रियल मैड्रिड के 'आयरन डिफेंडर' जोस सैंटामारिया का निधन, दो देशों के लिए खेले और कोचिंग भी की
सैंटामारिया उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल थे, जिन्होंने रियल मैड्रिड को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ...और पढ़ें

जोस एमिलियो सैंटामारिया। इमेज- रियल मैड्रिड
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। फुटबॉल जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। रियल मैड्रिड के महान डिफेंडर और क्लब के सुनहरे दौर के अहम स्तंभ जोस एमिलियो सैंटामारिया का 96 साल की उम्र में निधन हो गया। स्पेनिश दिग्गज क्लब रियल मैड्रिड ने बुधवार को उनके निधन की पुष्टि की।
सैंटामारिया उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल थे, जिन्होंने रियल मैड्रिड को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1957 में उरुग्वे के क्लब नेशनल से मैड्रिड से जुड़ने के बाद उन्होंने क्लब के इतिहास के सबसे सफल दौर का हिस्सा बनकर कई यादगार उपलब्धियां हासिल कीं।
स्वर्णिम युग के मजबूत आधार
सैंटामारिया ने उस ऐतिहासिक टीम में खेला जिसमें अल्फ्रेडो डी स्टेफानो, फेरेन्क पुस्कास, फ्रांसिस्को जेंटो और रेमंड कोपा जैसे दिग्गज शामिल थे। क्लब अध्यक्ष फ्लोरेंटिनो पेरेज ने भी उन्हें याद करते हुए कहा कि इस टीम ने ही रियल मैड्रिड की महानता की नींव रखी। उन्होंने रियल मैड्रिड के साथ चार यूरोपियन कप (1958, 1959, 1960 और 1966) और छह ला लीगा खिताब जीते। यह उनकी शानदार विरासत को दर्शाता है।
दो देशों के लिए खेले
उरुग्वे में जन्मे सैंटामारिया ने अपने करियर की शुरुआत वहीं से की और 25 इंटरनेशनल मैच खेले। बाद में उन्होंने स्पेन की नागरिकता ली और 1962 फीफा वर्ल्ड कप में स्पेन के लिए खेले। खेल करियर के बाद उन्होंने कोचिंग में भी हाथ आजमाया और 1982 वर्ल्ड कप में स्पेन की टीम के कोच बने। जोस सैंटामारिया का जाना फुटबॉल के एक युग का अंत है। उनके योगदान और उपलब्धियां हमेशा खेल प्रेमियों के दिलों में जिंदा रहेंगी।
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