कोरोना संक्रमित रह चुके लोगों को सता रहा ब्लैक फंगस का खतरा, जानें क्या कह रहे हैं डॉक्टर ?
अंबाला के नारायणगढ़ वासी 40 वर्षीयु पुरुष में संदिग्ध ब्लैक फंगस की आशंका को देखते हुए डॉक्टर ने बायोप्सी जांच के लिए नमूना लैब भेजा है। अब रिपोर्ट आने के बाद अगर ब्लैक फंगस की पुष्टि होती है तो अगले सप्ताह मरीज का ऑपरेशन करने की योजना है।

अंबाला, जागरण संवाददाता। कोरोना संक्रमित रहने वालों में प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से अब ब्लैक फंगस का खतरा सताने लगा है। अंबाला के कैंट सिविल अस्पताल में सितंबर 2022 में 35 वर्षीय सोनू मूल रूप से कुरुक्षेत्र के इस्माइलाबाद का निवासी का ऑपरेशन कर फंगस निकाला जा चुका है। इसी तरह अंबाला के नारायणगढ़ वासी 40 वर्षीयु पुरुष में संदिग्ध ब्लैक फंगस की आशंका को देखते हुए डॉक्टर ने बायोप्सी जांच के लिए नमूना लैब भेजा है। अब रिपोर्ट आने के बाद अगर ब्लैक फंगस की पुष्टि होती है तो अगले सप्ताह मरीज का ऑपरेशन करने की योजना है।
ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट का इंतजार
ब्लैक फंगस का आखिरी मामला सितंबर 2022 में डिटेक्ट हुआ। मूल रुप से कुरुक्षेत्र इस्माइलाबाद में ठसका वासी सोनू का ऑपरेशन नागरिक अस्पताल छावनी में हुआ। इसके बाद से कई संदिग्ध मरीज पहुंचे, जिनके नमूनों की जांच लैब में कराई गई। जांच रिपोर्ट में फंगस की पुष्टि न होने पर चिकित्सकों ने उपचार किया। अब एक ब्लैक फंगस का संदिग्ध मरीज नारायणगढ़ से उपचार कराने के लिए नगारिक अस्पताल छावनी पहुंचा, जिसकी रिपोर्ट के बाद चिकित्सक उच्चाधिकारियों को सूचित करने के बाद ऑपरेशन करेंगे।
क्या कहते हैं डॉक्टर ?
नागरिक अस्पताल के डेंटल सर्जन डॉ. गौरव शर्मा ने बताया कि नारायणगढ़ से आए व्यक्ति में ब्लैक फंगस के संक्रमण की आशंका है। रिपोर्ट आने के बाद आगे ऑपरेशन तय किया जाएगा। यह मरीज भी कोरोना संक्रमित रह चुका है। जो संक्रमित रह चुका है उसमें अगर प्रतिरोधक क्षमता कम होती है तो ब्लैक फंगस का खतरा अधिक होने की संभावना होती है।
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