पंचकूला नगर निगम 160 करोड़ घोटाला: मास्टरमाइंड पुष्पिंद्र के अधिकारियों और नेताओं से थे संबंध, तलाश में जुटी पुलिस
पंचकूला नगर निगम के 160 करोड़ रुपये के एफडी गबन मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। कथित मास्टरमाइंड, कोटक महिंद्रा बैंक के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिं ...और पढ़ें

मास्टरमाइंड पुष्पिंद्र के अधिकारियों और नेताओं से थे संबंध। फाइल फोटो
राजेश मलकानियां, पंचकूला। नगर निगम पंचकूला के 160 करोड़ रुपये के एफडी गबन मामले में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इस सनसनीखेज घोटाले का कथित मास्टरमाइंड, कोटक महिंद्रा बैंक का डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट पुष्पिंद्र सिंह अभी भी एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की पकड़ से बाहर है।
उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन अब आशंका जताई जा रही है कि वह देश छोड़कर फरार भी हो सकता है। एसीबी सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी दिलीप राघव ने रिमांड के दौरान चौंकाने वाला खुलासा करते हुए पुष्पिंद्र सिंह को पूरे खेल का मास्टरमाइंड बताया है।
बताया जा रहा है कि पुष्पिंद्र का सीधा संपर्क सह-आरोपी रजत से था, जो इस घोटाले में अहम कड़ी माना जा रहा है। रजत के खाते में नगर निगम पंचकूला के 70 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए थे। इस मामले में एक महिला की भी एसीबी को तलाश है, जिसके खाते में लग्जरी लाइफ और रसूख का खेल रजत की जीवनशैली भी जांच के घेरे में है। वह लग्जरी गाड़ियों में घूमता था और इलाके में रौब झाड़ना उसकी आदत बन चुकी थी।
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बैंक सूत्र बताते हैं कि उसके कई बड़े अधिकारियों और नेताओं से भी संबंध थे। सत्तारूढ़ और विपक्ष के कई नेताओं को उसके साथ देखा जा चुका है। पंजाब के आईपीएस अधिकारी को वह अपना बड़ा भाई बताता था। सेक्टर-2 पंचकूला में उसका काफी बड़ा घर भी है।
बैंक कर्मचारियों के मुताबिक, पुष्पिंद्र सिंह के साथ पंजाब पुलिस के जवान तैनात रहते थे और वह हर समय पिस्टल लेकर चलता था, जिससे उसके प्रभाव और पहुंच का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सरहिंद से एक और गिरफ्तारी, करोड़ों का ट्रेल
इस हाई-प्रोफाइल मामले में एसीबी ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए सरहिंद से कपिल (पुत्र लज्जा राम), निवासी राजपुरा (पंजाब) को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि नगर निगम के खाते से करीब 2.36 करोड़ रुपये कपिल के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे।
पुलिस के अनुसार, कपिल का सीधा संबंध पहले से गिरफ्तार आरोपित रजत से है। रजत फिलहाल पुलिस रिमांड पर है और उससे गहन पूछताछ जारी है। खुलासा हुआ है कि नगर निगम के खाते से करीब 70 करोड़ रुपये रजत के अकाउंट में डाले गए थे।
सुनियोजित साजिश या बड़ा सिंडिकेट?
प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया है कि नगर निगम के फंड को सुनियोजित तरीके से निजी खातों में ट्रांसफर किया गया। अब एसीबी इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। सवाल यह है कि इस खेल में और कितने चेहरे शामिल हैं और पैसा किन-किन रास्तों से घूमाया गया।
एसीबी की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और कई संदिग्धों को रडार पर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
एक आरोपी की मौत, फिर भी जांच जारी
इस मामले में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब राजपुरा निवासी विनोद, जिसके खाते में भी रकम ट्रांसफर हुई थी, की 17 अगस्त 2024 को मौत हो चुकी है। पुलिस ने उसका डेथ सर्टिफिकेट हासिल कर लिया है, लेकिन उसकी भूमिका की जांच अभी भी जारी है।
कोर्ट में पेश होगा आरोपी
गिरफ्तार आरोपी कपिल को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूरे सिंडिकेट का खुलासा करने की कोशिश करेगी। वहीं, फरार मास्टरमाइंड पुष्पिंद्र सिंह की तलाश तेज कर दी गई है।
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