गुरुग्राम में ICICI बैंक का सहायक मैनेजर गिरफ्तार, सैकड़ों ग्राहकों की जानकारी ठगों को बेची
गुरुग्राम में एक युवक को क्रेडिट कार्ड बनवाने के बाद कई बैंकों से फोन आने लगे। साइबर पुलिस ने जांच में पाया कि आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग से ग्राहकों का डेटा बेचा गया था। पुलिस ने पुणे स्थित बैंक शाखा के सहायक मैनेजर वेद प्रकाश को गिरफ्तार किया है जो पिछले तीन साल से कार्यरत है। पूछताछ में पता चला कि वह कॉल सेंटरों को डेटा बेचते थे।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। नए गुरुग्राम में रहने वाले एक युवक ने जनवरी 2025 में आईसीआईसीआई बैंक से क्रेडिट कार्ड बनवाया। इसके बाद उसे कई बैंकों और कॉल सेंटरों से क्रेडिट कार्ड व अन्य बैंकिंग सुविधाओं के लिए फोन आने शुरू हो गए। इस बारे में उसने साइबर थाना ईस्ट में केस दर्ज कराया। जांच में पाया गया कि आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट से उसके समेत सैकड़ों ग्राहकों का डाटा बेचा गया। पुलिस ने गुरुवार को बैंक की पुणे स्थित मुख्य शाखा में काम करने वाले क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट के सहायक मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, उससे पूछताछ जारी है।
13 जनवरी को केस दर्ज कराया
एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान ने बताया कि पकड़े गए आरोपित की पहचान मूलत: उत्तराखंड के झुमरी तलैया के रहने वाले वेद प्रकाश के रूप में की गई। उसने एमबीए की पढ़ाई की है। डाटा लीक करने के मामले में साइबर थाना ईस्ट में युवक ने 13 जनवरी को केस दर्ज कराया था।
सौरभ द्विवेदी को पकड़ा गया
गुरुग्राम साइबर पुलिस जांच में जुटी थी। सबसे पहले इस मामले में पुणे में एक कॉल सेंटर चलाने वाले शरद नाम के व्यक्ति को पकड़ा गया था। उसने उन लोगों के बारे में जानकारी दी थी जो उसे क्रेडिट कार्ड का डाटा देते थे। इसके बाद इसी केस में एचडीएफसी बैंक में काम करने वाले सौरभ द्विवेदी को पकड़ा गया।
पिछले तीन साल से काम कर रहा
प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने बीते दिनों वेदप्रकाश से पूछताछ की। इसे गुरुवार को गुरुग्राम लाया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह आईसीआईसीआई बैंक की पुणे स्थित मुख्य शाखा में सहायक मैनेजर (क्रेडिट कार्ड) के पद पर कार्य करता है। वह इस बैंक में पिछले तीन साल से काम कर रहा है। सौरभ द्विवेदी और यह दोनों दोस्त हैं। इनके बीच ग्राहकों की जानकारी का आदान-प्रदान चलता था।
39 बैंक कर्मचारी गिरफ्तार
इसके बाद इन दोनों ने मिलकर कॉल सेंटरों को ग्राहकों का डाटा बेचा। अभी तक वेदप्रकाश ने कुल ढाई सौ ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड का डाटा बेचने की जानकारी दी है। एसीपी ने बताया कि फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है।
इसके बैंक खातों की जांच की जाएगी। यह भी पता किया जाएगा कि यह कितने रुपये में डाटा बेचता था। बैंक हेडक्वार्टर से इस बारे में पत्राचार भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दो सालों में विभिन्न मामलों की जांच के दौरान अब तक 39 बैंक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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