल करने में माहिर मेसी के लिए पेनल्टी पर गोल करना हमेशा से मुश्किल रहा है। क्लब करियर में उन्होंने लगभग 77 परसेंट पेनल्टी को गोल में बदला है। किसी भी खिलाड़ी के लिए ये सम्मानित नंबर हो सकते हैं, लेकिन फुटबॉल के एलीट खिलाड़ियों के लिए ये घटिया नंबर हैं।
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इन खिलाड़ियों की लिस्ट में है नाम
मेसी के साथ जिन खिलाड़ियों का नाम लिया जाता है उन सबमें सबसे खराब पेनल्टी कन्वर्जन किलियन एमबापे (81 परसेंट) का है। एर्लिंग हालैंड 84, रोनाल्डो 85 और हैरी केन 90 परसेंट पेनल्टी को गोल में बदलते हैं। मेसी सालों से अपने गेम में सुधार और बदलाव करते आ रहे हैं और उन्हें इसका फायदा भी मिला है, लेकिन पेनल्टी पर गोल करना अभी भी उनके लिए मुश्किल हो रहा है।
दरअसल मेसी पेनल्टी पर गोल करने में भी तरह-तरह के प्रयोग करने के चक्कर में नुकसान उठा लेते हैं। हाल के सालों में देखा गया है कि वह अंत तक गोलकीपर के रिएक्ट करने का इंतजार करते हैं कि गोलकीपर जिस तरफ कूदने वाला हो उससे उलट शॉट ले लें। ये रणनीति कई बार काम भी कर जाती है लेकिन जब गोलकीपर अंत तक अडिग रह जाए तो वही दिक्कत होती है जो मेसी के साथ बार-बार हो रही है।
आप शॉट लेते वक्त अपना सिर स्थिर नहीं रख पाते और आपका ध्यान गोलकीपर के रिएक्शन की ओर चला ही जाता है। मेसी विश्व कप में गोल और असिस्ट करने के मामले में सबसे आगे हैं, कम से कम फ्रांस के अगले मैच तक (एमबापे के नाम इनसे बस एक गोल कम है) विश्व कप में सर्वाधिक गोल का उनका रिकॉर्ड सुरक्षित है, लेकिन अगर पेनल्टी पर उनका ये हाल जारी रहा तो अर्जेंटीना के लिए बहुत मुश्किल होने वाली है।