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    गांवों के पेयजल में पता लगाएंगे रासायनिक तत्वों की मौजूदगी, सरकार ने की शुरुआत

    Updated: Thu, 01 May 2025 05:22 PM (IST)

    रेवाड़ी में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पेयजल में रासायनिक तत्वों की जांच के लिए मोबाइल लैब शुरू की है। यह वैन जिले की 208 गांवों में जाकर पानी के नमूने लेगी और मौके पर ही रासायनिक तत्वों की जाँच करेगी। इससे गांवों में पेयजल की गुणवत्ता सुधरने की उम्मीद है।

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    हरियाणा के सभी गांवों के पानी में रासायनिक तत्वों की होगी जांच, रेवाड़ी के गांवों के लिए मोबाइल लैब रवाना।

    जागरण संवाददाता, रेवाड़ी: गांवों में शुद्ध पेयजल मिलना बड़ी समस्या है। पेयजल में रासायनिक तत्वों की मौजूदगी से ग्रामीण बीमार हो रहे हैं। ऐेसे में सरकार ने जल जनित बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही प्रदेश के सभी गांवों के पेयजल में रासायनिक तत्वों की मौजूदगी का पता लगाने की कवायद शुरू की है। रेवाड़ी के गांवों में जांच शुरू कर दी गई है।

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    एक दिन में सात से आठ गांवों में की जाएगी पेयजल के सैंपल लेकर जांच

    जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग प्रदेश के सभी जिलों में पेयजल जांच करेगा। इसके लिए एक मोबाइल लैब की शुरुआत की गई है, जो गांव-गांव जाकर पेयजल के सैंपल लेकर रासायनिक तत्वों की मौके पर ही जांच करेगी।एक दिन में सात से आठ गांवों में पेयजल के सैंपल लेकर जांच की जाएगी। 

    रेवाड़ी के सभी 208 गांवों तक 31 मई तक पहुंचेगी मोबाइल लैब 

    जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जिला सलाहकार योगेंद्र परमार ने बताया कि मोबाइल लैब का मुख्य उद्देश्य जल की गुणवत्ता को बेहतर करने के साथ ही गांव वासियों को जागरूक भी करना है। यह मोबाइल लैब रेवाड़ी के सभी 208 गांवों तक 31 मई तक पहुंचेगी। पेयजल स्रोतों की जांच करेगी।

    एक गांव से पेयजल का सिर्फ एक ही नमूना लिया जाएगा 

    एक ग्राम पंचायत से केवल एक पेयजल नमूना लिया जाएगा। जांच का परिणाम भारत सरकार और विभाग की वेबसाइट पर भी अपडेट किया जाएगा। यह काम पहले उन ग्राम पंचायतों में किया जाएगा, जहां प्री-मानसून केमिकल जांच होना अभी बाकी है, मोबाइल लैब के साथ जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के खंड संसाधन समन्वयक ,जिला जल जांच प्रयोगशाला सहायक व अन्य अधिकारी साथ रहेंगे। 

    पानी में इन रासायनिक तत्वों की होगी जांच

    जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के केमिस्ट दिलबाग सिंह ने बताया कि मोबाइल लैब में जांच के दौरान पेयजल में पीएच, एलक्लेनिटी, टीडीएस, हार्डनेस, रेजिड्यूअल क्लोरीन, जिंक, नाइट्राइट फ्लोराइड, टरबिडिटी, माइक्रो बायोलाजिकल आदि की जांच की जाएगी।

    पीने के पानी में केमिकल की जांच और आमजन को पानी की शुद्धता के प्रति सजग करने के लिए मोबाइल लैब गांव-गांव जांच करेगी। केमिकल मानक के मुताबिक नहीं मिले तो रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, जो शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आगे की कार्रवाई करेंगे।

    - सतीश राठी, अधीक्षण अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग